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Rewari News: गणेशोत्सव के बाद मंदिर में गणपति की मूर्ति स्थापित
Thu, 17 Sep 2026 11:42 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 17 Sep 2026 11:42 PM IST
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गणपति की धातु प्रतिमा को मंदिर में पुन प्रतिष्ठापित करते लोग। स्रोत : मंदिर
रेवाड़ी। टीपी स्कीम में गणेशोत्सव पर स्थापित श्री गणेश की धातु की मूर्ति को वीरवार को मंत्रोच्चार के साथ मंदिर में स्थापित किया गया। इस दौरान हवन और भंडारे का आयोजन किया गया।
टीपी स्कीम पार्क के पास आयोजित कार्यक्रम में सुबह हवन के बाद भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें टीपी स्कीम, गौतम नगर, सुभाष नगर, सज्जन कॉलोनी सहित आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
शाम को समाजसेवी कमला शर्मा के मार्गदर्शन में शोभायात्रा निकाली गई। गणपति की धातु प्रतिमा को रथ में विराजमान कर विभिन्न गलियों से होते हुए गौतम नगर स्थित शिव मंदिर तक ले जाया गया।
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समिति संरक्षक सतीश अग्रवाल और पूर्व प्रधान मुकेश अग्रवाल की अगुवाई में श्रद्धालु नाचते-गाते शोभायात्रा में शामिल हुए। पंजाबी समाज के इंद्र अरोड़ा और जैन समाज के जोनी जैन रथ पर बप्पा की सेवा में रहे। इसके बाद श्री विश्वनाथ मंदिर में मंत्रोच्चार के साथ गणेश प्रतिमा को पुनर्प्रतिष्ठापित किया गया।
समिति संरक्षक सतीश अग्रवाल और पूर्व प्रधान मुकेश अग्रवाल ने बताया कि 36 बिरादरी के सहयोग से लाई गई धातु की गणेश प्रतिमा का सम्मान करने के लिए प्रतीकात्मक गणेशोत्सव आयोजित किया गया।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष सर्वसम्मति से जल प्रदूषण से बचने के लिए गणेश प्रतिमा का विसर्जन नहीं करने और उसे मंदिर में पुनर्स्थापित करने का निर्णय लिया गया था।
उन्होंने दावा किया कि इस बार निवर्तमान प्रधान ने समिति को विश्वास में लिए बिना कार्यक्रम की घोषणा कर अलग समिति का गठन किया। 36 बिरादरी के लोगों की सहमति दूसरे स्थान पर गणपति स्थापित करने के पक्ष में नहीं थी, इसलिए प्रतीकात्मक उत्सव आयोजित किया गया।
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टीपी स्कीम पार्क के पास आयोजित कार्यक्रम में सुबह हवन के बाद भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें टीपी स्कीम, गौतम नगर, सुभाष नगर, सज्जन कॉलोनी सहित आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
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शाम को समाजसेवी कमला शर्मा के मार्गदर्शन में शोभायात्रा निकाली गई। गणपति की धातु प्रतिमा को रथ में विराजमान कर विभिन्न गलियों से होते हुए गौतम नगर स्थित शिव मंदिर तक ले जाया गया।
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समिति संरक्षक सतीश अग्रवाल और पूर्व प्रधान मुकेश अग्रवाल की अगुवाई में श्रद्धालु नाचते-गाते शोभायात्रा में शामिल हुए। पंजाबी समाज के इंद्र अरोड़ा और जैन समाज के जोनी जैन रथ पर बप्पा की सेवा में रहे। इसके बाद श्री विश्वनाथ मंदिर में मंत्रोच्चार के साथ गणेश प्रतिमा को पुनर्प्रतिष्ठापित किया गया।
समिति संरक्षक सतीश अग्रवाल और पूर्व प्रधान मुकेश अग्रवाल ने बताया कि 36 बिरादरी के सहयोग से लाई गई धातु की गणेश प्रतिमा का सम्मान करने के लिए प्रतीकात्मक गणेशोत्सव आयोजित किया गया।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष सर्वसम्मति से जल प्रदूषण से बचने के लिए गणेश प्रतिमा का विसर्जन नहीं करने और उसे मंदिर में पुनर्स्थापित करने का निर्णय लिया गया था।
उन्होंने दावा किया कि इस बार निवर्तमान प्रधान ने समिति को विश्वास में लिए बिना कार्यक्रम की घोषणा कर अलग समिति का गठन किया। 36 बिरादरी के लोगों की सहमति दूसरे स्थान पर गणपति स्थापित करने के पक्ष में नहीं थी, इसलिए प्रतीकात्मक उत्सव आयोजित किया गया।