Pahalgam: आतंकी हमले के बाद बेताब घाटी में बढ़ाई गई चौकसी, सैलानियों की आएगी बहार, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
बेताब घाटी 17 जून से फिर से खोली जाएगी, सुरक्षा एजेंसियों ने गश्त और ड्रोन निगरानी तेज कर दी है। पर्यटकों की सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं और आमजन से सतर्क रहने का आग्रह किया गया है।
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बायसरन में हाल ही में हुए आतंकी हमले के बाद बंद की गई बेताब घाटी को 17 जून से दोबारा खोलने की तैयारी तेज हो गई है। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है। सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और सामान्य स्थिति बहाल करने व जनता का विश्वास फिर से बनाने के लिए कड़े कदम उठा रही हैं।
रविवार को आईटीबीपी के जवान निगरानी और सैनिटाइजेशन उपकरणों के साथ बेताब घाटी और आसपास के जंगली क्षेत्रों में सक्रिय नजर आए। ड्रोन से निगरानी और उन्नत संचार प्रणालियों की मदद से किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है। यह अभियान अमरनाथ यात्रा 2025 और पर्यटक सीजन को ध्यान में रखते हुए बहु-एजेंसी सुरक्षा योजना के तहत चलाया जा रहा है।
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अधिकारियों ने कहा है कि घाटी में सामान्य स्थिति बहाल करने के प्रयास लगातार जारी हैं और सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए जा रहे हैं। पर्यटकों से आग्रह किया गया है कि वे सतर्क रहें और सभी सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करें।
उप राज्यपाल मनोज सिन्हा द्वारा पार्कों और बेताब घाटी को फिर से खोलने की घोषणा के बाद स्थानीय लोगों में उत्साह है। रविवार को अनंतनाग पहुंचे झारखंड के पर्यटकों का स्थानीय लोगों ने पारंपरिक अंदाज में फूल मालाएं पहनाकर स्वागत किया। स्थानीय नागरिकों ने कहा कि घाटी पूरी तरह सुरक्षित है और यहां के लोग पर्यटकों को दिल से अपनाते हैं। वहीं, पर्यटकों ने कहा कि पहलगाम की प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण उन्हें खूब पसंद आया है।
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