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भवन निर्माण में बाधा बनी केंद्र-राज्य सरकार की गाइडलाइन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 14 May 2022 12:42 AM IST
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Central-state government's guideline became a hindrance in building construction
संदीप रामायण
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हिसार। केंद्र सरकार व राज्य सरकार के विभागों की गाइडलाइन के कारण सरकारी स्कूलों की जर्जर बिल्डिंग नौनिहालों के सिर पर खतरा बनकर मंडरा रही है। नई बिल्डिंग के निर्माण के लिए यह गाइडलाइन बाधा बन गई है। सिरसा रोड स्थित टीटीसी यानी ट्रैक्टर ट्रेनिंग सेंटर व हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय स्थित तीन राजकीय विद्यालयों की बिल्डिंग कंडम घोषित हो चुकी है। इन स्कूलों की बिल्डिंग के कमरों छतो से मलबा गिरता रहता है। इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे हमेशा भय के साये में पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
शिक्षा विभाग इन बिल्डिंगों तो गिरवाने के लिए लगातार पत्राचार करता आ रहा है, लेकिन केंद्र सरकार व राज्य सरकार की विभागीय अड़चन के कारण इन जर्जर भवनों को गिराना व इनकी जगह नई बिल्डिंग का निर्माण करना संभव नहीं हो पा रहा है। जिले के सरकारी स्कूलों में जर्जर हो चुकी बिल्डिंग विद्यार्थियों व शिक्षकों के लिए मुसीबत बनी हुई है।
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ये अड़ा है पेच
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि स्कूल टीटीसी व एचएयू की जमीन हैं जो केंद्र सरकार के अंतर्गत आती है। स्कूल शिक्षा विभाग का है जो हरियाणा सरकार के अंतर्गत आता है। ऐसे में गाइडलाइन के तहत शिक्षा विभाग नई बिल्डिंग का निर्माण नहीं कर सकता। स्कूल शिक्षा विभाग का होने के कारण टीटीसी व एचएयू प्रशासन स्कूल की नई बिल्डिंग का निर्माण नहीं कर रहे हैं।
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टीटीसी : बारिश के दिनों में स्कूल की करनी पड़ती है छुट्टी
ट्रैक्टर ट्रेनिंग सेंटर (टीटीसी) स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला व राजकीय माध्यमिक विद्यालय का निर्माण सन 1968 में हुआ था। फिलहाल दोनों स्कूलों के 14 कमरे जर्जर हो चुके हैं। टीटीसी प्राइमरी स्कूल में 112 विद्यार्थी पढ़ाई करते हैं व माध्यमिक विद्यालय में 73 विद्यार्थी। पिछले सत्र में स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए अभियान में इस विद्यालय को जिला प्रशासन की तरफ से सम्मानित भी किया जा चुका है। फिलहाल इस स्कूल के हालात ऐसे हैं कि इसके कमरों में जाने से विद्यार्थियों को डर लगता है। बारिश के दिनों में तो स्कूल की इस जर्जर बिल्डिंग में और भी खतरा बढ़ जाता है, ऐसे में स्कूल की छुट्टी करनी पड़ती है।
प्रार्थना में रोज बताया जाता है कि जर्जर बिल्डिंग में मत जाना
स्कूलों की जमीन हकीकत जानने के लिए अमर उजाला टीम ने हिसार शहरी क्षेत्र में कई स्कूलों का हाल देखा। टीटीसी स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला, राजकीय माध्यमिक विद्यालय, पुरानी सब्जी मंडी चौक के पास स्थित में राजकीय माध्यमिक विद्यालय नंबर-3, एचएयू स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला का हाल देखा। सब्जी मंडी चौक के पास स्थित राजकीय विद्यालय के बीचों-बीच अंग्रेजों के जमाने में बनी एक बिल्डिंग है जो काफी जर्जर हो चुकी है। इन सभी स्कूलों के मुखियाओं द्वारा हर रोज प्रार्थना सभा में विद्यार्थियों को जर्जर बिल्डिंग में न जाने के लिए बताया जाता है।
टीटीसी स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला व माध्यमिक विद्यालय की बिल्डिंग काफी जर्जर हो चुकी है। एचएयू स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला का भी यही हाल है। दोनों ओर से विभागीय अड़चन के कारण इन स्कूलों में नई बिल्डिंग का निर्माण नहीं हो पा रहा है। हमारा विभाग निरंतर प्रयास में लगा है। - धनपत राम, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, हिसार

हमारे स्कूल की बिल्डिंग जर्जर हो चुकी है। बिल्डिंग का मलबा अपने आप गिरता है। स्कूल में 112 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। यह मामला कई बार जिला प्रशासनिक अधिकारियों के संज्ञान में लाया जा चुका है। शिक्षा विभाग व टीटीसी की विभागीय गाइडलाइन के कारण नए भवन निर्माण की प्रक्रिया सिरे नहीं चढ़ पा रही है। यही हाल राजकीय माध्यमिक विद्यालय का है। - महाबीर सिंह, मुख्यापक, राजकीय प्राइमरी पाठशाला टीटीसी, हिसार
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