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बिना परमिट हरियाणा में घुसी आरटीवी बस के कंडक्टर की गोली मारकर हत्या
Updated Wed, 06 Dec 2017 01:30 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
शहर में बस अड्डे के बाहर मंगलवार को एक बस कंडक्टर की सरेआम गोली मार हत्या कर दी गई। वारदात को दो हमलावरों ने अंजाम दिया। परिचालक की हत्या के मामले में पुलिस ने तीन नामजदों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। हत्या का कारण करीब चार साल पहले हुए झगड़े की रंजिश बताई जा रही है।
बस स्टैंड के बाहर मेट्रो पिलर नंबर 832 के बाहर खड़ी आरटीवी बस के कंडक्टर मिंटू (35) की सामने ही स्थित एक हलवाई की दुकान के पास गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। वह दिल्ली के गांव रानीखेड़ा का निवासी था। दिल्ली के पीरागढ़ी से टीकरी बार्डर तक के रूट पर चलने वाली आरटीवी बस करीब 11 बजे बहादुगढ़ बस स्टैंड के पास पहुंची थी। चालक मुकेश और परिचालक मिंटू ने यात्रियों को उतार एचएचजी गेट के डिवाईडर कट से दिल्ली की दिशा से यू-टर्न लेकर बस को पिलर नंबर 832 के करीब रोका ही था कि कंडक्टर मिंटू बस से उतरकर भाग लिया। अभी मिंटू एक हलवाई की दुकान के करीब पहुंचा ही था कि एक युवक ने उसको गोली मार दी। गोली लगने से मिंटू गंभीर रूप से घायल हो गया।
जान बचाने के लिए पहुंचा कॉलोनी
मिंटू मेन सड़क पर गोली लगने के बाद अपनी जान बचाने के लिए हलवाई की दुकान में घुस गया और पीछे के रास्ते कॉलोनी की गली में पहुंच गया। लेकिन गली में निकलते ही हमलावर ने उसकी कमर में एक गोली और मार दी। दूसरी गोली लगते ही मिंटू जमीन पर गिर गया। बताया जा रहा है कि गिरते ही हमलावर ने उसके सिर में गोली मारने की कोशिश की। लेकिन निशाना चूकने के कारण गोली सिर में लगने के बजाए आंख को चिरती हुई निकल गई। तीसरी गोली लगने से मिंटू ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
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वारदात के बाद घर में घुसे हमलावर
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मिंटू को तीन गोलियां मारकर दोनों हमलावर पीछे वाली रामनगर की गली के रास्ते एक घर में घुस गए और इस घर की छत पर चढ़कर भागने की कोशिश की। लेकिन घर में मौजूद महिला चिल्लाने लगी। वहीं, छत पर चढ़े हमलावरों को जब भागने का रास्ता नहीं मिला तो दोनों वापस आ गए और पास स्थित रामबाग की दीवार कूद कर रामबाग की सीमा में चले गए। यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यहां से वे किस तरफ निकले। सूचना मिलते ही एएसपी लोकेंद्र सिंह, ट्रैफिक थाना प्रभारी अशोक दहिया और शहर थाना प्रभारी अशोक दहिया मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। एफएसएल टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए।
तीन किए नामजद
बस चालक मुकेश व अन्य लोगों से जानकारी जुटाकर पुलिस ने मिंटू के परिजनों को सूचित किया। मिंटू के भाई कृष्ण ने मौके पर पहुंचकर पुलिस को लिखित में शिकायत दी। शिकायत में कृष्ण ने आरोप लगाया कि मिंटू का करीब चार साल पहले घेवरा निवासी कर्मबीर के साथ झगड़ा हुआ था। तब मिंटू ने कर्मबीर की मां को काफी चोटें पहुंचाई थी। तब कर्मबीर ने मिंटू के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई थी। इसके बाद कर्मबीर किसी मर्डर केस में जेल चला गया था। जेल जाने के दो साल बाद कर्मबीर पेरोल पर आया तो मिंटू को जान से मारने की धमकी दी। कर्मबीर को अवैध हथियारों के साथ दिल्ली पुलिस ने फिर पकड़ लिया। तभी से वह जेल में है। मिंटू के भाई कृष्ण का कहना है कि इस प्रकार कर्मबीर ने ही मिंटू की हत्या कराई है। कर्मबीर के कहने पर यह वारदात बुपनियां निवासी हरविंद्र और उसके साथी दिल्ली के सावदा निवासी काला उर्फ नान्हा ने की है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने कर्मबीर, हरविंद्र और काला उर्फ नान्हा के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
टीकरी बॉर्डर तक परमिट की बस पहुंची बहादुरगढ़ बस स्टैंड
इस मामले पुलिस इस बात को लेकर भी सवालों में हैं कि जिस बस कंडक्टर की शहर के बस अड्डे पर हत्या की गई है। उस बस का परमिट टीकरी बॉर्डर तक है। ऐसे में शहर टीकरी बार्डर, सेक्टर-9 मोड़ व बस अड्डे पर पुलिस चेकिंग के बावजूद यह बस शहर के बस अड्डे तक कैसे पहुंची। एएसपी लोकेंद्र सिंह का कहना है कि तीनों आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा और यह जांच भी की जाएगी कि चालक मुकेश व परिचालक मिंटू अपनी आरटीवी बस को बहादुरगढ़ की सीमा में क्यों लेकर आए।
घर के बाहर लगे सीसीटीवी की फुटेज ली
परिचालक के मर्डर की गुत्थी को जल्द सुलझाने के लिए पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी की फुटेज खंगालने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस जब एक ढाबे के कैमरों की फुटेज खंगालने पहुंची तो कैमरे बंद मिले। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल के पास स्थित एक घर के बाहर लगे सीसीटीवी की फुुटेज लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जल्द हत्यारों को काबू करने के लिए आसपास लगे और भी सीसीटीवी की फुटेज खंगाली जाएगी।
एएसपी से सीधी बात
सवाल : शहर में इतनी बड़ी घटना कैसे हो गई?
जवाब : दरअसल, इसमें प्रभावित व्यक्ति और हमलावर दोनों पक्ष बाहर से आए थे और शहर में घुसते ही वारदात कर फरार हो गए।
सवाल : दिल्ली के अंदर ही रूट की आरटीवी बस बिना परमिट बहादुरगढ़ कैसे आ गई?
जवाब : इसकी जांच कराएंगे और अवैध रूप से चलने वाले वाहनों पर शिकंजा कसा जाएगा।
सवाल : परिचालक की हत्या के पीछे क्या कारण रहे, इसका खुलासा कब तक हो जाएगा?
जवाब : दोषियों की पहचान कर ली गई है। नामजदों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा।
घटनास्थल से 50 मीटर दूर पुलिस काटती रही चालान
पुलिस सतर्कता से काम करती तो दिन-दहाड़े बहादुरगढ़ बस स्टैंड के पास आरटीवी बस परिचालक के हत्यारे पकड़े जा सकते थे। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो घटनास्थल से करीब 50 मीटर की दूरी पर बहादुरगढ़ पुलिस के 5-6 कर्मचारी जीरो टोलरेंस अभियान के तहत वाहन चालकों के चालान काट रहे थे। बदमाशों ने सरेआम मेन रोड पर परिचालक को गोली मारी तो गोली का शोर सुनकर भी पुलिस कर्मियों ने तुरंत मौके पर आना जरूरी नहीं समझा। पुलिस बदमाशों द्वारा रामनगर की गली में परिचालक की दो और गोलियां मारकर हत्या किए जाने के बाद मौके पर पहुंची। बता दें कि पुलिस कर्मचारी वारदात के समय सेक्टर-9, बस स्टैंड के पास स्थित मेट्रो स्टेशन के नीचे और झज्जर मोड़ पर तैनात थे।
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बहादुरगढ़।
शहर में बस अड्डे के बाहर मंगलवार को एक बस कंडक्टर की सरेआम गोली मार हत्या कर दी गई। वारदात को दो हमलावरों ने अंजाम दिया। परिचालक की हत्या के मामले में पुलिस ने तीन नामजदों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। हत्या का कारण करीब चार साल पहले हुए झगड़े की रंजिश बताई जा रही है।
बस स्टैंड के बाहर मेट्रो पिलर नंबर 832 के बाहर खड़ी आरटीवी बस के कंडक्टर मिंटू (35) की सामने ही स्थित एक हलवाई की दुकान के पास गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। वह दिल्ली के गांव रानीखेड़ा का निवासी था। दिल्ली के पीरागढ़ी से टीकरी बार्डर तक के रूट पर चलने वाली आरटीवी बस करीब 11 बजे बहादुगढ़ बस स्टैंड के पास पहुंची थी। चालक मुकेश और परिचालक मिंटू ने यात्रियों को उतार एचएचजी गेट के डिवाईडर कट से दिल्ली की दिशा से यू-टर्न लेकर बस को पिलर नंबर 832 के करीब रोका ही था कि कंडक्टर मिंटू बस से उतरकर भाग लिया। अभी मिंटू एक हलवाई की दुकान के करीब पहुंचा ही था कि एक युवक ने उसको गोली मार दी। गोली लगने से मिंटू गंभीर रूप से घायल हो गया।
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मिंटू मेन सड़क पर गोली लगने के बाद अपनी जान बचाने के लिए हलवाई की दुकान में घुस गया और पीछे के रास्ते कॉलोनी की गली में पहुंच गया। लेकिन गली में निकलते ही हमलावर ने उसकी कमर में एक गोली और मार दी। दूसरी गोली लगते ही मिंटू जमीन पर गिर गया। बताया जा रहा है कि गिरते ही हमलावर ने उसके सिर में गोली मारने की कोशिश की। लेकिन निशाना चूकने के कारण गोली सिर में लगने के बजाए आंख को चिरती हुई निकल गई। तीसरी गोली लगने से मिंटू ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
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वारदात के बाद घर में घुसे हमलावर
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मिंटू को तीन गोलियां मारकर दोनों हमलावर पीछे वाली रामनगर की गली के रास्ते एक घर में घुस गए और इस घर की छत पर चढ़कर भागने की कोशिश की। लेकिन घर में मौजूद महिला चिल्लाने लगी। वहीं, छत पर चढ़े हमलावरों को जब भागने का रास्ता नहीं मिला तो दोनों वापस आ गए और पास स्थित रामबाग की दीवार कूद कर रामबाग की सीमा में चले गए। यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यहां से वे किस तरफ निकले। सूचना मिलते ही एएसपी लोकेंद्र सिंह, ट्रैफिक थाना प्रभारी अशोक दहिया और शहर थाना प्रभारी अशोक दहिया मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। एफएसएल टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए।
तीन किए नामजद
बस चालक मुकेश व अन्य लोगों से जानकारी जुटाकर पुलिस ने मिंटू के परिजनों को सूचित किया। मिंटू के भाई कृष्ण ने मौके पर पहुंचकर पुलिस को लिखित में शिकायत दी। शिकायत में कृष्ण ने आरोप लगाया कि मिंटू का करीब चार साल पहले घेवरा निवासी कर्मबीर के साथ झगड़ा हुआ था। तब मिंटू ने कर्मबीर की मां को काफी चोटें पहुंचाई थी। तब कर्मबीर ने मिंटू के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई थी। इसके बाद कर्मबीर किसी मर्डर केस में जेल चला गया था। जेल जाने के दो साल बाद कर्मबीर पेरोल पर आया तो मिंटू को जान से मारने की धमकी दी। कर्मबीर को अवैध हथियारों के साथ दिल्ली पुलिस ने फिर पकड़ लिया। तभी से वह जेल में है। मिंटू के भाई कृष्ण का कहना है कि इस प्रकार कर्मबीर ने ही मिंटू की हत्या कराई है। कर्मबीर के कहने पर यह वारदात बुपनियां निवासी हरविंद्र और उसके साथी दिल्ली के सावदा निवासी काला उर्फ नान्हा ने की है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने कर्मबीर, हरविंद्र और काला उर्फ नान्हा के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
टीकरी बॉर्डर तक परमिट की बस पहुंची बहादुरगढ़ बस स्टैंड
इस मामले पुलिस इस बात को लेकर भी सवालों में हैं कि जिस बस कंडक्टर की शहर के बस अड्डे पर हत्या की गई है। उस बस का परमिट टीकरी बॉर्डर तक है। ऐसे में शहर टीकरी बार्डर, सेक्टर-9 मोड़ व बस अड्डे पर पुलिस चेकिंग के बावजूद यह बस शहर के बस अड्डे तक कैसे पहुंची। एएसपी लोकेंद्र सिंह का कहना है कि तीनों आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा और यह जांच भी की जाएगी कि चालक मुकेश व परिचालक मिंटू अपनी आरटीवी बस को बहादुरगढ़ की सीमा में क्यों लेकर आए।
घर के बाहर लगे सीसीटीवी की फुटेज ली
परिचालक के मर्डर की गुत्थी को जल्द सुलझाने के लिए पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी की फुटेज खंगालने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस जब एक ढाबे के कैमरों की फुटेज खंगालने पहुंची तो कैमरे बंद मिले। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल के पास स्थित एक घर के बाहर लगे सीसीटीवी की फुुटेज लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जल्द हत्यारों को काबू करने के लिए आसपास लगे और भी सीसीटीवी की फुटेज खंगाली जाएगी।
एएसपी से सीधी बात
सवाल : शहर में इतनी बड़ी घटना कैसे हो गई?
जवाब : दरअसल, इसमें प्रभावित व्यक्ति और हमलावर दोनों पक्ष बाहर से आए थे और शहर में घुसते ही वारदात कर फरार हो गए।
सवाल : दिल्ली के अंदर ही रूट की आरटीवी बस बिना परमिट बहादुरगढ़ कैसे आ गई?
जवाब : इसकी जांच कराएंगे और अवैध रूप से चलने वाले वाहनों पर शिकंजा कसा जाएगा।
सवाल : परिचालक की हत्या के पीछे क्या कारण रहे, इसका खुलासा कब तक हो जाएगा?
जवाब : दोषियों की पहचान कर ली गई है। नामजदों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा।
घटनास्थल से 50 मीटर दूर पुलिस काटती रही चालान
पुलिस सतर्कता से काम करती तो दिन-दहाड़े बहादुरगढ़ बस स्टैंड के पास आरटीवी बस परिचालक के हत्यारे पकड़े जा सकते थे। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो घटनास्थल से करीब 50 मीटर की दूरी पर बहादुरगढ़ पुलिस के 5-6 कर्मचारी जीरो टोलरेंस अभियान के तहत वाहन चालकों के चालान काट रहे थे। बदमाशों ने सरेआम मेन रोड पर परिचालक को गोली मारी तो गोली का शोर सुनकर भी पुलिस कर्मियों ने तुरंत मौके पर आना जरूरी नहीं समझा। पुलिस बदमाशों द्वारा रामनगर की गली में परिचालक की दो और गोलियां मारकर हत्या किए जाने के बाद मौके पर पहुंची। बता दें कि पुलिस कर्मचारी वारदात के समय सेक्टर-9, बस स्टैंड के पास स्थित मेट्रो स्टेशन के नीचे और झज्जर मोड़ पर तैनात थे।