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एमपी: शहडोल में भरभराकर गिरा कच्चा मकान, अंदर सो रहा था पूरा परिवार; अलमारी पर टिकी बल्ली बनी ‘रक्षक’
Thu, 03 Sep 2026 10:31 AM IST
शहडोल ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
Published by: शहडोल ब्यूरो
Updated Thu, 03 Sep 2026 10:31 AM IST
सार
शहडोल के धनपुरी थाना क्षेत्र में गुरुवार तड़के लगातार बारिश के बीच एक कच्चा मकान भरभराकर गिर गया। हादसे के समय घर में पूरा परिवार सो रहा था। गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। छानी की बल्ली अलमारी पर टिक जाने से मलबे का पूरा भार परिवार पर नहीं गिरा। स्थानीय लोगों ने मलबे में फंसे परिवार को सुरक्षित बाहर निकाला।
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बारिश के बीच भरभराकर गिरा मकान
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
शहडोल जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच कच्चे मकानों के गिरने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। गुरुवार तड़के धनपुरी थाना क्षेत्र में काली मंदिर के पास एक कच्चा मकान अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे के समय घर के अंदर पूरा परिवार सो रहा था। गनीमत रही कि हादसे में किसी की जान नहीं गई। परिवार के कुछ सदस्यों को मामूली चोटें आई हैं।
सुबह पांच बजे भरभराकर गिरा मकान का हिस्सा
जानकारी के अनुसार, राजमिस्त्री संतोष वर्मन अपनी पत्नी और दो वर्षीय पोते के साथ घर के एक कमरे में सो रहे थे। परिवार के अन्य सदस्य दूसरे कमरे में सोए हुए थे। तड़के करीब पांच बजे अचानक मकान का हिस्सा गिर गया। तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और मलबे में फंसे परिवार के सदस्यों को बाहर निकाला। स्थानीय लोगों के अनुसार, हादसे के दौरान घर की छानी में लगी एक बल्ली कमरे के अंदर रखी अलमारी पर टिक गई। इससे मलबे का पूरा भार सीधे परिवार के ऊपर नहीं गिरा और तीनों लोग सुरक्षित बाहर निकल सके। हादसे के बाद मौके पर पहुंचे लोगों ने इसे ‘जाको राखे साइयां, मार सके न कोय’ का उदाहरण बताया।
लगातार बारिश से मकान कमजोर
जिले में पिछले करीब एक सप्ताह से रिमझिम बारिश का दौर जारी है। लगातार बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं और कई इलाकों में कच्चे मकानों के गिरने का खतरा बढ़ गया है। इसी बारिश के बीच धनपुरी में यह हादसा हुआ। हादसे की जानकारी मिलने पर वार्ड पार्षद सुकृति सिंह और उनके पति समाजसेवी एसपी सिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने नगर पालिका के अधिकारियों से बातचीत कर पीड़ित परिवार को जल्द सहायता राशि दिलाने की प्रक्रिया शुरू कराई। पार्षद ने कहा कि परिवार को हरसंभव मदद दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
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ये भी पढ़ें- उज्जैन: सिंहस्थ 2028 में सेना की हाईटेक एंट्री, एआई कैमरे और एंटी-हैकिंग सिस्टम से होगी श्रद्धालुओं की सुरक्षा
बता दें कि, जिले में लगातार बारिश के चलते बाणसागर बांध के आठ गेट भी खोले गए थे। प्रशासन लगातार नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए है।
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सुबह पांच बजे भरभराकर गिरा मकान का हिस्सा
जानकारी के अनुसार, राजमिस्त्री संतोष वर्मन अपनी पत्नी और दो वर्षीय पोते के साथ घर के एक कमरे में सो रहे थे। परिवार के अन्य सदस्य दूसरे कमरे में सोए हुए थे। तड़के करीब पांच बजे अचानक मकान का हिस्सा गिर गया। तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और मलबे में फंसे परिवार के सदस्यों को बाहर निकाला। स्थानीय लोगों के अनुसार, हादसे के दौरान घर की छानी में लगी एक बल्ली कमरे के अंदर रखी अलमारी पर टिक गई। इससे मलबे का पूरा भार सीधे परिवार के ऊपर नहीं गिरा और तीनों लोग सुरक्षित बाहर निकल सके। हादसे के बाद मौके पर पहुंचे लोगों ने इसे ‘जाको राखे साइयां, मार सके न कोय’ का उदाहरण बताया।
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लगातार बारिश से मकान कमजोर
जिले में पिछले करीब एक सप्ताह से रिमझिम बारिश का दौर जारी है। लगातार बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं और कई इलाकों में कच्चे मकानों के गिरने का खतरा बढ़ गया है। इसी बारिश के बीच धनपुरी में यह हादसा हुआ। हादसे की जानकारी मिलने पर वार्ड पार्षद सुकृति सिंह और उनके पति समाजसेवी एसपी सिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने नगर पालिका के अधिकारियों से बातचीत कर पीड़ित परिवार को जल्द सहायता राशि दिलाने की प्रक्रिया शुरू कराई। पार्षद ने कहा कि परिवार को हरसंभव मदद दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
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बता दें कि, जिले में लगातार बारिश के चलते बाणसागर बांध के आठ गेट भी खोले गए थे। प्रशासन लगातार नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए है।
