{"_id":"61156acb8ebc3ef4537003f1","slug":"30-beds-reserved-for-children-in-isolation-ward-of-agroha-medical-college-hisar-news-hsr6087948136","type":"story","status":"publish","title_hn":"अग्रोहा मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में 30 बेड बच्चों के लिए आरक्षित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अग्रोहा मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में 30 बेड बच्चों के लिए आरक्षित
विज्ञापन
हिसार। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर खत्म हो चुकी है। विशेषज्ञों की मानें तो तीसरी लहर का अंदेशा है। कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए अग्रोहा मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने तैयारी शुरू कर दी हैं। अस्पताल में बने 200 बेड के आइसोलेशन वार्ड में 15 फीसदी बेड बच्चों के लिए निर्धारित किए गए हैं। संक्रमित व संदिग्ध बच्चों के इलाज और देखरेख के लिए बाल रोग विशेषज्ञ को तैनात किया जाएगा।
हिसार जिला अगस्त महीने के पहले सप्ताह में कोरोना मुक्त हो चुका है। पिछले कई दिनों से अस्पताल में कोरोना का कोई मरीज नहीं आ रहा है। 200 बेड का आइसोलेशन वार्ड खाली पड़ा है। नागरिक अस्पताल प्रबंधन ने बच्चों के लिए 20 फीसदी बेड संजीवनी अस्पताल में आरक्षित किए गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना चाहे कितने रूप बदल लें, मगर तीसरी लहर में वैक्सीन लगने से संक्रमण कम प्रभावशाली होगा। इससे मरीजों की हालत कम गंभीर होगी और रिकवरी जल्द कर सकेंगे। तीसरी लहर के मद्देनजर अस्पताल में फिजिशियन एवं बाल रोग विभाग के चिकित्सक सहित उनकी टीम को दो से तीन बार ट्रेनिंग दे दी है। इसके बाद ही वार्ड में ड्यूटी लगाने की योजना बनाई है।
प्रत्येक बेड पर ऑक्सीजन सप्लाई की व्यवस्था और बिजली कनेक्शन करवाए जा रहे हैं
अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड के हर बेड पर ऑक्सीजन सप्लाई के लिए पाइप लाइन की व्यवस्था करवाई जा रही है। साथ ही प्रत्येक बेड पर वेंटिलेटर की सुविधा के लिए बिजली कनेक्शन करवाए जा रहे हैं। दोनों लहर अचानक आने से अस्पताल प्रबंधन वार्ड को जल्दबाजी में तैयार नहीं करवा सका। दूसरी लहर में कई मरीजों को अन्य खाली पड़ी जगह में बेड पर ऑक्सीजन सिलिंडर के सहारे दाखिल रखना पड़ा था।
विज्ञापन
ऑक्सीजन भंडारण की क्षमता हुई दोगुनी
अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट बनाने का कार्य प्रगति पर है। यह प्लांट एक मिनट में एक हजार लीटर ऑक्सीजन का उत्पादन करेगा। दूसरी लहर के अंतराल में दूसरे ऑक्सीजन टैंक का निर्माण पूरा कर लिया गया है। अब ऑक्सीजन भंडारण की क्षमता दोगुनी हो गई है। पहले बार-बार ऑक्सीजन सिलिंडर भरवाकर पाइप में सप्लाई के लिए लगाए जाते थे। इसमें अधिक समय और कर्मियों की जरूरत पड़ती है।
हमने 200 बेड के आइसोलेशन वार्ड में 15 फीसदी यानि 30 बेड बच्चों के लिए अलग से निर्धारित किए हैं। इसके लिए बाल रोग विभाग की टीम अलग होगी। टीम की दो से तीन बार ट्रेनिंग हो चुकी है। अभी आइसोलेशन वार्ड खाली है। - डॉ. अनूप ग्रोवर, प्रोफेसर, दंत विभाग, मेडिकल कॉलेज, अग्रोहा
विज्ञापन
हिसार जिला अगस्त महीने के पहले सप्ताह में कोरोना मुक्त हो चुका है। पिछले कई दिनों से अस्पताल में कोरोना का कोई मरीज नहीं आ रहा है। 200 बेड का आइसोलेशन वार्ड खाली पड़ा है। नागरिक अस्पताल प्रबंधन ने बच्चों के लिए 20 फीसदी बेड संजीवनी अस्पताल में आरक्षित किए गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना चाहे कितने रूप बदल लें, मगर तीसरी लहर में वैक्सीन लगने से संक्रमण कम प्रभावशाली होगा। इससे मरीजों की हालत कम गंभीर होगी और रिकवरी जल्द कर सकेंगे। तीसरी लहर के मद्देनजर अस्पताल में फिजिशियन एवं बाल रोग विभाग के चिकित्सक सहित उनकी टीम को दो से तीन बार ट्रेनिंग दे दी है। इसके बाद ही वार्ड में ड्यूटी लगाने की योजना बनाई है।
विज्ञापन
प्रत्येक बेड पर ऑक्सीजन सप्लाई की व्यवस्था और बिजली कनेक्शन करवाए जा रहे हैं
अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड के हर बेड पर ऑक्सीजन सप्लाई के लिए पाइप लाइन की व्यवस्था करवाई जा रही है। साथ ही प्रत्येक बेड पर वेंटिलेटर की सुविधा के लिए बिजली कनेक्शन करवाए जा रहे हैं। दोनों लहर अचानक आने से अस्पताल प्रबंधन वार्ड को जल्दबाजी में तैयार नहीं करवा सका। दूसरी लहर में कई मरीजों को अन्य खाली पड़ी जगह में बेड पर ऑक्सीजन सिलिंडर के सहारे दाखिल रखना पड़ा था।
विज्ञापन
ऑक्सीजन भंडारण की क्षमता हुई दोगुनी
अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट बनाने का कार्य प्रगति पर है। यह प्लांट एक मिनट में एक हजार लीटर ऑक्सीजन का उत्पादन करेगा। दूसरी लहर के अंतराल में दूसरे ऑक्सीजन टैंक का निर्माण पूरा कर लिया गया है। अब ऑक्सीजन भंडारण की क्षमता दोगुनी हो गई है। पहले बार-बार ऑक्सीजन सिलिंडर भरवाकर पाइप में सप्लाई के लिए लगाए जाते थे। इसमें अधिक समय और कर्मियों की जरूरत पड़ती है।
हमने 200 बेड के आइसोलेशन वार्ड में 15 फीसदी यानि 30 बेड बच्चों के लिए अलग से निर्धारित किए हैं। इसके लिए बाल रोग विभाग की टीम अलग होगी। टीम की दो से तीन बार ट्रेनिंग हो चुकी है। अभी आइसोलेशन वार्ड खाली है। - डॉ. अनूप ग्रोवर, प्रोफेसर, दंत विभाग, मेडिकल कॉलेज, अग्रोहा