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एमपी में युवाओं के लिए बड़ा प्लान: 2027 ‘युवा वर्ष’, हर जिले में फ्री कोचिंग,अगले साल दो एमपीपीएससी की परीक्षा
Tue, 06 Oct 2026 01:03 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Tue, 06 Oct 2026 01:03 PM IST
सार
सीएम यूथ कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने युवाओं के लिए कई बड़े ऐलान किए और 2027 को ‘युवा वर्ष’ के रूप में मनाने की घोषणा की। हर जिले में फ्री कोचिंग, रिसर्च राशि 25 हजार, एआई लैब, 5 करोड़ का आइडिया फंड और अतिरिक्त एमपीपीएससी परीक्षा का भी आयोजन किया जाएगा।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
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मध्यप्रदेश के युवाओं के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंगलवार को कई बड़े ऐलान किए। लाल परेड ग्राउंड में आयोजित सीएम यूथ कॉन्क्लेव-2026 में मुख्यमंत्री ने कहा कि 2027 को मध्यप्रदेश में ‘युवा वर्ष’ के रूप में मनाया जाएगा। इस दौरान युवाओं से सुझाव लेकर नई योजनाओं को जमीन पर उतारने की बात भी कही। कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री ने युवाओं से औपचारिक भाषण की बजाय बड़े भाई की तरह बातचीत की। युवाओं के सवालों के जवाब दिए और एक के बाद एक कई घोषणाएं कीं। सबसे बड़ा ऐलान प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए रहा। सरकार अब हर जिले के सभी शासकीय कॉलेजों में मुफ्त कोचिंग क्लास शुरू करने की व्यवस्था करेगी।
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हर जिले में प्रतियोगी परीक्षाओं की फ्री कोचिंग
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को अब कोचिंग के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। प्रत्येक जिले के शासकीय महाविद्यालयों में निःशुल्क कोचिंग क्लास शुरू की जाएंगी। युवाओं के बीच यह घोषणा करते हुए सीएम ने कहा कि यह सुविधा उनके अपने भविष्य के लिए है। उन्होंने युवाओं से इस घोषणा पर तालियां बजाने को भी कहा।
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रिसर्च की राशि 16 से बढ़ाकर 25 हजार
रिसर्च करने वाले युवाओं के लिए भी मुख्यमंत्री ने बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग के माध्यम से मिलने वाली रिसर्च राशि को 16 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रति माह किया जाएगा।इसके अलावा विश्वविद्यालयों में शोध को बढ़ावा देने के लिए एक करोड़ रुपये का शोध सहायता फंड बनाया जाएगा। यह राशि चरणबद्ध तरीके से विश्वविद्यालय निधि के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।
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हर सरकारी कॉलेज में एआई और एडवांस कंप्यूटिंग लैब
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी शासकीय महाविद्यालयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एडवांस कंप्यूटिंग लैब स्थापित की जाएंगी। इससे विद्यार्थियों को नई तकनीक के साथ पढ़ाई, रिसर्च और रोजगार के अवसरों से जोड़ने की तैयारी है।
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स्टार्टअप के लिए 5 करोड़ का आइडिया फंड
युवाओं के नए आइडिया को कारोबार में बदलने के लिए सरकार 5 करोड़ रुपये का राज्य स्तरीय आइडिया फंड बनाएगी। इसका इस्तेमाल अच्छे इनोवेशन और स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं को सहायता देने के लिए किया जाएगा। यानी सरकार का फोकस सिर्फ नौकरी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि युवाओं को आइडिया से स्टार्टअप और स्टार्टअप से रोजगार की दिशा में आगे बढ़ाने पर भी रहेगा।
1 लाख युवाओं को स्किल अपग्रेडेशन से जोड़ने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार एक लाख युवाओं को कौशल उन्नयन से जोड़ेगी। वहीं युवाओं के प्लेसमेंट के लिए एक एजेंसी तय कर व्यवस्थित तरीके से काम करने की घोषणा भी की गई। यह व्यवस्था कॉलेज और स्कूल स्तर पर युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ने के लिए काम करेगी।
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एमपीपीएससी में अगले साल एक अतिरिक्त परीक्षा
‘युवा वर्ष’ को लेकर मुख्यमंत्री ने एक और बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि सामान्य वार्षिक एमपीपीएससी परीक्षा के अलावा अगले साल एक विशेष परीक्षा आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने इसे देश में पहली बार होने वाला प्रयास बताया। इसके साथ ही युवाओं को अगले साल के लिए सुझाव देने का मौका भी मिलेगा। सरकार पोर्टल के माध्यम से युवाओं से सुझाव लेगी और उनका मूल्यांकन कर उपयुक्त योजनाओं को जमीन पर लागू करने का प्रयास करेगी।
12 नए मेडिकल कॉलेज और 12 नई यूनिवर्सिटी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अगले साल 12 नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे। इसके साथ ही 12 नई यूनिवर्सिटी भी स्थापित की जाएंगी। इनमें रोजगार से जुड़े पाठ्यक्रमों पर विशेष फोकस रहेगा।
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बेटियों और कामकाजी महिलाओं के लिए भी घोषणाएं
‘गांव की बेटी’ और ‘प्रतिभा किरण’ योजना का दायरा स्नातकोत्तर स्तर की छात्राओं तक बढ़ाने की बात मुख्यमंत्री ने कही। इसके अलावा प्रदेश के हर संभाग में कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास बनाने की घोषणा की गई।
अगले साल फिर होगा जीआईएस
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अगले वर्ष भोपाल में जीआईएस का फिर आयोजन किया जाएगा। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में रोजगार देने वाले नए प्रकार के उद्योगों को प्रदेश में लाने पर फोकस रहेगा। युवाओं को सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने के लिए प्रदेश में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) की 500 नई इकाइयां बनाने की भी घोषणा की गई।
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हर जिले में प्रतियोगी परीक्षाओं की फ्री कोचिंग
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को अब कोचिंग के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। प्रत्येक जिले के शासकीय महाविद्यालयों में निःशुल्क कोचिंग क्लास शुरू की जाएंगी। युवाओं के बीच यह घोषणा करते हुए सीएम ने कहा कि यह सुविधा उनके अपने भविष्य के लिए है। उन्होंने युवाओं से इस घोषणा पर तालियां बजाने को भी कहा।
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रिसर्च की राशि 16 से बढ़ाकर 25 हजार
रिसर्च करने वाले युवाओं के लिए भी मुख्यमंत्री ने बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग के माध्यम से मिलने वाली रिसर्च राशि को 16 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रति माह किया जाएगा।इसके अलावा विश्वविद्यालयों में शोध को बढ़ावा देने के लिए एक करोड़ रुपये का शोध सहायता फंड बनाया जाएगा। यह राशि चरणबद्ध तरीके से विश्वविद्यालय निधि के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।
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हर सरकारी कॉलेज में एआई और एडवांस कंप्यूटिंग लैब
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी शासकीय महाविद्यालयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एडवांस कंप्यूटिंग लैब स्थापित की जाएंगी। इससे विद्यार्थियों को नई तकनीक के साथ पढ़ाई, रिसर्च और रोजगार के अवसरों से जोड़ने की तैयारी है।
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स्टार्टअप के लिए 5 करोड़ का आइडिया फंड
युवाओं के नए आइडिया को कारोबार में बदलने के लिए सरकार 5 करोड़ रुपये का राज्य स्तरीय आइडिया फंड बनाएगी। इसका इस्तेमाल अच्छे इनोवेशन और स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं को सहायता देने के लिए किया जाएगा। यानी सरकार का फोकस सिर्फ नौकरी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि युवाओं को आइडिया से स्टार्टअप और स्टार्टअप से रोजगार की दिशा में आगे बढ़ाने पर भी रहेगा।
1 लाख युवाओं को स्किल अपग्रेडेशन से जोड़ने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार एक लाख युवाओं को कौशल उन्नयन से जोड़ेगी। वहीं युवाओं के प्लेसमेंट के लिए एक एजेंसी तय कर व्यवस्थित तरीके से काम करने की घोषणा भी की गई। यह व्यवस्था कॉलेज और स्कूल स्तर पर युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ने के लिए काम करेगी।
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एमपीपीएससी में अगले साल एक अतिरिक्त परीक्षा
‘युवा वर्ष’ को लेकर मुख्यमंत्री ने एक और बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि सामान्य वार्षिक एमपीपीएससी परीक्षा के अलावा अगले साल एक विशेष परीक्षा आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने इसे देश में पहली बार होने वाला प्रयास बताया। इसके साथ ही युवाओं को अगले साल के लिए सुझाव देने का मौका भी मिलेगा। सरकार पोर्टल के माध्यम से युवाओं से सुझाव लेगी और उनका मूल्यांकन कर उपयुक्त योजनाओं को जमीन पर लागू करने का प्रयास करेगी।
12 नए मेडिकल कॉलेज और 12 नई यूनिवर्सिटी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अगले साल 12 नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे। इसके साथ ही 12 नई यूनिवर्सिटी भी स्थापित की जाएंगी। इनमें रोजगार से जुड़े पाठ्यक्रमों पर विशेष फोकस रहेगा।
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बेटियों और कामकाजी महिलाओं के लिए भी घोषणाएं
‘गांव की बेटी’ और ‘प्रतिभा किरण’ योजना का दायरा स्नातकोत्तर स्तर की छात्राओं तक बढ़ाने की बात मुख्यमंत्री ने कही। इसके अलावा प्रदेश के हर संभाग में कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास बनाने की घोषणा की गई।
अगले साल फिर होगा जीआईएस
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अगले वर्ष भोपाल में जीआईएस का फिर आयोजन किया जाएगा। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में रोजगार देने वाले नए प्रकार के उद्योगों को प्रदेश में लाने पर फोकस रहेगा। युवाओं को सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने के लिए प्रदेश में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) की 500 नई इकाइयां बनाने की भी घोषणा की गई।
