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बुजुर्ग की मौके पर मौत, दिव्यांग की हालत गंभीर, 20 से अधिक घायल
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डीएलएफ कॉलोनी के पार्क में बच्चों की शरारत से खफा मधुमक्खियों ने की एयर स्ट्राइक
-बुजुर्ग की मौके पर मौत, दिव्यांग की हालत गंभीर, 20 से अधिक घायल
फोटो सहित
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। डीएलएफ कॉलोनी का पार्क रविवार दोपहर साढे़ 12 बजे से दो बजे तक मधुमक्खियों की एकाएक एयर स्ट्राइक से सहम गया। शहतूत तोड़ रहे बच्चों का पत्थर जैसे ही मधुमक्खियों के छत्ते पर लगा, उन्होंने पार्क में बैठे लोगों व कुत्तों को अपने डंक से बुरी तरह से घायल कर दिया। मौके पर किसी को बचने का मौका तक नहीं मिला, बाथरूम में छिपे लोगों को भी मधुमक्खियों ने अंदर जाकर डंक से घायल कर दिया। घटना में एक बुजुर्ग की मौके पर मौत हो गई व एक अन्य दिव्यांग की हालत गंभीर बनी हुई है। 20 से अधिक लोग डंक का शिकार हो गए। वहीं घटना की सूचना मिलने पर घायलों सेे मिलने सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर पीजीआईएमएस पहुंचे।
स्थानीय निवासी अनिल टूटेजा ने बताया कि पार्क में अकसर बुजुर्ग दिन में ताश खेलते हैं। अन्य दिनों की भांति रविवार को भी पार्क में बुजुर्ग समूहों में ताश खेल रहे थे। इसी दौरान अचानक मधुमक्खियों का समूह पार्क में बैठे लोगों पर टूट पड़ा और किसी को भागने का मौका नहीं दिया। इसी में बुजुर्ग नरेंद्र अरोड़ा को भी मधुमक्खियों ने कई डंक मारे। नरेंद्र हृदय रोगी भी थे, वह मौके से भाग नहीं पाए और उन्होंने दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि नरेंद्र की मौत हृदयाघात की वजह से हुई है, पीजीआईएमएस के डॉक्टरों ने मरीज को ब्रॉट डेड घोषित कर दिया। वहीं प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एक अन्य दिव्यांग हंसराज को हृदय संबंधी समस्या थी और मधुमक्खियों के हमले के दौरान वह मौके से भाग नहीं पाया। हंसराज को उपचार के लिए पीजीआईएमएस के आपात विभाग में लाया गया और उसे पहले वार्ड तीन भेजा गया। बाद में स्वास्थ्य बिगड़ने के चलते उसे आईसीयू में रेफर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि हंसराज की हालत गंभीर बनी हुई है।
छिपने के लिए बाथरूम में घुसे, नहीं बचे
मधुमक्खियों के हमले के दौरान कुछ लोग भागकर बाथरूम में घुस गए, लेकिन वह भी नहीं बचे। मधुमक्खियों ने बाथरूम के झरोखों से प्रवेश कर सभी को डंक मारा, इसके बाद सभी ने किसी तरह अपनी जान बचाई। लकी, नान्हू आदि कई मरीज घायल हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि पार्कों की देखरेख सही तरीके से नहीं होती। यह जिम्मेदारी ठेकेदार की बनती है कि वह इन पर ध्यान दें। मनीष ने बताया कि पार्क की देखभाल करने वाले की जिम्मेदारी बनती है कि वह सभी चीजों पर ध्यान दें, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। घायलों को देखते हुए एंबुलेंस मंगाई गई और किसी तरह घायलों को उसमें बैठा कर पीजीआईएमएस भेजा गया।
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बोरियां व कपडे़ ढककर बचाया
मनीष ने बताया कि लोगों को बोरियों व कपडे़ ढककर मधुमक्खियों से बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन इससे पहले मधुमक्खियां कई लोगों को डंक मारकर बुरी तरह घायल कर चुकी थीं। पार्क में हर तरफ सिर्फ कराहने की आवाज थी। मधुमक्खियों ने पार्क में कुत्तों तक को नहीं छोड़ा। यहां एक बार फिर ‘सांझा बाप ना रोए कोई...’ की कहावत सिद्ध हो गई। मधुमक्खियों के हमले के बाद घायलों को चद्दर से ढका गया और धुआं कर बचाने का प्रयास किया।
बोले अधिकारी
मधुमक्खी के काटने से एनाफाइलेक्टिक रिएक्शन हो जाता है और इससे ब्लड प्रेशर लो हो जाता है। यह मधुमक्खी के अंदर एक प्रकार का जहर होता है, इसकी मात्रा अधिक हो तो मरीज की मौत भी हो सकती है। डंक से घायल व्यक्ति की उम्र अधिक हो तो उसकी हृदय गति भी थम सकती है। ऐसी स्थिति में पीड़ित को तुरंत अस्पताल में दिखाना होता है। इस दौरान डॉक्टर पीड़ित को एंटी एलेर्जिक इंजेक्शन लगाते हैं, ताकी रिएक्शन न हो और उसे बचा लिया जाता है। इसके लिए जरूरी है कि मरीज को आधे से एक घंटे के अंदर उपचार के लिए लाया जाए।
-डॉ. एचएस अग्रवाल, कुलसचिव एवं वरिष्ठ फिजिशियन, पीजीआईएमएस
मधुमक्खी के काटने के मामले में एक व्यक्ति को ब्रॉट डेड लाया गया था, जबकि दूसरा आईसीयू में उपचाराधीन है। इसके अलावा कुछ घायल और आये थे, उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया है।
-डॉ. संदीप कुमार, डीएमएस आपात विभाग, पीजीआईएमएस
पार्क में एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई घायल हो गए हैं। मधुमक्खी ही नहीं यहां कुत्ते और बंदर भी लोगों को काटते हैं। पार्क के रखरखाव में लाखों खर्च होते हैं, लेकिन यहां अव्यवस्थाओं की भरमार है।
-पंकज कपूर, चेयरमैन, असंगठित कामगार यूनियन
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-बुजुर्ग की मौके पर मौत, दिव्यांग की हालत गंभीर, 20 से अधिक घायल
फोटो सहित
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। डीएलएफ कॉलोनी का पार्क रविवार दोपहर साढे़ 12 बजे से दो बजे तक मधुमक्खियों की एकाएक एयर स्ट्राइक से सहम गया। शहतूत तोड़ रहे बच्चों का पत्थर जैसे ही मधुमक्खियों के छत्ते पर लगा, उन्होंने पार्क में बैठे लोगों व कुत्तों को अपने डंक से बुरी तरह से घायल कर दिया। मौके पर किसी को बचने का मौका तक नहीं मिला, बाथरूम में छिपे लोगों को भी मधुमक्खियों ने अंदर जाकर डंक से घायल कर दिया। घटना में एक बुजुर्ग की मौके पर मौत हो गई व एक अन्य दिव्यांग की हालत गंभीर बनी हुई है। 20 से अधिक लोग डंक का शिकार हो गए। वहीं घटना की सूचना मिलने पर घायलों सेे मिलने सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर पीजीआईएमएस पहुंचे।
स्थानीय निवासी अनिल टूटेजा ने बताया कि पार्क में अकसर बुजुर्ग दिन में ताश खेलते हैं। अन्य दिनों की भांति रविवार को भी पार्क में बुजुर्ग समूहों में ताश खेल रहे थे। इसी दौरान अचानक मधुमक्खियों का समूह पार्क में बैठे लोगों पर टूट पड़ा और किसी को भागने का मौका नहीं दिया। इसी में बुजुर्ग नरेंद्र अरोड़ा को भी मधुमक्खियों ने कई डंक मारे। नरेंद्र हृदय रोगी भी थे, वह मौके से भाग नहीं पाए और उन्होंने दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि नरेंद्र की मौत हृदयाघात की वजह से हुई है, पीजीआईएमएस के डॉक्टरों ने मरीज को ब्रॉट डेड घोषित कर दिया। वहीं प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एक अन्य दिव्यांग हंसराज को हृदय संबंधी समस्या थी और मधुमक्खियों के हमले के दौरान वह मौके से भाग नहीं पाया। हंसराज को उपचार के लिए पीजीआईएमएस के आपात विभाग में लाया गया और उसे पहले वार्ड तीन भेजा गया। बाद में स्वास्थ्य बिगड़ने के चलते उसे आईसीयू में रेफर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि हंसराज की हालत गंभीर बनी हुई है।
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छिपने के लिए बाथरूम में घुसे, नहीं बचे
मधुमक्खियों के हमले के दौरान कुछ लोग भागकर बाथरूम में घुस गए, लेकिन वह भी नहीं बचे। मधुमक्खियों ने बाथरूम के झरोखों से प्रवेश कर सभी को डंक मारा, इसके बाद सभी ने किसी तरह अपनी जान बचाई। लकी, नान्हू आदि कई मरीज घायल हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि पार्कों की देखरेख सही तरीके से नहीं होती। यह जिम्मेदारी ठेकेदार की बनती है कि वह इन पर ध्यान दें। मनीष ने बताया कि पार्क की देखभाल करने वाले की जिम्मेदारी बनती है कि वह सभी चीजों पर ध्यान दें, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। घायलों को देखते हुए एंबुलेंस मंगाई गई और किसी तरह घायलों को उसमें बैठा कर पीजीआईएमएस भेजा गया।
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बोरियां व कपडे़ ढककर बचाया
मनीष ने बताया कि लोगों को बोरियों व कपडे़ ढककर मधुमक्खियों से बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन इससे पहले मधुमक्खियां कई लोगों को डंक मारकर बुरी तरह घायल कर चुकी थीं। पार्क में हर तरफ सिर्फ कराहने की आवाज थी। मधुमक्खियों ने पार्क में कुत्तों तक को नहीं छोड़ा। यहां एक बार फिर ‘सांझा बाप ना रोए कोई...’ की कहावत सिद्ध हो गई। मधुमक्खियों के हमले के बाद घायलों को चद्दर से ढका गया और धुआं कर बचाने का प्रयास किया।
बोले अधिकारी
मधुमक्खी के काटने से एनाफाइलेक्टिक रिएक्शन हो जाता है और इससे ब्लड प्रेशर लो हो जाता है। यह मधुमक्खी के अंदर एक प्रकार का जहर होता है, इसकी मात्रा अधिक हो तो मरीज की मौत भी हो सकती है। डंक से घायल व्यक्ति की उम्र अधिक हो तो उसकी हृदय गति भी थम सकती है। ऐसी स्थिति में पीड़ित को तुरंत अस्पताल में दिखाना होता है। इस दौरान डॉक्टर पीड़ित को एंटी एलेर्जिक इंजेक्शन लगाते हैं, ताकी रिएक्शन न हो और उसे बचा लिया जाता है। इसके लिए जरूरी है कि मरीज को आधे से एक घंटे के अंदर उपचार के लिए लाया जाए।
-डॉ. एचएस अग्रवाल, कुलसचिव एवं वरिष्ठ फिजिशियन, पीजीआईएमएस
मधुमक्खी के काटने के मामले में एक व्यक्ति को ब्रॉट डेड लाया गया था, जबकि दूसरा आईसीयू में उपचाराधीन है। इसके अलावा कुछ घायल और आये थे, उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया है।
-डॉ. संदीप कुमार, डीएमएस आपात विभाग, पीजीआईएमएस
पार्क में एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई घायल हो गए हैं। मधुमक्खी ही नहीं यहां कुत्ते और बंदर भी लोगों को काटते हैं। पार्क के रखरखाव में लाखों खर्च होते हैं, लेकिन यहां अव्यवस्थाओं की भरमार है।
-पंकज कपूर, चेयरमैन, असंगठित कामगार यूनियन