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पेशी पर नहीं पहुंचा टुंडा, अब 6 नवंबर को सुनवाई
Updated Thu, 05 Oct 2017 12:31 AM IST
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बम ब्लास्ट मामला :
पेशी पर नहीं पहुंचा टुंडा, अब 6 नवंबर को सुनवाई
-वर्ष 1996 में हुए दो बम बलास्ट के मामलों में आरोपी है टुंडा
-बहस के चलते वीडियो कांफ्रेसिंग से नहीं हो सकती सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत।
शहर में वर्ष 1996 में सिलसिलेवार दो बम धमाके करने के मामले में आरोपी आतंकी अब्दुल करीम टुंडा बुधवार को कोर्ट में नहीं पहुंच सका। जिसके चलते अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा.सुशील गर्ग की अदालत ने मामले की सुनवाई 6 नवंबर को करने का निर्णय लिया है। मामले में बहस के चलते सुनवाई वीडियो कांफ्रेसिंग से नहीं हो सकती थी।
अब्दुल करीम टुंडा पर सोनीपत में 28 दिसंबर, 1996 को बम ब्लास्ट करने का आरोप है। उस दिन शाम के समय पहला धमाका बस स्टैंड के पास स्थित तराना सिनेमा के निकट तथा दस मिनट बाद दूसरा धमाका गीता भवन चौक स्थित गुलशन मिष्ठान भंडार के पास हुआ था। धमाके में करीब एक दर्जन लोग घायल हुए थे। पुलिस ने इस संबंध में इंदिरा कालोनी निवासी सज्जन सिंह के बयान पर मामला दर्ज किया था। सज्जन सिंह ने बताया था कि वह अपने साथी अनिल के साथ फिल्म देखने आया था। इसी दौरान हुए धमाके में वह तथा 11 अन्य लोग घायल हुए थे। पुलिस ने इस संबंध में तीन आरोपियों पिलखुवा- हापुड़ निवासी अब्दुल करीम टुंडा व उसके दो साथियों अशोक नगर पिलखुआ निवासी शकील अहमद और अनार वाली गली तेलीवाड़ा, दिल्ली निवासी मोहम्मद आमिर खान उर्फ कामरान को नामजद किया था। पुलिस ने शकील और कामरान को वर्ष 1998 में गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन टुंडा घटना के बाद फरार हो गया था। उसे बाद में दिल्ली पुलिस ने काबू किया था। मामले में सभी गवाही हो चुकी है। मामले में सुनवाई के बाद शकील व कामरान बरी हो चुके हैं।
टुंडा के अधिवक्ता आशीष वत्स ने बताया कि 15 सितंबर को हुई सुनवाई में अब्दुल करीम टुंडा ने गवाही पूरी होने के बाद अपने बयान दर्ज कराए थे। मामले में बहस चल रही है। जिसके चलते आरोपी का कोर्ट में पेश होने आवश्यक है। वह बुधवार को नहीं पहुंच सका। जिसके चलते सुनवाई के लिए 6 नवंबर की तारीख दी गई है। इस मामले में जल्द फैसला आ सकता है।
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पेशी पर नहीं पहुंचा टुंडा, अब 6 नवंबर को सुनवाई
-वर्ष 1996 में हुए दो बम बलास्ट के मामलों में आरोपी है टुंडा
-बहस के चलते वीडियो कांफ्रेसिंग से नहीं हो सकती सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत।
शहर में वर्ष 1996 में सिलसिलेवार दो बम धमाके करने के मामले में आरोपी आतंकी अब्दुल करीम टुंडा बुधवार को कोर्ट में नहीं पहुंच सका। जिसके चलते अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा.सुशील गर्ग की अदालत ने मामले की सुनवाई 6 नवंबर को करने का निर्णय लिया है। मामले में बहस के चलते सुनवाई वीडियो कांफ्रेसिंग से नहीं हो सकती थी।
अब्दुल करीम टुंडा पर सोनीपत में 28 दिसंबर, 1996 को बम ब्लास्ट करने का आरोप है। उस दिन शाम के समय पहला धमाका बस स्टैंड के पास स्थित तराना सिनेमा के निकट तथा दस मिनट बाद दूसरा धमाका गीता भवन चौक स्थित गुलशन मिष्ठान भंडार के पास हुआ था। धमाके में करीब एक दर्जन लोग घायल हुए थे। पुलिस ने इस संबंध में इंदिरा कालोनी निवासी सज्जन सिंह के बयान पर मामला दर्ज किया था। सज्जन सिंह ने बताया था कि वह अपने साथी अनिल के साथ फिल्म देखने आया था। इसी दौरान हुए धमाके में वह तथा 11 अन्य लोग घायल हुए थे। पुलिस ने इस संबंध में तीन आरोपियों पिलखुवा- हापुड़ निवासी अब्दुल करीम टुंडा व उसके दो साथियों अशोक नगर पिलखुआ निवासी शकील अहमद और अनार वाली गली तेलीवाड़ा, दिल्ली निवासी मोहम्मद आमिर खान उर्फ कामरान को नामजद किया था। पुलिस ने शकील और कामरान को वर्ष 1998 में गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन टुंडा घटना के बाद फरार हो गया था। उसे बाद में दिल्ली पुलिस ने काबू किया था। मामले में सभी गवाही हो चुकी है। मामले में सुनवाई के बाद शकील व कामरान बरी हो चुके हैं।
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टुंडा के अधिवक्ता आशीष वत्स ने बताया कि 15 सितंबर को हुई सुनवाई में अब्दुल करीम टुंडा ने गवाही पूरी होने के बाद अपने बयान दर्ज कराए थे। मामले में बहस चल रही है। जिसके चलते आरोपी का कोर्ट में पेश होने आवश्यक है। वह बुधवार को नहीं पहुंच सका। जिसके चलते सुनवाई के लिए 6 नवंबर की तारीख दी गई है। इस मामले में जल्द फैसला आ सकता है।
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