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आस्था के महाकुंभ में मौसम भी रहा मेहरबान
Updated Sun, 16 Sep 2018 10:44 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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भरमौर (चंबा)। आस्था के महाकुंभ में रविवार को मौसम भी शिव भक्तों पर मेहरबान रहा। मौसम साफ रहने और धूप खिले से हजारों शिव भक्तों ने बड़े शाही स्नान के दौरान पवित्र डल में डुबकी लगा पुण्य कमाया। हालांकि, दो दिनों तक मौसम खराब रहने और पवित्र डल से लेकर गौरीकुंड तक दो से तीन इंच तक ताजा हिमपात हुआ था।
इस कारण क्षेत्र में कड़ाके ही ठंड पड़ रही है। ऐसे में रविवार को होने वाले बड़े शाही स्नान के लिए भगवान शंकर के प्रति शिव भक्तों की श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का ही नतीजा रहा कि हजारों श्रद्धालुओं ने पवित्र डल में डुबकी लगाई। इस दौरान भक्तों ने भोले बाबा के जयकारों से पूरा कैलाश क्षेत्र गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने राधा अष्टमी के उपलक्ष्य पर स्नान करके खूब को धन्य भागी माना। शाही स्नान में चंबा समेत प्रदेश और देश के कोने कोने से भक्तों ने भाग लिया। इस दौरान सुबह से ही भक्त कठिन चढ़ाई चढ़कर डल झील तक पहुंचे। गौरतलब हो कि शिवनगरी भरमौर में बीते शुक्रवार और शनिवार को होने वाली रूक-रूक कर बारिश और ताजा हिमपात होने से कड़ाके की ठंड पड़ना शुरू हो गया था।
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रूक-रूक कर होने वाली बारिश और ताजा हिमपात से श्रद्धालुओं को राधा अष्टमी के उपलक्ष्य पर होने वाले बड़े शाही स्नान के दौरान भी बारिश और हिमपात होने का ही डर सता रहा था। बावजूद इसके रविवार को इसके उलट देखने को मिला। रविवार को सुबह से ही मौसम बिल्कुल साफ रहा। इसके बाद खिलकर निकलने वाली धूप ने शाही स्नान के दौरान पवित्र डल में डुबकी लगाने की इच्छा लेकर आने वाले श्रद्धालुओं के मनोबल को बढ़ाने का काम किया।
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शिव के भक्त शिव शंकर के जयकारे लगाते हुए पवित्र डल तक पहुंचें। यहां पर दोपहर बाद शाही स्नान के दौरान पवित्र डल में डुबकी लगाकर पुण्य के भागी बने। रविवार सुबह मौसम के साफ होने से करीब छह बजे से भरमौर हैलीपैड से चॉपरों ने श्रद्धालुओं को लेकर उड़ाने भरने का सिलसिला शुरू हो गया। पवित्र डल में डुबकी लगाने के बाद श्रद्धालु सर्वप्रथम डल के साथ ही स्थित चतुर्थमुखी शिवलिंग पर पूजा-अर्चना करते हैं। इसके बाद पवित्र मणि के दर्शनों की इच्छा रखने वाले श्रद्धालु पवित्र डल में रुक कर रात का इंतजार करते हैं। वहीं, शेष श्रद्धालु पवित्र डल में डुबकी लगाने के बाद चतुर्थमुखी शिवलिंग पर पूूज-अर्चना के बाद वापसी का रूख करते हैं।