{"_id":"6aac2de52a577683340056f0","slug":"roadways-employees-demanded-payment-of-outstanding-night-allowances-rewari-news-c-198-1-rew1001-245617-2026-09-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: रोडवेजकर्मियों ने की बकाया रात्रि भत्ते के भुगतान की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: रोडवेजकर्मियों ने की बकाया रात्रि भत्ते के भुगतान की मांग
Thu, 17 Sep 2026 11:43 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 17 Sep 2026 11:43 PM IST
विज्ञापन
मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपते रोडवेज कर्मचारी। स्रोत : संगठन
रेवाड़ी। हरियाणा रोडवेज यूनियन तालमेल कमेटी रेवाड़ी डिपो की बैठक में कर्मचारियों की समस्याओं पर चर्चा की गई। कर्मचारियों ने तीन साल से बकाया रात्रि भत्ते का भुगतान करने की मांग की।
यूनियन के अनुसार, निदेशालय की ओर से सितंबर 2025 में भुगतान संबंधी पत्र जारी किया गया था, लेकिन बिल तैयार होने के कारण उस समय कर्मचारियों को भुगतान नहीं हो सका। अब पुराने बिल होने के कारण ट्रेजरी स्तर पर आपत्ति लगाए जाने की बात कही गई है।
कर्मचारियों ने कहा कि उनसे महीने में 30 दिन तक रात्रि ठहराव कराया जाता है, जबकि भुगतान सीमित दिनों के भत्ते का किया जाता है। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
कर्मचारियों ने निर्णय लिया कि यदि 24 सितंबर तक बकाया रात्रि भत्ते का भुगतान नहीं हुआ तो 25 सितंबर से रेवाड़ी डिपो में रात्रि ठहराव बंद किया जाएगा। इसके बाद जरूरत के अनुसार सीमित संख्या में ही रात्रि ठहराव करने की बात कही गई।
बैठक में बसों में अधिक भीड़ और छात्र-छात्राओं की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया गया। कर्मचारियों ने कहा कि पीक आवर्स में सभी रूटों पर यात्रियों का दबाव अधिक रहता है। ऐसे में चालक-परिचालक को केवल दोषी ठहराने के बजाय विभाग को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने चाहिए।
यूनियन ने विभाग से पूछा कि 52 सीटर बस में अधिकतम कितने यात्रियों के साथ संचालन किया जाए। साथ ही बस के दरवाजे कब बंद किए जाएं और बाहर यात्री खड़े या लटके होने की स्थिति में बस संचालन को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए जाएं। कर्मचारियों ने मांग की कि इन समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो और भविष्य में किसी अप्रिय घटना की स्थिति न बने।
विज्ञापन
यूनियन के अनुसार, निदेशालय की ओर से सितंबर 2025 में भुगतान संबंधी पत्र जारी किया गया था, लेकिन बिल तैयार होने के कारण उस समय कर्मचारियों को भुगतान नहीं हो सका। अब पुराने बिल होने के कारण ट्रेजरी स्तर पर आपत्ति लगाए जाने की बात कही गई है।
विज्ञापन
कर्मचारियों ने कहा कि उनसे महीने में 30 दिन तक रात्रि ठहराव कराया जाता है, जबकि भुगतान सीमित दिनों के भत्ते का किया जाता है। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
कर्मचारियों ने निर्णय लिया कि यदि 24 सितंबर तक बकाया रात्रि भत्ते का भुगतान नहीं हुआ तो 25 सितंबर से रेवाड़ी डिपो में रात्रि ठहराव बंद किया जाएगा। इसके बाद जरूरत के अनुसार सीमित संख्या में ही रात्रि ठहराव करने की बात कही गई।
बैठक में बसों में अधिक भीड़ और छात्र-छात्राओं की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया गया। कर्मचारियों ने कहा कि पीक आवर्स में सभी रूटों पर यात्रियों का दबाव अधिक रहता है। ऐसे में चालक-परिचालक को केवल दोषी ठहराने के बजाय विभाग को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने चाहिए।
यूनियन ने विभाग से पूछा कि 52 सीटर बस में अधिकतम कितने यात्रियों के साथ संचालन किया जाए। साथ ही बस के दरवाजे कब बंद किए जाएं और बाहर यात्री खड़े या लटके होने की स्थिति में बस संचालन को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए जाएं। कर्मचारियों ने मांग की कि इन समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो और भविष्य में किसी अप्रिय घटना की स्थिति न बने।