फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   रैली का न्योता देने पहुंचे सांसद और विधायक को किसानों ने दिखाए काले झंडे दिखाकर लौटाया

रैली का न्योता देने पहुंचे सांसद और विधायक को किसानों ने दिखाए काले झंडे दिखाकर लौटाया

Fri, 29 Mar 2019 01:21 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 29 Mar 2019 01:21 AM IST
विज्ञापन
रैली का न्योता देने पहुंचे सांसद और विधायक को किसानों ने दिखाए काले झंडे दिखाकर लौटाया
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

चरखी दादरी। विजय संकल्प रैली का ग्रामीणों को न्योता देने गांव चिड़िया पहुंचे भाजपा सांसद धर्मबीर सिंह और बाढड़ा विधायक सुखविंद्र मांढ़ी को किसानों का कड़ा विरोध झेलना पड़ा। किसानों ने दोनों को न केवल काले झंडे दिखाए बल्कि सभास्थल पर जाने से भी रोका। इस दौरान सांसद और विधायक समर्थकों के साथ किसानों की धक्का-मुक्की भी हुई। करीब एक घंटा इंतजार करने के बाद सांसद और विधायक अपनी गाड़ियों में बैठकर वहां से रवाना हो गए। सांसद और विधायक का विरोध करने वाले जिले के 17 गांवों के किसान हैं। ये किसान एनएच-152 डी के लिए अधिग्रहीत जमीन का प्रति एकड़ दो करोड़ रुपये मुआवजा मांग रहे हैं। 26 फरवरी से रामनगर गांव के समीप धरने पर बैठे हैं। सांसद और विधायक जुई में मुख्यमंत्री की 30 मार्च को होने वाली संकल्प रैली का न्योता देने पहुंचे थे।
रामनगर के समीप एक माह से शांतिपूर्वक धरना दे रहे किसानों के सब्र का बांध अब टूटता जा रहा है। वीरवार शाम गांव चिड़िया की बाबा प्रेमपुरी धर्मशाला में आयोजित जनसभा को संबोधित करने पहुंचे भाजपा सांसद और समर्थकों को किसानों ने लौटा दिया। भाजपा जनप्रतिनिधियों के विरोध के लिए किसान ट्रैक्टरों में सवार होकर शाम करीब सवा चार बजे धरनास्थल से चिड़िया गांव की तरफ चले। गांव के छोटे अड्डे के समीप स्थित सभास्थल से ठीक पहले पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए बैरिकेड्स भी लगाया था। किसानों को जब इसका पता चला तो उन्होंने चतुराई से काम लेकर मेन अड्डे पर अपने ट्रैक्टर रोक दिए और गांव के अंदर से होकर सीधे सभास्थल तक जा पहुंचे। करीब आधे घंटे के इंतजार के बाद 5.20 बजे सांसद और विधायक वहां पहुंचे। उनके गाड़ियों से उतरते ही किसानों ने काले झंडे दिखाकर नारे लगाने शुरू कर दिए। करीब 15 मिनट तक किसानों ने लगातार नारेबाजी की। जब सांसद और विधायक ने धर्मशाला के अंदर जाने का प्रयास किया तो हाथों में काले झंडे लिए किसान उनके सामने खड़े हो गए। इस दौरान जब उनके समर्थक आगे बढ़े तो हलकी धक्का-मुक्की भी हुई। इससे पहले पुलिस की दो पीसीआर भी मौके पर पहुंची। जब सांसद और विधायक ने किसानों से बातचीत करने का प्रयास किया तो उन्होंने स्पष्ट मना कर दिया। करीब सवा छह बजे सांसद और विधायक चिड़िया गांव में आयोजित जनसभा को संबोधित किए बिना ही चले गए। इसके बाद किसान भी धरनास्थल की ओर लौट आए। धर्मशाला में पहुंचे सांसद ने किसानों के विरोध को देखकर खड़े धरना संयोजक विनोद मौड़ी से माइक मांगा और किसानों से बातचीत करने की इच्छा जाहिर की। इस पर किसानों ने माइक देने से मना कर दिया और कहा कि आज वे सुनने नहीं केवल विरोध करने और सुनाने आए हैं।
विज्ञापन


विरोध प्रदर्शन की झलकियां
- 4:35 पर किसान गांव चिड़िया अड्डे पर पहुंचे
- 4:50 पर किसान धर्मशाला के सामने पहुंचे
- 5:20 पर सांसद और विधायक धर्मशाला के सामने पहुंचे
- 6:10 पर सांसद और विधायक वहां से रवाना हुए

घोषित थ्री जी अवार्ड राशि से संतुष्ट नहीं किसान
17 गांवों के किसानों की करीब 700 एकड़ जमीन एनएच के दायरे में आई हुई है। इनका कहना है कि मुआवजे के लिए जो थ्री जी अवार्ड राशि घोषित की गई है उसमें किसानों का पक्ष सुना ही नहीं गया। जो राशि तय हुई वो 35 से 40 लाख है जो बेहद कम है। किसान प्रति एकड़ दो करोड़ रुपये मुआवजे की मांग कर रहे हैं। सात सूत्रीय मांगों के लिए प्रशासन के साथ किसानों की दस वार्ताएं हो चुकी हैं और अब तक मामला सिरे नहीं चढ़ पाने से किसानों में रोष है।
विज्ञापन
विज्ञापन


किसानों की अपनी जायज मांगे हैं और उनके विरोध का कतई बुरा नहीं लगा। दुख इस बात है कि ग्रीन कॉरिडोर प्रोजेक्ट रद्द हो सकता है और इसका असर चरखी दादरी जिले के विकास पर पड़ेगा। प्रदेश सरकार तक किसानों की मांगें पहुंचाई जा चुकी हैं।
धर्मबीर सिंह, सांसद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed