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वाहन चोरी के आरोपी की थर्ड डिग्री से मौत, परिवारीजनों का हंगामा

Tue, 22 Jan 2019 04:07 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Tue, 22 Jan 2019 04:07 PM IST
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accused of vehicle theft died in trauma center of lucknow
पकड़े जाने के दौरान स्वस्थ था रहीम - फोटो : amar ujala
लखनऊ में चौक पुलिस ने हफ्ता भर पहले जिस युवक को गिरफ्तार करके चोरी के सात वाहन बरामद किए थे उसकी सोमवार शाम ट्रॉमा सेंटर में मौत हो गई। नीले पड़े शरीर पर चोटें देख परिवारीजनों ने चौक पुलिस पर थर्ड डिग्री देने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
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कोतवाल उमेश कुमार श्रीवास्तव व गिरफ्तार करने वाली टीम पर केस दर्ज करने की मांग की। मामला गले की फांस बनते देख पुलिस ने जेल भेजने से पहले सरकारी अस्पताल में डॉक्टरी मुआयना और फोटो उजागर किए, जबकि जेल रिकॉर्ड में उसके शरीर की चोटों का ब्योरा दर्ज था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने न्यायिक जांच के आधार पर कार्रवाई की बात कही है। 
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ठाकुरगंज के बालागंज स्थित जायरा कॉलोनी निवासी रहीम अब्दुल (28) की सोमवार शाम 4:30 बजे ट्रॉमा सेंटर में मौत हो गई। उसे 14 जनवरी को चौक पुलिस ने ट्रॉमा सेंटर से चोरी हुई बाइक के साथ गिरफ्तार किया था। इसके बाद रहीम की निशानदेही पर चोरी के छह अन्य वाहन बरामद करके जेल भेजा और उसके भांजे गप्पू की तलाश में दबिश दी जा रही थी।
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दो दिन थाने में पीटने के बाद जेल भेजा

चौक पुलिस ने रहीम अब्दुल को 15 जनवरी को दोपहर 2:30 बजे ठाकुरगंज स्थित संयुक्त अस्पताल में डॉ. ए गुप्ता के समक्ष पेश किया। उन्होंने उसके शरीर पर किसी प्रकार की चोट न होने का उल्लेख करते हुए पुलिस को रिपोर्ट सौंपी। पुलिस टीम ने शाम 6:12 बजे रहीम अब्दुल को जिला कारागार पहुंचाया।

जेलकर्मियों ने शारीरिक परीक्षण में उसके कंधे, हाथ और कूल्हे की चोटों को रिकॉर्ड में दर्ज करके अंगुलियों की छाप लेकर बैरक में रवाना किया। पुलिस का झूठ सामने आते ही परिवारीजन भड़क उठे। रहीम के भाई कलीम ने पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप लगते हुए शव पर नजर आ रही चोटें दिखाईं तो रहीम की पत्नी यासीन और पांच साल का बेटा अयान, बहन शबाना बिलखने लगीं। पुलिस ने 13 को उसे ठाकुरगंज में पकड़ा था। दो दिन थाने में पीटने के बाद जेल भेजा। 

जेल पहुंचते ही बिगड़ने लगी थी हालत

जिला कारागार के रिकॉर्ड के मुताबिक, रहीम अब्दुल को 15 जनवरी की देरशाम बैरक में बंद किया गया। वहां उसकी हालत बिगड़ने लगी। शरीर को झटके लेते देख अन्य बंदियों ने जेलकर्मियों को जानकारी दी और अगलेे दिन उसे जेल अस्पताल में भर्ती किया गया।

हालत में सुधार न होते देख जेल के डॉक्टर ने रहीम अब्दुल को शनिवार को बलरामपुर अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। वहां भी हालत बिगड़ती गई और सोमवार को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। वहां उसकी मौत हो गई। थाने में थर्ड डिग्री के आरोपों से घिरे पुलिसकर्मियों का कहना है कि जेल में रहीम अब्दुल को मिर्गी के दौरे पड़े थे और जेल के डॉक्टर ने दौरे का ही इलाज किया था।

आरोप गलत
रहीम अब्दुल के कब्जे से चोरी के सात वाहन बरामद होने पर उसकी फोटो और वीडियोग्राफी कराई गई थी। वीडियो क्लिप में वह अच्छी तरह से चलते और बातचीत करते नजर आ रहा है। संभव है कि जेल में किसी बंदी से झगड़ा व मारपीट हुई हो। जांच में सच सामने आ जाएगा। - विकास चंद्र त्रिपाठी, अपर पुलिस अधीक्षक नगर पश्चिम

जेल में घुसते ही दिखाई थीं चोटें

रहीम अब्दुल ने 15 जनवरी की शाम 6:12 बजे जेल के भीतर दाखिल होते ही बंदीरक्षक को अपने शरीर की चोटें दिखाई थीं। इसका ब्योरा दर्ज करने के साथ अस्पतालकर्मियों को जानकारी दी गई थी। माना जा रहा है कि सिर पर चोट या मांसपेशियां फटने की वजह से उसे मिर्गी जैसे झटके आ रहे थे। हालत खराब देखकर उसे जेल अस्पताल मेें भर्ती किया गया। इसके बाद बलरामपुर अस्पताल भेजा गया था। रहीम अब्दुल का जेल में किसी बंदी से झगड़ा या पिटाई नहीं की गई। - उमेश श्रीवास्तव, उपमहानिरीक्षक कारागार  

न्यायिक जांच के आधार पर होगी कार्रवाई 

चौक पुलिस ने रहीम अब्दुल को गिरफ्तार करके चोरी के सात वाहन बरामद किए थे। सरकारी अस्पताल में डॉक्टरी मुआयना कराने के बाद मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। वहां से उसे जेल भेजा गया। चिकित्सकीय परीक्षण में रहीम अब्दुल के शरीर पर कोई चोट नहीं थी और न ही उसने किसी चोट या दर्द के बारे में डॉक्टर को जानकारी दी। मजिस्ट्रेट के समक्ष भी किसी चोट का जिक्र नहीं किया। जेल के डॉक्टर ने भी मिर्गी का इलाज किया। डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराने के साथ उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग के आदेश दिए गए हैं। बंदी की मौत पर न्यायिक जांच का प्रावधान है। उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। - कलानिधि नैथानी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक
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