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पीजीआई के वार्ड 2 में जच्चा-बच्चा की मौत पर हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Thu, 18 Aug 2016 02:19 AM IST
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महेंद्रगढ़ जिले के गांव बिचौली से लाया गया था महिला को पीजीआई, परिजनों ने लगाया डॉक्टरों पर लापरवाही और सुरक्षाकर्मियों पर अभद्र व्यवहार का आरोप
- फोटो : amar ujala
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प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान यहां स्थित पीजीआई के वार्ड 2 में हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को महेंद्रगढ़ से लाई गई एक गर्भवती किरण और उसके गर्भ में बच्ची की मौत पर बुधवार को हंगामा हो गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण जच्चा-बच्चा की जान गई है। परिजनों ने इस संबंध में पीजीआई थाने में शिकायत दी है। सुरक्षाकर्मियों पर भी अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया गया है। मृतका किरण की मां सुदेश निवासी सोनीपत खेवड़ा ने बेटी की मौत पर कहा कि उसकी बेटी को खुशी थी कि यदि उसकोे पहली बेटी होती है तो वह उसके लिए लक्ष्मी होगी। लेकिन पीजीआई में हुई लापरवाही ने दोनों की जान ले ली। जब किरण को लेबर रूम के अंदर ले जाने लगे तो उसके परिवार वालों को रोका गया। उसी समय सुरक्षा स्टाफ ने उनको चेतावनी दी थी कि उनसे उलझने का परिणाम उनको भुगतना पड़ेगा। यह सब उसी का नतीजा है और उनकी बेटी तड़प-तड़प कर मरी है। सारी लापरवाही सुरक्षाकर्मियों और डॉक्टरों की मिलीभगत का नतीजा है।
महेंद्रगढ़ के गांव बिचौली निवासी किरण को आठ माह का गर्भ था। उसकी तबीयत खराब होने के साथ हाई ब्लड प्रेसर भी चल रहा था। मंगलवार को उसे महेंद्रगढ़ से रेफर करवा कर रोहतक पीजीआई लाया गया। यहां परिजनों ने बताया कि महिला को वार्ड दो के लेबर रूम में अंदर ले जाने लगे तो किसी को अंदर नहीं जाने दिया। रात को किरण ने एक मृत बेटी को जन्म दिया, इसके कुछ देर बाद ही जच्चा की भी मौत हो गई। परिजन विकास व अन्य ने आरोप जड़ते हुए कहा कि उनके मरीज के साथ डॉक्टरों ने लापरवाही की है। हंगामे के बाद परिजन डॉक्टरों व सुरक्षा कर्मचारियों की शिकायत करने पीजीआई थाना चले गए। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर जाकर जांच की। मामला जब एमएस डॉ. अशोक चौहान के पास गया तो उन्होंने शव के पोस्टमार्टम के लिए बोर्ड गठित करवा दिया। बुधवार शाम को पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया गया।
छह डॉक्टरों की टीम ने किया पोस्टमार्टम
डॉ. कुणाल खन्ना
डॉ. तरुण डागर
डॉ. भूषण
डॉ. रितू हुड्डा
डॉ. दीपक जैन
डॉ. सुनीता सिंह
नोट : फोरेंसिक विभाग ने पोस्टमार्टम कर मृतक का विसरा जांच के लिए भेज दिया है। इसकी रिपोर्ट आने के बाद अगली कार्रवाई होगी।
एक पल छूटा पसीना
एक तरफ किरण की मौत की लापरवाही को लेकर शिकायत थाने में पहुंच गई थी, दूसरी और परिजन शव को लेकर जाने लगे। एक पल के लिए पुलिस के पसीने छूटने लगे कि कहीं परिजन शव को लेकर चले न जाएं। हालांकि, पुलिस ने आपातकालीन विभाग के पास परिजनों से शव को कब्जे में ले लिया और पोस्टमार्टम के लिए शव गृह ले गए।
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महेंद्रगढ़ के गांव बिचौली निवासी किरण को आठ माह का गर्भ था। उसकी तबीयत खराब होने के साथ हाई ब्लड प्रेसर भी चल रहा था। मंगलवार को उसे महेंद्रगढ़ से रेफर करवा कर रोहतक पीजीआई लाया गया। यहां परिजनों ने बताया कि महिला को वार्ड दो के लेबर रूम में अंदर ले जाने लगे तो किसी को अंदर नहीं जाने दिया। रात को किरण ने एक मृत बेटी को जन्म दिया, इसके कुछ देर बाद ही जच्चा की भी मौत हो गई। परिजन विकास व अन्य ने आरोप जड़ते हुए कहा कि उनके मरीज के साथ डॉक्टरों ने लापरवाही की है। हंगामे के बाद परिजन डॉक्टरों व सुरक्षा कर्मचारियों की शिकायत करने पीजीआई थाना चले गए। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर जाकर जांच की। मामला जब एमएस डॉ. अशोक चौहान के पास गया तो उन्होंने शव के पोस्टमार्टम के लिए बोर्ड गठित करवा दिया। बुधवार शाम को पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया गया।
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छह डॉक्टरों की टीम ने किया पोस्टमार्टम
डॉ. कुणाल खन्ना
डॉ. तरुण डागर
डॉ. भूषण
डॉ. रितू हुड्डा
डॉ. दीपक जैन
डॉ. सुनीता सिंह
नोट : फोरेंसिक विभाग ने पोस्टमार्टम कर मृतक का विसरा जांच के लिए भेज दिया है। इसकी रिपोर्ट आने के बाद अगली कार्रवाई होगी।
एक पल छूटा पसीना
एक तरफ किरण की मौत की लापरवाही को लेकर शिकायत थाने में पहुंच गई थी, दूसरी और परिजन शव को लेकर जाने लगे। एक पल के लिए पुलिस के पसीने छूटने लगे कि कहीं परिजन शव को लेकर चले न जाएं। हालांकि, पुलिस ने आपातकालीन विभाग के पास परिजनों से शव को कब्जे में ले लिया और पोस्टमार्टम के लिए शव गृह ले गए।
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