{"_id":"6aafeb1912554eb1f00db2a4","slug":"illegal-kilns-blazing-in-ncrs-gubhana-village-villagers-to-meet-delhi-government-officials-bahadurgarh-news-c-200-1-bgh1003-127385-2026-09-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhajjar-Bahadurgarh News: एनसीआर के गुभाना गांव में धधक रहीं अवैध भट्ठियां, ग्रामीण दिल्ली सरकार से मिलेंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhajjar-Bahadurgarh News: एनसीआर के गुभाना गांव में धधक रहीं अवैध भट्ठियां, ग्रामीण दिल्ली सरकार से मिलेंगे
Sun, 20 Sep 2026 07:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Sun, 20 Sep 2026 07:48 PM IST
विज्ञापन
फोटो नंबर 77: प्रदूषण फैलाने वाली अवैध इकाइयों से निकलता धुआं। (संवाद)
संवाद न्यूज़ एजेंसी
बादली। एनसीआर में वायु प्रदूषण रोकने के प्रयासों के बीच गुभाना गांव में 20 से 25 अवैध भट्ठियां धधक रही हैं। इनसे निकलने वाले धुएं से आसपास के लोगों को परेशानी हो रही है। करीब आठ गांव की पंचायतों ने दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मिलने का फैसला लिया है।
गुभाना के दीपक और मनजीत ने बताया कि करीब जुलाई 2026 में प्रदूषण बोर्ड को शिकायत मिली थी। इसके बाद भट्ठियों को तोड़ा गया था, लेकिन कुछ समय बाद उन्हें दोबारा चला दिया गया। भट्ठियों के धुएं के कारण सुबह के समय गांव और आसपास के खेतों में धुआं छाया रहता है। किसानों को खेतों की ओर जाने में भी परेशानी होती है। ग्रामीणों ने प्रदूषण फैलाने वाली भट्ठियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। सितंबर 2026 की शुरुआत में एनसीआर क्षेत्र के गांवों में पंचायत हुई थी। इसमें मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मिलने पर सहमति बनी। अक्तूबर माह के साथ एनसीआर में प्रदूषण का स्तर बढ़ने की आशंका रहती है।
हाल ही में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने एनसीआर जिलों में वायु प्रदूषण नियंत्रण पर समीक्षा बैठक की थी। इसमें धूल, औद्योगिक उत्सर्जन, वाहनों और कचरा प्रबंधन सहित प्रदूषण के विभिन्न स्रोतों पर कार्रवाई की समीक्षा हुई। केंद्रीय स्तर पर एनसीआर के प्रदूषण हॉटस्पॉट और नियमों का पालन नहीं करने वाली इकाइयों पर सख्त कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय स्तर पर भी इसी तरह प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है।
विज्ञापन
इस मामले में प्रदूषण बोर्ड के एसडीओ अजय बूरा का कहना है कि शिकायत मिलने पर भट्ठियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, ग्रामीणों का मानना है कि क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण के लिए केवल बैठकें और योजनाएं पर्याप्त नहीं हैं। जमीनी स्तर पर अवैध रूप से प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों की जांच और कार्रवाई भी जरूरी है। उनका कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो समस्या और बढ़ सकती है।
विज्ञापन
बादली। एनसीआर में वायु प्रदूषण रोकने के प्रयासों के बीच गुभाना गांव में 20 से 25 अवैध भट्ठियां धधक रही हैं। इनसे निकलने वाले धुएं से आसपास के लोगों को परेशानी हो रही है। करीब आठ गांव की पंचायतों ने दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मिलने का फैसला लिया है।
गुभाना के दीपक और मनजीत ने बताया कि करीब जुलाई 2026 में प्रदूषण बोर्ड को शिकायत मिली थी। इसके बाद भट्ठियों को तोड़ा गया था, लेकिन कुछ समय बाद उन्हें दोबारा चला दिया गया। भट्ठियों के धुएं के कारण सुबह के समय गांव और आसपास के खेतों में धुआं छाया रहता है। किसानों को खेतों की ओर जाने में भी परेशानी होती है। ग्रामीणों ने प्रदूषण फैलाने वाली भट्ठियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। सितंबर 2026 की शुरुआत में एनसीआर क्षेत्र के गांवों में पंचायत हुई थी। इसमें मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मिलने पर सहमति बनी। अक्तूबर माह के साथ एनसीआर में प्रदूषण का स्तर बढ़ने की आशंका रहती है।
विज्ञापन
हाल ही में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने एनसीआर जिलों में वायु प्रदूषण नियंत्रण पर समीक्षा बैठक की थी। इसमें धूल, औद्योगिक उत्सर्जन, वाहनों और कचरा प्रबंधन सहित प्रदूषण के विभिन्न स्रोतों पर कार्रवाई की समीक्षा हुई। केंद्रीय स्तर पर एनसीआर के प्रदूषण हॉटस्पॉट और नियमों का पालन नहीं करने वाली इकाइयों पर सख्त कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय स्तर पर भी इसी तरह प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है।
विज्ञापन
इस मामले में प्रदूषण बोर्ड के एसडीओ अजय बूरा का कहना है कि शिकायत मिलने पर भट्ठियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, ग्रामीणों का मानना है कि क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण के लिए केवल बैठकें और योजनाएं पर्याप्त नहीं हैं। जमीनी स्तर पर अवैध रूप से प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों की जांच और कार्रवाई भी जरूरी है। उनका कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो समस्या और बढ़ सकती है।