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2.14 करोड़ के ठगी मामले में एडीजीपी से मिला रिटायर्ड पुलिसकर्मी
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हिसार। रिटायर्ड पुलिसकर्मी ओमप्रकाश ने ठगी मामले में पुलिस पर आरोपी के साथ मिलीभगत करने के आरोप लगाए हैं। मामले में आरोपी आजाद नगर निवासी शेरसिंह पूनिया पर एफआईआर दर्ज होने के सात माह बाद भी उसे गिरफ्तार नहीं करने का आरोप लगाया है। अब पीड़ित ने एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर हरियाणा नवदीप सिंह विर्क को शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई है।
शिकायत में ओमप्रकाश ने बताया कि उनके परिवार की साझे खाते की जमीन राजस्थान में थी, जिसे बेचकर उन्होंने अप्रैल 2013 में 93 लाख 50 हजार रुपये अपने बैंक खाते में जमा करवा दिए। आरोपी शेर सिंह पूनिया सेक्टर 16-17 निवासी फूलसिंह को लेकर उसके पास आया और द पूनिया कोऑपरेटिव नॉन एग्रीकल्चर थ्रीप्ट एंड क्रेडिट समिति में पैसा रखने 1.5 से 2 रुपये सैकड़े तक का ब्याज का लालच देकर 80 लाख रुपये सोसायटी के खाते में ट्रांसफर करवा लिए। बाद में उसने और पैसे जमा करवा लिए। जब उसे पैसे की जरूरत हुई तो उससे पैसे निकलवाने को कहा, लेकिन वह टालमटोल करता रहा।
11 मई 2018 को शेर सिंह ने धमकी देते हुए पैसे देने से इनकार कर दिया और कहा कि यहां से चला जा नहीं तो सरकारी कार्य में बाधा डालने का मुकदमा दर्ज करवा दूंगा। पीड़ित ने कहा कि उसकी कुल 2 करोड़ 14 लाख रुपये आरोपी ने हड़प लिए। एसपी को शिकायत दी, उन्होंने मामला आजाद नगर चौकी में भेज दिया। पीड़ित का आरोप है कि चौकी इंचार्ज ने आरोपी के साथ सांठगांठ करके मामले को रद्द करवा दिया। इसके बाद उन्होंने डीजीपी को शिकायत की और आर्थिक अपराध शाखा हिसार ने गहन जांच के बाद 22 नवंबर 2018 को आरोपी शेरसिंह पूनिया के खिलाफ आजाद नगर थाने में केस दर्ज किया गया। उसके बाद मामले की जांच डीएसपी कर रहे हैं। पीड़ित का आरोप है कि केस दर्ज होने के सात माह बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गई है। पीड़ित के अनुसार उसने अब एडीजीपी से मिलकर मामले में आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की है।
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शिकायत में ओमप्रकाश ने बताया कि उनके परिवार की साझे खाते की जमीन राजस्थान में थी, जिसे बेचकर उन्होंने अप्रैल 2013 में 93 लाख 50 हजार रुपये अपने बैंक खाते में जमा करवा दिए। आरोपी शेर सिंह पूनिया सेक्टर 16-17 निवासी फूलसिंह को लेकर उसके पास आया और द पूनिया कोऑपरेटिव नॉन एग्रीकल्चर थ्रीप्ट एंड क्रेडिट समिति में पैसा रखने 1.5 से 2 रुपये सैकड़े तक का ब्याज का लालच देकर 80 लाख रुपये सोसायटी के खाते में ट्रांसफर करवा लिए। बाद में उसने और पैसे जमा करवा लिए। जब उसे पैसे की जरूरत हुई तो उससे पैसे निकलवाने को कहा, लेकिन वह टालमटोल करता रहा।
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11 मई 2018 को शेर सिंह ने धमकी देते हुए पैसे देने से इनकार कर दिया और कहा कि यहां से चला जा नहीं तो सरकारी कार्य में बाधा डालने का मुकदमा दर्ज करवा दूंगा। पीड़ित ने कहा कि उसकी कुल 2 करोड़ 14 लाख रुपये आरोपी ने हड़प लिए। एसपी को शिकायत दी, उन्होंने मामला आजाद नगर चौकी में भेज दिया। पीड़ित का आरोप है कि चौकी इंचार्ज ने आरोपी के साथ सांठगांठ करके मामले को रद्द करवा दिया। इसके बाद उन्होंने डीजीपी को शिकायत की और आर्थिक अपराध शाखा हिसार ने गहन जांच के बाद 22 नवंबर 2018 को आरोपी शेरसिंह पूनिया के खिलाफ आजाद नगर थाने में केस दर्ज किया गया। उसके बाद मामले की जांच डीएसपी कर रहे हैं। पीड़ित का आरोप है कि केस दर्ज होने के सात माह बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गई है। पीड़ित के अनुसार उसने अब एडीजीपी से मिलकर मामले में आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की है।
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