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निर्माणाधीन मॉल को किया सील
सोनीपत,अमरउजाला, ब्यूरो
Updated Thu, 10 Jul 2014 12:59 AM IST
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एसडीएम के आदेश के पर शहर के सामान्य बस अड्डे के पास निर्माणाधीन मॉल को नगर परिषद की टीम ने पहुंचकर सील कर दिया।
मॉल के मालिक ने इसका नक्शा रिहायशी मकान के अनुसार नप से पास करवाया था, जबकि उसे वाणिज्यिक प्रयोग के लिए नक्शे का रूप बदल कर उसे मॉल का आकार दिया जा रहा था।
जानकारी के अनुसार सेक्टर-14 निवासी सुरेश नासा ने कुछ समय पहले अपनी जमीन पर रिहायशी मकान बनाने के लिए नगर परिषद से नक्शा पास कराया था। नक्शा पास होते ही उसने बस अड्डे के पास अपनी जमीन पर रिहायशी मकान बनाने की बजाय वाणिज्यिक प्रयोग हेतु एक मॉल का निर्माण कराना शुरू कर दिया।
यह मॉल इमेजिनेशन के नाम से खोला जा रहा था। इस मामले की सूचना नगर परिषद ने एसडीएम अमित खत्री को मिली। सूचना पर के बाद मॉल के मालिक को नोटिस दिए गये, जिसके बाद निर्माणाधीन मॉल को सील करने के आदेश दिए गए।
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इस कार्य के लिए नायब तहसीलदार रविंद्र मलिक को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया। उन्होंने नगर परिषद के अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला और निर्माणाधीन मॉल को सील कर दिया। इस मौके पर उनके साथ नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी अतरसिंह खंगवाल समेत अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे।
ईओ अतरसिंह खंगवाल ने बताया कि यह जमीन स्कीम नं. 4 में इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की जमीन है। जिस पर सुरेश नासा ने रिहायशी मकान का नक्शा पास करवाकर नक्शे के विपरीत वाणिज्यिक प्रयोग के लिए एक मॉल का निर्माण किया जा रहा था। इसके लिए मालिक सुरेश नासा को तीन बार नोटिस भी दिया गया था। लेकिन वह उस नोटिस का कोई जवाब नहीं दे सका था। उसके बाद एसडीएम अमित खत्री के आदेशानुसार मॉल को सील कर दिया गया है।
मॉल के मालिक ने इसका नक्शा रिहायशी मकान के अनुसार नप से पास करवाया था, जबकि उसे वाणिज्यिक प्रयोग के लिए नक्शे का रूप बदल कर उसे मॉल का आकार दिया जा रहा था।
जानकारी के अनुसार सेक्टर-14 निवासी सुरेश नासा ने कुछ समय पहले अपनी जमीन पर रिहायशी मकान बनाने के लिए नगर परिषद से नक्शा पास कराया था। नक्शा पास होते ही उसने बस अड्डे के पास अपनी जमीन पर रिहायशी मकान बनाने की बजाय वाणिज्यिक प्रयोग हेतु एक मॉल का निर्माण कराना शुरू कर दिया।
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यह मॉल इमेजिनेशन के नाम से खोला जा रहा था। इस मामले की सूचना नगर परिषद ने एसडीएम अमित खत्री को मिली। सूचना पर के बाद मॉल के मालिक को नोटिस दिए गये, जिसके बाद निर्माणाधीन मॉल को सील करने के आदेश दिए गए।
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इस कार्य के लिए नायब तहसीलदार रविंद्र मलिक को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया। उन्होंने नगर परिषद के अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला और निर्माणाधीन मॉल को सील कर दिया। इस मौके पर उनके साथ नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी अतरसिंह खंगवाल समेत अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे।
ईओ अतरसिंह खंगवाल ने बताया कि यह जमीन स्कीम नं. 4 में इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की जमीन है। जिस पर सुरेश नासा ने रिहायशी मकान का नक्शा पास करवाकर नक्शे के विपरीत वाणिज्यिक प्रयोग के लिए एक मॉल का निर्माण किया जा रहा था। इसके लिए मालिक सुरेश नासा को तीन बार नोटिस भी दिया गया था। लेकिन वह उस नोटिस का कोई जवाब नहीं दे सका था। उसके बाद एसडीएम अमित खत्री के आदेशानुसार मॉल को सील कर दिया गया है।