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Rewari News: बावल रूट पर ई-बसें बनीं कमाई का जरिया, शहर में सिटी बस सेवा ठप

Thu, 17 Sep 2026 11:40 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Thu, 17 Sep 2026 11:40 PM IST
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E-buses on the Bawal route become a source of revenue; city bus service within the city remains stalled.
रेवाड़ी। रेवाड़ी से बावल के बीच चल रही इलेक्ट्रिक बसें रोडवेज के लिए अच्छी आय का जरिया बनी हैं। इस रूट पर संचालित ई-बसों से प्रति किलोमीटर 70 रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हो रहा है। साथ ही यात्रियों को सहूलियत हो रही है। इस रूट पर रेवाड़ी को मिलीं सभी पांच इलेक्ट्रिक बसों को संचालित किया जा रहा है। वहीं, शहर में सिटी बस सेवा ठप होने से यात्रियों को परेशानी हो रही है।
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शहर में सिटी बस सेवा ठप होने से छोटे रूट पर भी लोगों को ऑटो पर निर्भर रहना पड़ता है और ऑटो चालक मनमाना किराया वसूल रहे हैं। दूसरी ओर शहर में करीब पांच किलोमीटर लंबे सर्कुलर रोड, जिला सचिवालय, कन्या महाविद्यालय जाने के लिए सिटी बस सेवा उपलब्ध नहीं है जिससे यात्रियों को छोटे सफर के लिए भी ऑटो का सहारा लेना पड़ता है।
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शहर में करीब 300 से अधिक ऑटो संचालित होते हैं, लेकिन किराये को लेकर प्रभावी नियंत्रण नहीं होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
200 मीटर की दूरी तय करने पर भी कई बार 10 रुपये तक किराया लिया जाता है। किराये को लेकर यात्रियों और ऑटो चालकों के बीच विवाद की स्थिति भी बन जाती है। ई-रिक्शा वाले भी मनमानी करते हैं।
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दो शिफ्टों में हो रहा पांच इलेक्ट्रिक बसों का संचालन
रेवाड़ी-बावल रूट पर प्रतिदिन दो शिफ्टों में पांच इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है। इन बसों से दिनभर में करीब 30 चक्कर लगाए जाते हैं। रेवाड़ी शहर से बावल और धारूहेड़ा के औद्योगिक क्षेत्रों में बड़ी संख्या में कर्मचारी, श्रमिक और अन्य लोग रोजाना आवागमन करते हैं। सुबह काम के समय और शाम को छुट्टी के बाद बसों में यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे में ई-बसों को इस रूट पर लगातार अच्छा यात्री भार मिल रहा है। पांचों बसों को इसी मार्ग पर चलाने से परिवहन विभाग को भी अपेक्षाकृत बेहतर आय प्राप्त हो रही है।

पहले सर्कुलर रोड और धारूहेड़ा में भी चली थीं बसें
रेवाड़ी को शुरुआत में पांच इलेक्ट्रिक बसें मिली थीं। इन्हें पहले शहर के सर्कुलर रोड और धारूहेड़ा रूट पर भी चलाया गया था, लेकिन इन मार्गों पर अपेक्षित यात्री भार नहीं मिलने के कारण बसों को रेवाड़ी-बावल रूट पर लगाया गया। यहां निजी बस सेवा नहीं होने और औद्योगिक क्षेत्र के कारण यात्रियों की संख्या अधिक होने से ई-बसों को बेहतर रिस्पॉन्स मिला। फिलहाल उपलब्ध सभी पांच ई-बसें इसी रूट पर संचालित की जा रही हैं। नियमित अंतराल पर बस उपलब्ध होने से नौकरीपेशा लोगों और औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों को आवागमन में सुविधा मिल रही है।

पांच और इलेक्ट्रिक बसें मिलने की उम्मीद
जल्द ही पांच और इलेक्ट्रिक बसें मिलने की उम्मीद है। नई बसें मिलने के बाद शहर और आसपास के प्रमुख रूटों पर सिटी बस सेवा का विस्तार किया जा सकेगा। इससे छोटे रूटों पर ऑटो पर निर्भर यात्रियों को राहत मिलने की संभावना है। नई बसों के आने के बाद सर्कुलर रोड, जिला सचिवालय, कन्या महाविद्यालय समेत अन्य महत्वपूर्ण रूटों पर बस सेवा शुरू करने की योजना बनाई जा सकती है। इलेक्ट्रिक बसों का बेड़ा करीब 50 है। यानी 45 बसें और मिलनी है।


वर्जन
यात्रियों की संख्या और आय को देखते हुए रेवाड़ी-बावल रूट पर ई-बसों का संचालन जारी रखा गया है। भविष्य में यात्रियों की मांग और उपलब्ध बसों के आधार पर सेवा में विस्तार या अन्य रूटों पर संचालन को लेकर निर्णय लिया जा सकता है। जल्द ही डिपो को पांच नई इलेक्ट्रिक बसें मिलेंगी। इससे स्थानीय रूटों पर संचालन से आमजन को बेहतर आवागमन में लाभ मिलेगा।- निरंजन शर्मा, महाप्रबंधक राज्य परिवहन रेवाड़ी डिपो।
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