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अब प्रॉपर्टी असेसमेंट के देने होंगे पांच सौ रुपये, प्रॉपर्टी ट्रांसफर के लिए खर्चने होंगे 2000
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अब प्रॉपर्टी असेसमेंट के पांच सौ और प्रॉपर्टी ट्रांसफर कराने के देंगे दो हजार रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। नगर परिषद में प्रॉपर्टी असेसमेंट और प्रॉपर्टी ट्रांसफर के शुल्क में बदलाव किया है। अब प्रॉपर्टी असेसमेंट के लिए लोगों को पांच सौ रुपये खर्च करने होंगे। वहीं प्रॉपर्टी ट्रांसफर शुल्क दो हजार रुपये होगा। प्रॉपर्टी असेसमेंट के दाम एक सौ से पांच गुणा बढ़ाकर पांच सौ रुपये कर दिए है। वहीं प्रॉपर्टी ट्रांसफर शुल्क भी बढ़ाकर दोगुणा कर दिया गया है। पहले एक हजार रुपये शुल्क था। नप अधिकारियों का कहना है कि पार्षदों ने बैठक में प्रस्ताव पास कर शुल्क बढ़ाया है। वहीं कुछ पार्षद इसका विरोध भी कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगली बैठक में इसका विरोध किया जाएगा।
नगर परिषद में औसतन हर रोज 30 से 40 लोग प्रॉपर्टी असेसमेंट लेने के लिए पहुंचते है जबकि प्रॉपर्टी ट्रांसफर के लिए भी 15 से 20 लोग हर रोज आवेदन करते हैं। अब तक प्रॉपर्टी असेसमेंट का शुल्क एक सौ रुपये निर्धारित जबकि प्रॉपर्टी ट्रांसफर का शुल्क एक हजार रुपये तय था। शुल्क बढ़ने से लोगों में नाराजगी है। इससे 31 वार्डों के हजारों लोग प्रभावित होंगे।
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कहां जरूरत पड़ती है प्रॉपर्टी असेसमेंट की
मुख्य रूप से तो प्रॉपर्टी असेसमेंट प्रॉपर्टी टैक्स भरने में ही प्रयोग होती है। मगर अब इसे बैंक लोन, नक्शे पास कराने, रजिस्ट्री आदि कार्यों में भी प्रयोग किया जा रहा है।
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पार्षद बोले, हमारे सामने नहीं हुआ विचार
नगर परिषद अधिकारियों का कहना है कि नगर परिषद की बैठक में प्रस्ताव पास कर पार्षदों ने ही प्रॉपर्टी असेसमेंट और प्रॉपर्टी ट्रांसफर का शुल्क बढ़ाया है। जबकि कुछ पार्षदों ने नाम न छापने की बात कहते हुए बताया कि जब तक वे मीटिंग में थे। इस विषय पर कोई विचार विमर्श नहीं हुआ। उनके पीछे से ही ये रेट रिवाइज किए गए हैं। एक साथ इतने रेट बढ़ाना गलत है। अगली बैठक में इस पर विचार विमर्श किया जाएगा।
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आमजन के विरुद्ध लिया फैसला
यह निर्णय गलत है। इतना शुल्क नहीं बढ़ाना चाहिए था। असेसमेंट शुल्क एक सौ से दो सौ रुपये कर दिया जाता और प्रॉपर्टी ट्रांसफर शुल्क को भी एक सौ या दो सौ रुपये तक ही बढ़ाना चाहिए था। मगर इसे जानबूझकर अपने फायदे के लिए ज्यादा बढ़ाया गया है। यह गलत निर्णय है और आमजन के खिलाफ है। अगली बैठक में इसका विरोध किया जाएगा।
- ईश्वर सिंह मान, पार्षद वार्ड 05
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प्रॉपर्टी असेसमेंट शुल्क और प्रॉपर्टी ट्रांसफर शुल्क बढ़ाने का फैसला नप हाउस की बैठक में पार्षदों ने ही प्रस्ताव पास करके लिया है। उन्हीं के फैसले के बाद रेट रिवाइज किए गए हैं।
- अपूर्व चौधरी, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद
हाउस की बैठक में सभी ने मिलकर प्रॉपर्टी असेसमेंट शुल्क और प्रॉपर्टी ट्रांसफर शुल्क रिवाइज करने का फैसला लिया है। लंबे समय से ये शुल्क रिवाइज नहीं हुए थे। इस कारण यह निर्णय लिया गया।
- रण सिंह यादव, चेयरमैन, नगर परिषद
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अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। नगर परिषद में प्रॉपर्टी असेसमेंट और प्रॉपर्टी ट्रांसफर के शुल्क में बदलाव किया है। अब प्रॉपर्टी असेसमेंट के लिए लोगों को पांच सौ रुपये खर्च करने होंगे। वहीं प्रॉपर्टी ट्रांसफर शुल्क दो हजार रुपये होगा। प्रॉपर्टी असेसमेंट के दाम एक सौ से पांच गुणा बढ़ाकर पांच सौ रुपये कर दिए है। वहीं प्रॉपर्टी ट्रांसफर शुल्क भी बढ़ाकर दोगुणा कर दिया गया है। पहले एक हजार रुपये शुल्क था। नप अधिकारियों का कहना है कि पार्षदों ने बैठक में प्रस्ताव पास कर शुल्क बढ़ाया है। वहीं कुछ पार्षद इसका विरोध भी कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगली बैठक में इसका विरोध किया जाएगा।
नगर परिषद में औसतन हर रोज 30 से 40 लोग प्रॉपर्टी असेसमेंट लेने के लिए पहुंचते है जबकि प्रॉपर्टी ट्रांसफर के लिए भी 15 से 20 लोग हर रोज आवेदन करते हैं। अब तक प्रॉपर्टी असेसमेंट का शुल्क एक सौ रुपये निर्धारित जबकि प्रॉपर्टी ट्रांसफर का शुल्क एक हजार रुपये तय था। शुल्क बढ़ने से लोगों में नाराजगी है। इससे 31 वार्डों के हजारों लोग प्रभावित होंगे।
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कहां जरूरत पड़ती है प्रॉपर्टी असेसमेंट की
मुख्य रूप से तो प्रॉपर्टी असेसमेंट प्रॉपर्टी टैक्स भरने में ही प्रयोग होती है। मगर अब इसे बैंक लोन, नक्शे पास कराने, रजिस्ट्री आदि कार्यों में भी प्रयोग किया जा रहा है।
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पार्षद बोले, हमारे सामने नहीं हुआ विचार
नगर परिषद अधिकारियों का कहना है कि नगर परिषद की बैठक में प्रस्ताव पास कर पार्षदों ने ही प्रॉपर्टी असेसमेंट और प्रॉपर्टी ट्रांसफर का शुल्क बढ़ाया है। जबकि कुछ पार्षदों ने नाम न छापने की बात कहते हुए बताया कि जब तक वे मीटिंग में थे। इस विषय पर कोई विचार विमर्श नहीं हुआ। उनके पीछे से ही ये रेट रिवाइज किए गए हैं। एक साथ इतने रेट बढ़ाना गलत है। अगली बैठक में इस पर विचार विमर्श किया जाएगा।
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आमजन के विरुद्ध लिया फैसला
यह निर्णय गलत है। इतना शुल्क नहीं बढ़ाना चाहिए था। असेसमेंट शुल्क एक सौ से दो सौ रुपये कर दिया जाता और प्रॉपर्टी ट्रांसफर शुल्क को भी एक सौ या दो सौ रुपये तक ही बढ़ाना चाहिए था। मगर इसे जानबूझकर अपने फायदे के लिए ज्यादा बढ़ाया गया है। यह गलत निर्णय है और आमजन के खिलाफ है। अगली बैठक में इसका विरोध किया जाएगा।
- ईश्वर सिंह मान, पार्षद वार्ड 05
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प्रॉपर्टी असेसमेंट शुल्क और प्रॉपर्टी ट्रांसफर शुल्क बढ़ाने का फैसला नप हाउस की बैठक में पार्षदों ने ही प्रस्ताव पास करके लिया है। उन्हीं के फैसले के बाद रेट रिवाइज किए गए हैं।
- अपूर्व चौधरी, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद
हाउस की बैठक में सभी ने मिलकर प्रॉपर्टी असेसमेंट शुल्क और प्रॉपर्टी ट्रांसफर शुल्क रिवाइज करने का फैसला लिया है। लंबे समय से ये शुल्क रिवाइज नहीं हुए थे। इस कारण यह निर्णय लिया गया।
- रण सिंह यादव, चेयरमैन, नगर परिषद