Pahalgam Terror Attack: आतंकी हमले के डेढ़ महीने बाद भी सूना पड़ा पहलगाम, 90% होटल बुकिंग रद्द, बाजार सुनसान
पहलगाम में आतंकी हमले के डेढ़ महीने बाद भी पर्यटकों की भारी कमी के कारण पर्यटन उद्योग लगभग ठप पड़ा है, जिससे हजारों लोगों की आजीविका संकट में है। स्थानीय लोग पर्यटकों से कश्मीर आने की अपील कर रहे हैं ताकि क्षेत्र की आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके।
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दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले को करीब डेढ़ महीना बीत चुका है, लेकिन घाटी की फिजा में अब भी सन्नाटा पसरा हुआ है। पहलगाम की सड़कों पर चहल-पहल नदारद है, होटल खाली पड़े हैं और दुकानों पर बैठे लोग किसी आने वाले सैलानी की राह तकते नजर आते हैं।
हमले के बाद पर्यटकों के आगमन में 90 फीसदी तक गिरावट आई है और इसका सीधा असर स्थानीय पर्यटन व्यवसाय पर पड़ा है।पहलगाम पहुंचने पर रंगबिरंगे अक्षरों में सजे ‘पहलगाम’ बोर्ड के पास कुछ पर्यटक जरूर तस्वीरें खींचते दिख जाते हैं, लेकिन जैसे ही बाजार की ओर बढ़ते हैं, सुनसान सड़कें दिखती हैं।
स्थानीय दुकानदार सालिक मोहम्मद मायूस स्वर में कहते हैं कि क्या करें, यह हमारी बदकिस्मती है। आतंकियों ने जो दाग लगाया है, उसे मिटाने में न जाने कितना वक्त लगेगा। हम विरोध में सड़कों पर भी उतरे, लेकिन विश्वास बहाली में वक्त लगेगा। उन्होंने कहा कि यहां कुछ पर्यटक आ रहे हैं, लेकिन रात में बहुत कम रुक रहे हैं। दिन में करीब 100-200 लोग आते हैं, जिनमें कुछ स्थानीय भी होते हैं। स्थानीय लोग अपील कर रहे हैं कि पर्यटक कश्मीर आएं और इस मुश्किल घड़ी में साथ दें।
पर्यटन पर टिका 20 हजार लोगों का भविष्य संकट में
गुजरात से आए एक पर्यटक दल की सदस्य गीतिका कहती हैं कि मैं तीन साल पहले भी यहां आई थी, तब भीड़ उमड़ी रहती थी। आज ऐसा लग रहा है मानो यह वो पहलगाम ही नहीं है। होटल भी लगभग खाली हैं, रेस्टोरेंट बंद पड़े हैं, लेकिन सुरक्षा को लेकर कोई डर नहीं लगा।
लोगों को यहां आना चाहिए और कश्मीर के लोगों का साथ देना चाहिए।स्थानीय कारोबारियों के अनुसार, पर्यटन पर निर्भर करीब 20 हजार लोगों की आजीविका पर गहरा असर पड़ा है। पहले जहां प्रतिदिन 15,000 तक पर्यटक आते थे, अब यह संख्या गिरकर 10 प्रतिशत पर सिमट गई है।
होटल मालिक, टैक्सी चालक, घोड़ेवाले, एटीवी ऑपरेटर, दुकानदार सभी इस मंदी की मार झेल रहे हैं। होटल व्यवसायी बिलाल अहमद ने बताया कि हमले के बाद पहलगाम जैसे खाली हो गया। इस समय हम पिछले साल से ज्यादा पर्यटकों की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन हुआ उल्टा। 90 फीदसी तक बुकिंग रद्द हुई है और कई होटल व रेस्टोरेंट बंद पड़े हैं।
नाम न बताने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि अब तक का आर्थिक नुकसान हजारों करोड़ रुपये में आंका जा रहा है। कुछ पर्यटक लौटने लगे हैं, लेकिन संख्या काफी कम है। स्थानीय प्रशासन पर्यटन स्थलों को फिर से खोलकर सकारात्मक संदेश देने की कोशिश कर रहा है। पर्यटन से जुड़े हितधारकों ने भी भारी छूट जैसे कदमों की घोषणा कर पुनर्जीवन की उम्मीद जताई है।
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