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शराब का ठेका हटवाने के लिए लघ्ाु सचिवालय पहुंचे गोलियाका के ग्रामीण, जमकर की नारेबाजी
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लघु सचिवालय के बाहर प्रदर्शन करतीं गांव गोलियाकी की महिलाएं। संवाद
- फोटो : Rewari
राजगढ़। गांव गोलियाका में ठेका शराब खोलने के बाद से ग्रामीण नाराज हैं। लगातार दस दिन से मामले को लेकर जिला प्रशासन की ओर से सख्त कदम उठाने की आस लगाए बैठे हैं, मगर मामला सुलझ नहीं रहा। सोमवार को एक बार फिर बड़ी संख्या में ग्रामीण मामले में अपनी शिकायत लेकर उपायुक्त अशोक कुमार गर्ग से मिलने पहुंचे। साथ ही उन्होंने जमकर नारेबाजी की। डीसी के निर्देश पर एसडीएम सिद्धार्थ दहिया से ग्रामीणों की मुलाकात हुई।
ग्रामीणों ने एसडीएम को बताया कि उनके गांव के पास गोलियाका-भाड़ावास संपर्क सड़क पर एक नया ठेका खोल दिया गया है। इससे पहले भी गांव गोलियाका की ओर नंगली गोधा के बाद कनुका - रेवाड़ी रोड पर शराब का एक ठेका खुला हुआ है। ग्रामीणों ने काफी देर तक यहां सचिवालय के द्वार पर मामले को लेकर सरकार विरोधी नारेबाजी की और तब तक अपना विरोध दर्ज कराते रहने की बात कही, जब तक जिला प्रशासन इन ठेकों को बताई गई जगहों से हटा नहीं लेता। ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में इससे पहले भी अतिरिक्त उपायुक्त से मिल चुके हैं।
उन्होंने एक सप्ताह में इस मामले को सुलझाने का आश्वासन दिया था मगर एक सप्ताह से अधिक बीत जाने के बाद जब कुछ नहीं हुआ तो ग्रामीण अपनी फरियाद लेकर फिर सचिवालय पहुंचे। यहां इनकी संख्या को देखते हुए सचिवालय का मुख्य द्वार बंद कर दिया गया और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। इसके बाद ग्रामीणों, जिनमें काफी महिलाएं भी शामिल थीं, ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। बाद में एसडीएम सिद्धार्थ दहिया से इनकी मुलाकात कराई गई और उनको एक ज्ञापन सौंपा गया। एसडीएम ने इनको पांच दिन के भीतर आबकारी अधिकारी से बात करके इस मामले को हल कराने का आश्वासन दिया।
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ग्रामीणों ने एसडीएम को बताया कि उनकी सहमति के बिना गांव में हाल में ठेका शराब खोलना गलत है और जहां यह खोला गया है, वहां से स्कूल में बालिकाओं का आना - जाना लगभग लगा रहता है। महिलाओं को अपने खेत खलिहान में इसी मार्ग से आना जाना होता है। ठेका खुलने से इस मार्ग पर ग्रामीण युवा, जो करसत करने और दौड़ करने के लिए आते हैं, उनको भी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों की शिकायत है कि यहां ठेका खुलने से गांव का शांत माहौल खराब होने का डर है। एसडीएम की ओर से पांच दिन की मोहलत मांगने के बाद ग्रामीणों ने कहा कि अगर पांच दिन बाद भी उनकी मांग नहीं मानी गई तो वे धरने पर बैठ जाएंगे।
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ग्रामीणों ने एसडीएम को बताया कि उनके गांव के पास गोलियाका-भाड़ावास संपर्क सड़क पर एक नया ठेका खोल दिया गया है। इससे पहले भी गांव गोलियाका की ओर नंगली गोधा के बाद कनुका - रेवाड़ी रोड पर शराब का एक ठेका खुला हुआ है। ग्रामीणों ने काफी देर तक यहां सचिवालय के द्वार पर मामले को लेकर सरकार विरोधी नारेबाजी की और तब तक अपना विरोध दर्ज कराते रहने की बात कही, जब तक जिला प्रशासन इन ठेकों को बताई गई जगहों से हटा नहीं लेता। ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में इससे पहले भी अतिरिक्त उपायुक्त से मिल चुके हैं।
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उन्होंने एक सप्ताह में इस मामले को सुलझाने का आश्वासन दिया था मगर एक सप्ताह से अधिक बीत जाने के बाद जब कुछ नहीं हुआ तो ग्रामीण अपनी फरियाद लेकर फिर सचिवालय पहुंचे। यहां इनकी संख्या को देखते हुए सचिवालय का मुख्य द्वार बंद कर दिया गया और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। इसके बाद ग्रामीणों, जिनमें काफी महिलाएं भी शामिल थीं, ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। बाद में एसडीएम सिद्धार्थ दहिया से इनकी मुलाकात कराई गई और उनको एक ज्ञापन सौंपा गया। एसडीएम ने इनको पांच दिन के भीतर आबकारी अधिकारी से बात करके इस मामले को हल कराने का आश्वासन दिया।
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ग्रामीणों ने एसडीएम को बताया कि उनकी सहमति के बिना गांव में हाल में ठेका शराब खोलना गलत है और जहां यह खोला गया है, वहां से स्कूल में बालिकाओं का आना - जाना लगभग लगा रहता है। महिलाओं को अपने खेत खलिहान में इसी मार्ग से आना जाना होता है। ठेका खुलने से इस मार्ग पर ग्रामीण युवा, जो करसत करने और दौड़ करने के लिए आते हैं, उनको भी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों की शिकायत है कि यहां ठेका खुलने से गांव का शांत माहौल खराब होने का डर है। एसडीएम की ओर से पांच दिन की मोहलत मांगने के बाद ग्रामीणों ने कहा कि अगर पांच दिन बाद भी उनकी मांग नहीं मानी गई तो वे धरने पर बैठ जाएंगे।