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पिस्तौल अड़ाकर किशोरी का अपहरण करने पर युवक दोषी करार
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। दो साल पहले पिस्तौल दिखाकर नाबालिग का अपहरण करने के आरोपी युवक को अदालत ने दोषी करार दिया है। सोमवार को एडीजे आरपी गोयल की अदालत द्वारा उसे नाबालिग के अपहरण, जान से मारने की धमकी और 3 एससी-एसटी एक्ट के तहत सजा सुनाई जाएगी। वहीं, बचाव पक्ष के मुताबिक अदालत ने दुष्कर्म व 12 पोस्को एक्ट के आरोप खारिज कर दिए।
मामले के अनुसार एक महिला ने दो साल पहले पुलिस को शिकायत दी कि उसकी लड़की गली से गुजर रही थी। एक युवक आया और पिस्तौल दिखाकर रास्ता रोक लिया। इसके बाद स्कूटी पर पीछे बैठ गया और लड़की को स्कूटी चलाने को कहा। आरोपी रिवाल्वर दिखाकर युवती को शीला बाईपास के पास एक होटल में ले गया। वहां उसका उत्पीड़न किया। इससे पहले युवती का सोशल मीडिया पर फोटो डालकर अभद्र टिप्पणी की। जाति सूचक शब्द प्रयोग किए गए। महिला थाना पुलिस ने पहले पोस्को व एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। बाद में लड़की के अदालत में सीआरपीसी की धारा 164 के बयान दर्ज होने पर दुष्कर्म, अपहरण व जान से मारने की धारा जोड़ी गई। तभी से जिला अदालत में केस की सुनवाई चल रही थी।
कोर्ट ने शुक्रवार को आरोपी युवक को नाबालिग लड़की के अपहरण, जान से मारने की धमकी व 3 एससी-एसटी एक्ट के तहत दोषी करार दिया। जबकि 12 पोस्को एक्ट व आईपीसी की धारा 376 के आरोप खारिज कर दिए। अब मामले में सोमवार को सजा सुनाई जाएगी। मामले को हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी।
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एडवोकेट प्रदीप मलिक, वकील बचाव पक्ष
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रोहतक। दो साल पहले पिस्तौल दिखाकर नाबालिग का अपहरण करने के आरोपी युवक को अदालत ने दोषी करार दिया है। सोमवार को एडीजे आरपी गोयल की अदालत द्वारा उसे नाबालिग के अपहरण, जान से मारने की धमकी और 3 एससी-एसटी एक्ट के तहत सजा सुनाई जाएगी। वहीं, बचाव पक्ष के मुताबिक अदालत ने दुष्कर्म व 12 पोस्को एक्ट के आरोप खारिज कर दिए।
मामले के अनुसार एक महिला ने दो साल पहले पुलिस को शिकायत दी कि उसकी लड़की गली से गुजर रही थी। एक युवक आया और पिस्तौल दिखाकर रास्ता रोक लिया। इसके बाद स्कूटी पर पीछे बैठ गया और लड़की को स्कूटी चलाने को कहा। आरोपी रिवाल्वर दिखाकर युवती को शीला बाईपास के पास एक होटल में ले गया। वहां उसका उत्पीड़न किया। इससे पहले युवती का सोशल मीडिया पर फोटो डालकर अभद्र टिप्पणी की। जाति सूचक शब्द प्रयोग किए गए। महिला थाना पुलिस ने पहले पोस्को व एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। बाद में लड़की के अदालत में सीआरपीसी की धारा 164 के बयान दर्ज होने पर दुष्कर्म, अपहरण व जान से मारने की धारा जोड़ी गई। तभी से जिला अदालत में केस की सुनवाई चल रही थी।
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कोर्ट ने शुक्रवार को आरोपी युवक को नाबालिग लड़की के अपहरण, जान से मारने की धमकी व 3 एससी-एसटी एक्ट के तहत दोषी करार दिया। जबकि 12 पोस्को एक्ट व आईपीसी की धारा 376 के आरोप खारिज कर दिए। अब मामले में सोमवार को सजा सुनाई जाएगी। मामले को हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी।
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एडवोकेट प्रदीप मलिक, वकील बचाव पक्ष