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3.99 लाख का प्रॉपर्टी टैक्स भरा, फिर भी भेज दिया दो करोड़ का नोटिस, फाइल भी हुई गायब
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प्रॉपर्टी टैक्स सब कमेटी की बैठक में मौजूद मेयर, कमेटी चेयरमैन, सदस्य व अधिकारी।
- फोटो : Hisar
हिसार। वार्ड दो की पार्षद कविता केडिया ने 3.99 लाख का प्रॉपर्टी टैक्स भर दिया। इसके बावजूद नगर निगम की टैक्स शाखा ने पार्षद के घर दो करोड़ रुपये का बकाया प्रॉपर्टी टैक्स का नोटिस भेज दिया। यही नहीं जब पार्षद इसकी जांच कराने के लिए उक्त शाखा में गईं तो वहां से फाइल भी गायब मिली।
पार्षद ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने को लेकर निगमायुक्त को शिकायत दी है। वहीं, यह मामला सोमवार को हुई वेरिएस टैक्स सब कमेटी की बैठक में भी गूंजा। मामला सामने आते ही महापौर गौतम सरदाना ने अधिकारियों से फाइल का पता लगाने के लिए कहा और फाइल न मिलने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने के निर्देश दिए।
पार्षद कविता केडिया ने बताया कि उन्होंने अपनी दो प्रॉपर्टी के टैक्स को लेकर निगम कार्यालय में 15 जुलाई 2017 को फाइल लगाई। इस पर 29 अगस्त 2017 को फैसला हो गया। इसके बाद उन्होंने 1.77 लाख व 1.78 लाख रुपये प्रॉपर्टी टैक्स के भर दिए। इस तरह से उन्होंने इन दोनों प्रॉपर्टी का 31 मार्च 2018 तक का पूरा प्रॉपर्टी टैक्स भर दिया। इसके बाद अगले वर्ष दोनों प्रॉपर्टी का 22-22 हजार रुपये टैक्स आया, जो उन्होंने जमा करवा दिया। मगर अब दोनों प्रॉपर्टी का 2010-11 से लेकर अब तक का दो करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया दिखाया जा रहा है। इसे लेकर उन्होंने प्रॉपर्टी टैक्स शाखा में जांच की तो पता चला कि कार्यालय में उनकी प्रॉपर्टी टैक्स की फाइल ही नहीं है। इसके अलावा कविता केडिया ने बैठक में बताया कि उन्होंने इसी वर्ष 16 मार्च को नाम हाउस टैक्स रिकॉर्ड में नाम परिवर्तन की फाइल लगाई थी। मगर आज तक नाम परिवर्तन नहीं किया गया है। महापौर ने इसे लेकर अधिकारियों से जवाब मांगा तो सचिव राहुल ने बताया कि यह फाइल 26 अप्रैल से जेई के पास है। इस पर मेयर ने जेई को बैठक में बुलाने को कहा तो अधिकारी बोले कि जेई आज अवकाश पर है।
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मेयर बोले - ईओ साहब किसे बचाने की कोशिश कर रहे हो
बैठक में पांच हजार प्रॉपर्टी की बैलेंस शीट को जीरो करने का मामला भी उठा। सब कमेटी के चेयरमैन प्रीतम सैनी ने ईओ से कहा कि मामले में कर्मचारियों के बयान सहित अन्य रिकॉर्ड जांच कमेटी को सौंपा जाए। इस पर ईओ ने कहा कि वह रिकॉर्ड दे चुके हैं। प्रीतम सैनी ने कहा कि आपने सभी पांच हजार प्रॉपर्टी की सिर्फ आईडी दी है, जबकि उनके नाम भी दिए जाएं। यह सुन मेयर ने कहा कि ईओ साहब किसे बचाने की कोशिश कर रहे हो। वैसे भी यह मामला आपके यहां आने से पहले का है। इस पर ईओ राजेंद्र सोनी ने कहा कि वह दो-तीन दिन में जांच कमेटी को पूरा रिकॉर्ड सौंप देंगे।
बरामदों से बाहर सामान मिले तो वीडियोग्राफी कर केस दर्ज कराओ
बैठक में बाजारों में अतिक्रमण को लेकर भी चर्चा हुई तो मेयर गौतम सरदाना ने तहबाजारी शाखा इंचार्ज सुरेंद्र शर्मा से पूछा कि बाजारों की क्या स्थिति है। सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि राजगुरु मार्केट में थोड़ी समस्या आ रही है। मेयर ने कहा कि जो दुकानदार बरामदों से बाहर सामान रख रहा है तो उसकी वीडियोग्राफी कर उसके खिलाफ केस दर्ज कराओ। शहर के सभी बाजारों में यह अभियान चलाया जाए। इसके अलावा खुले में व सड़क पर अतिक्रमण कर मीट बेचने वालों पर कार्रवाई की जाए और उनका सामान जब्त किया जाए। शहर में जगह-जगह अतिक्रमण कर मीट बेचा जा रहा है।
हर वीरवार को टैक्स संबंधी समस्या सुुनने के लिए उपलब्ध रहेंगे अधिकारी-पार्षद
इसके अलावा बैठक में फैसला किया गया कि हर वीरवार को दोपहर 3 से 5 बजे तक शहरवासियों की टैक्स संबंधी समस्याएं सुनी जाएंगी। इस दौरान निगम के अधिकारी व पार्षद भी मौके पर मौजूद रहेंगे। इस अवसर पर मेयर ने कहा कि प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर मौजूदा वित्त वर्ष में 10 व 25 प्रतिशत की छूट आई हुई है। शहरवासियों से अपील है कि छूट का लाभ उठाते हुए प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाएं।
ऑनलाइन बिल भरने के बाद रसीद निगम में करवाएं जमा
कमेटी चेयरमैन भूप सिंह रोहिल्ला ने कहा कि एनडीसी में ऑनलाइन प्रॉपर्टी टैक्स भर दिया है। उसके बावजूद बिल अभी भी पेंडिंग आ रहा है। सचिव राहुल ने बताया कि एनडीसी व यूएलबी की साइट आपस में इंटरलिंक नहीं है। इस वजह से एनडीसी के दौरान ऑनलाइन भरे गए प्रॉपर्टी टैक्स यूएलबी की साइट पर पेंडिंग है। शहरवासी एनडीसी की साइट पर भरे गए प्रॉपर्टी टैक्स व अन्य बकाया की रसीद प्रॉपर्टी टैक्स शाखा में जमा करवाकर यूएलबी की साइट पर अपना बिल ठीक करवा सकते हैं। इस पर मेयर ने कहा कि यूएलबी व एनडीसी की साइट को इंटरलिंक करवाने को लेकर मुख्यालय को पत्र लिखा जाए, ताकि आमजन को परेशानी न आए। कमेटी चेयरमैन प्रीतम सैनी ने कहा कि प्रॉपर्टी टैक्स के बिल बंटवाने का कार्य निगम प्रशासन को करना चाहिए, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग टैक्स भर सकेंगे। कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि याशी कंपनी को बिल बांटने का कार्य टेंडर में दिया गया है। कंपनी को पत्र भेजकर बिल बांटने के आदेश दिए जाएंगे। बैठक में वार्ड 1 से 10 कमेटी के चेयरमैन भूप सिंह रोहिल्ला, वार्ड 11 से 20 कमेटी के चेयरमैन प्रीतम सैनी, डीएमसी प्रदीप हुड्डा, सीनियर डिप्टी मेयर अनिल सैनी, डिप्टी मेयर जयवीर गुर्जर, विनोद ढांडा, कविता केडिया, ईओ राजेंद्र सोनी, सचिव राहुल, तहबाजारी इंचार्ज सुरेंद्र शर्मा आदि मौजूद रहे।
ये निर्णय भी हुए
- याशी कंपनी के कर्मचारी जब भी शहर में गलियों व मोहल्लों की नंबरिंग का कार्य शुरू करेंगे। पार्षदों को इसकी जानकारी देंगे और उनके साथ मिलकर नंबरिंग का कार्य करवाएंगे।
- एनडीसी पर अपडेट होने वाले डाटा को प्रतिमाह यूएलबी पर अपडेट करने को लेकर मुख्यालय को पत्र लिखा जाए।
- सभी वार्डों में प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाने को लेकर कैंप लगाए जाएं।
पार्षद प्रतिनिधियों को बोलने से रोका
सब कमेटी की बैठक में कुछ पार्षद प्रतिनिधि भी बैठे हुए थे। इस दौरान वे भी बोलने लगे तो मेयर ने इस आपत्ति जताई। मेयर ने उनसे कहा कि अगर आपकी कोई समस्या है तो लिखकर दें। इस पर पार्षद प्रतिनिधि उठकर मीटिंग हॉल से बाहर चले गए।
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पार्षद ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने को लेकर निगमायुक्त को शिकायत दी है। वहीं, यह मामला सोमवार को हुई वेरिएस टैक्स सब कमेटी की बैठक में भी गूंजा। मामला सामने आते ही महापौर गौतम सरदाना ने अधिकारियों से फाइल का पता लगाने के लिए कहा और फाइल न मिलने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने के निर्देश दिए।
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पार्षद कविता केडिया ने बताया कि उन्होंने अपनी दो प्रॉपर्टी के टैक्स को लेकर निगम कार्यालय में 15 जुलाई 2017 को फाइल लगाई। इस पर 29 अगस्त 2017 को फैसला हो गया। इसके बाद उन्होंने 1.77 लाख व 1.78 लाख रुपये प्रॉपर्टी टैक्स के भर दिए। इस तरह से उन्होंने इन दोनों प्रॉपर्टी का 31 मार्च 2018 तक का पूरा प्रॉपर्टी टैक्स भर दिया। इसके बाद अगले वर्ष दोनों प्रॉपर्टी का 22-22 हजार रुपये टैक्स आया, जो उन्होंने जमा करवा दिया। मगर अब दोनों प्रॉपर्टी का 2010-11 से लेकर अब तक का दो करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया दिखाया जा रहा है। इसे लेकर उन्होंने प्रॉपर्टी टैक्स शाखा में जांच की तो पता चला कि कार्यालय में उनकी प्रॉपर्टी टैक्स की फाइल ही नहीं है। इसके अलावा कविता केडिया ने बैठक में बताया कि उन्होंने इसी वर्ष 16 मार्च को नाम हाउस टैक्स रिकॉर्ड में नाम परिवर्तन की फाइल लगाई थी। मगर आज तक नाम परिवर्तन नहीं किया गया है। महापौर ने इसे लेकर अधिकारियों से जवाब मांगा तो सचिव राहुल ने बताया कि यह फाइल 26 अप्रैल से जेई के पास है। इस पर मेयर ने जेई को बैठक में बुलाने को कहा तो अधिकारी बोले कि जेई आज अवकाश पर है।
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मेयर बोले - ईओ साहब किसे बचाने की कोशिश कर रहे हो
बैठक में पांच हजार प्रॉपर्टी की बैलेंस शीट को जीरो करने का मामला भी उठा। सब कमेटी के चेयरमैन प्रीतम सैनी ने ईओ से कहा कि मामले में कर्मचारियों के बयान सहित अन्य रिकॉर्ड जांच कमेटी को सौंपा जाए। इस पर ईओ ने कहा कि वह रिकॉर्ड दे चुके हैं। प्रीतम सैनी ने कहा कि आपने सभी पांच हजार प्रॉपर्टी की सिर्फ आईडी दी है, जबकि उनके नाम भी दिए जाएं। यह सुन मेयर ने कहा कि ईओ साहब किसे बचाने की कोशिश कर रहे हो। वैसे भी यह मामला आपके यहां आने से पहले का है। इस पर ईओ राजेंद्र सोनी ने कहा कि वह दो-तीन दिन में जांच कमेटी को पूरा रिकॉर्ड सौंप देंगे।
बरामदों से बाहर सामान मिले तो वीडियोग्राफी कर केस दर्ज कराओ
बैठक में बाजारों में अतिक्रमण को लेकर भी चर्चा हुई तो मेयर गौतम सरदाना ने तहबाजारी शाखा इंचार्ज सुरेंद्र शर्मा से पूछा कि बाजारों की क्या स्थिति है। सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि राजगुरु मार्केट में थोड़ी समस्या आ रही है। मेयर ने कहा कि जो दुकानदार बरामदों से बाहर सामान रख रहा है तो उसकी वीडियोग्राफी कर उसके खिलाफ केस दर्ज कराओ। शहर के सभी बाजारों में यह अभियान चलाया जाए। इसके अलावा खुले में व सड़क पर अतिक्रमण कर मीट बेचने वालों पर कार्रवाई की जाए और उनका सामान जब्त किया जाए। शहर में जगह-जगह अतिक्रमण कर मीट बेचा जा रहा है।
हर वीरवार को टैक्स संबंधी समस्या सुुनने के लिए उपलब्ध रहेंगे अधिकारी-पार्षद
इसके अलावा बैठक में फैसला किया गया कि हर वीरवार को दोपहर 3 से 5 बजे तक शहरवासियों की टैक्स संबंधी समस्याएं सुनी जाएंगी। इस दौरान निगम के अधिकारी व पार्षद भी मौके पर मौजूद रहेंगे। इस अवसर पर मेयर ने कहा कि प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर मौजूदा वित्त वर्ष में 10 व 25 प्रतिशत की छूट आई हुई है। शहरवासियों से अपील है कि छूट का लाभ उठाते हुए प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाएं।
ऑनलाइन बिल भरने के बाद रसीद निगम में करवाएं जमा
कमेटी चेयरमैन भूप सिंह रोहिल्ला ने कहा कि एनडीसी में ऑनलाइन प्रॉपर्टी टैक्स भर दिया है। उसके बावजूद बिल अभी भी पेंडिंग आ रहा है। सचिव राहुल ने बताया कि एनडीसी व यूएलबी की साइट आपस में इंटरलिंक नहीं है। इस वजह से एनडीसी के दौरान ऑनलाइन भरे गए प्रॉपर्टी टैक्स यूएलबी की साइट पर पेंडिंग है। शहरवासी एनडीसी की साइट पर भरे गए प्रॉपर्टी टैक्स व अन्य बकाया की रसीद प्रॉपर्टी टैक्स शाखा में जमा करवाकर यूएलबी की साइट पर अपना बिल ठीक करवा सकते हैं। इस पर मेयर ने कहा कि यूएलबी व एनडीसी की साइट को इंटरलिंक करवाने को लेकर मुख्यालय को पत्र लिखा जाए, ताकि आमजन को परेशानी न आए। कमेटी चेयरमैन प्रीतम सैनी ने कहा कि प्रॉपर्टी टैक्स के बिल बंटवाने का कार्य निगम प्रशासन को करना चाहिए, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग टैक्स भर सकेंगे। कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि याशी कंपनी को बिल बांटने का कार्य टेंडर में दिया गया है। कंपनी को पत्र भेजकर बिल बांटने के आदेश दिए जाएंगे। बैठक में वार्ड 1 से 10 कमेटी के चेयरमैन भूप सिंह रोहिल्ला, वार्ड 11 से 20 कमेटी के चेयरमैन प्रीतम सैनी, डीएमसी प्रदीप हुड्डा, सीनियर डिप्टी मेयर अनिल सैनी, डिप्टी मेयर जयवीर गुर्जर, विनोद ढांडा, कविता केडिया, ईओ राजेंद्र सोनी, सचिव राहुल, तहबाजारी इंचार्ज सुरेंद्र शर्मा आदि मौजूद रहे।
ये निर्णय भी हुए
- याशी कंपनी के कर्मचारी जब भी शहर में गलियों व मोहल्लों की नंबरिंग का कार्य शुरू करेंगे। पार्षदों को इसकी जानकारी देंगे और उनके साथ मिलकर नंबरिंग का कार्य करवाएंगे।
- एनडीसी पर अपडेट होने वाले डाटा को प्रतिमाह यूएलबी पर अपडेट करने को लेकर मुख्यालय को पत्र लिखा जाए।
- सभी वार्डों में प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाने को लेकर कैंप लगाए जाएं।
पार्षद प्रतिनिधियों को बोलने से रोका
सब कमेटी की बैठक में कुछ पार्षद प्रतिनिधि भी बैठे हुए थे। इस दौरान वे भी बोलने लगे तो मेयर ने इस आपत्ति जताई। मेयर ने उनसे कहा कि अगर आपकी कोई समस्या है तो लिखकर दें। इस पर पार्षद प्रतिनिधि उठकर मीटिंग हॉल से बाहर चले गए।