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दिल्ली

मंगलवार, 7 अप्रैल 2020

दिल्ली अपराध शाखा ने जमात को भेजा दूसरा नोटिस

निजामुद्दीन मकरज में मौलाना साद को क्राइम ब्रांच ने उसके वकील के माध्यम से सोमवार को दोबारा नोटिस भेजकर जवाब-तलब किया है। नोटिस में मौलाना से मकरज से जुड़े पदाधिकारियों की जानकारी मांगी गई है।

नोटिस के जवाब में मौलाना ने सभी पदाधिकारियों के सेल्फ आइसोलेशन में होने की जानकारी दी है। इस जवाब के बाद क्राइम ब्रांच की टीम सभी पदाधिकारियों के दर्ज पते का सत्यापन कराएगी। पुलिस को आशंका है कि सभी पदाधिकारी अपने घरों पर न होकर कहीं अज्ञात स्थान पर भूमिगत हो गए हैं।

किसी भी तरह के आयोजन पर दिल्ली में रोक होने के बावजूद निजामुद्दीन मरकज में तब्लीगी जमात का आयोजन करने वाले मौलाना साद का अबतक कुछ पता नहीं लग पाया है। 

क्राइम ब्रांच ने मौलाना को पहले जारी किए हुए नोटिस में 26 सवाल पूछे थे। जिसके जवाब में मौलाना ने खुद के सेल्फ आइसोलेशन में होन की जानकारी दी। मौलाना ने मरकज खुलने के बाद बाकी के सवालों के जवाब देने के लिए कहा था।
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गौतम गंभीर की मदद पर बोले CM केजरीवाल- पैसा नहीं PPE किट कहीं से दिलवा दीजिए

कोरोना वायरस से लड़ने के लिए उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का केंद्र सरकार से फंड नहीं मुहैया कराने के आरोप पर गौतम गंभीर ने सोमवार को जवाब दिया। गंभीर ने एक ट्वीट के माध्यम से दिल्ली सरकार को 50 लाख रुपये और देने की पेशकश की। पूर्वी दिल्ली के भाजपा सांसद गौतम गंभीर ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सरकार पर मगरमच्छ के आंसू बहाने और पीड़ित कार्ड खेलने का आरोप भी मढ़ा था। हालांकि सोमवार को गौतम के ट्वीट पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जवाब भी दिया है।



गंभीर ने अपने ट्वीट में लिखा है, मुख्यमंत्री केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री कह रहे हैं कि उन्हें फंड की जरूरत है। हालांकि उनके अहंकार को पहले ये स्वीकार नहीं था कि वो मुझसे 50 लाख रुपये लें, लेकिन मैं 50 लाख रुपये और देने की प्रतिज्ञा लेता हूं ताकि मासूम लोग परेशान न हों। मुझे उम्मीद है कि एक करोड़ रुपये कम से कम आपातकालीन जरूरतों को पूरी कर मास्क और कोरोना से बचाव के लिए पीपीई किट्स लाने में मददगार होंगे।

इस पर सीएम केजरीवाल ने गंभीर के ट्वीट पर ही जवाब देते हुए लिखा है कि गौतम जी आपके प्रस्ताव के लिए शुक्रिया। यहां समस्या पैसों की नहीं बल्कि पीपीई किट की उपलब्धता की है। हम आपके आभारी होंगे अगर आप कहीं से ये किट हमें दिलवाने में सहयोग कर देंगे, दिल्ली सरकार तुरंत उन्हें खरीद लेगी। आपका शुक्रिया।
 
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कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए रेलवे ने बनाया खास टनल

दिल्ली में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 525 हुई, जल्द मिलेगी एक लाख पीपीई किट

कोरोना के चलते देशभर में लॉकडाउन आज भी जारी है। आज भी पूरे दिल्ली-एनसीआर में पुलिस-प्रशासन सख्ती से इसका पालन करा रहे हैं। सड़कें बीते कई दिनों की तरह आज भी खाली हैं। वहीं दिल्ली में जमातियों के चलते तेजी से संक्रमितों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है और कुल पॉजिटिव केस 500 के पार चले गए हैं। वहीं मेवात और पलवल में आज भी कई नए केस सामने आए हैं। पढ़ें दिनभर के सभी अपडेट्स...

दिल्ली में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 525 हुई, पिछले 24 घंटों में 20 नए मरीज 

सोमवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जानकारी दी कि दिल्ली में इस समय कुल 525 केस हैं। पिछले 24 घंटो में 20 नए केस सामने आए हैं, इनमें 20 में से 10 मरकज के हैं और बाकी 10 दूसरे हैं। 525 केस में से 330 मरकज में शामिल लोग हैं। अब तक कोरोना से 7 लोगों की मृत्यु हो गई है और पिछले 24 घंटों में एक मौत हुई है।

उन्होंने बतया कि हमने एक लाख टेस्टिंग किट का ऑर्डर दे दिया है। ये किट शुक्रवार को आ जाएंगी। केंद्र सरकार द्वारा दिल्ली को 27,000 व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) किट आवंटित किए गए हैं।

केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली में कल से 421 सरकारी स्कूलों में गरीबों को राशन बांटा जाएगा, जिनके पास राशन कार्ड नहीं है। प्रत्येक व्यक्ति को 4 किलो गेहूं और एक किलो चावल मिलेगा। हमारा लक्ष्य 10 लाख लोगों को राशन देना है और अगर जरूरत पड़ी तो केंद्र से हम और अनाज ले लेंगे।

दिल्ली सरकार का बड़ा निर्णय, इन तीन अस्पतालों में सिर्फ कोरोना के मरीजों का होगा इलाज
दिल्ली सरकार ने निर्णय लिया है कि 2000 बेड की क्षमता वाला लोक नायक अस्पताल (जिसमें जी.बी. पंत अस्पताल भी शामिल है) और राजीव गांधी सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल जिसमें 450 बेड की सुविधा है, इनको अब केवल कोरोना वायरस के मामलों के लिए इस्तमाल किया जाएगा।

क्राइम ब्रांच ने निजामुद्दीन मरकज को दूसरा नोटिस भेजा है
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने निजामुद्दीन मरकज को दूसरा नोटिस भेजा है। नोटिस में मरकज से जल्द जवाब दाखिल करने को कहा गया है। गौरतलब है कि पहले के दिए नोटिस में एक भी तब्लीगी जमात का पदाधिकारी सामने नहीं आया है। मौलाना साद ने सभी पदाधिकारियों के सेल्फ आइसोलेशन में रहने की बात कही थी। ऐसे में पुलिस मरकज के सभी पदाधिकारियों का गृह सत्यापन कराएगी। पुलिस को आशंका है कि ज्यादातर पदाधिकारी मौलाना साद के साथ छिपे हुए हैं।

आप सांसद संजय सिंह ने बांटे राशन के पैकेट
आप सांसद संजय सिंह ने लॉकडाउन के बीच जरूरतमंदों को राशन बांटा। संजय सिंह ने कहा अब तक हम 3500 राशन के पैकेट बांट चुके हैं, 5000 पैकेट अभी बांटने हैं। हमारा लक्ष्य 25,000 लोगों को राशन बांटना है। इसमें मेरा सिर्फ एक महीने का वेतन है और बाकी सभी दोस्तों का इसमें योगदान है।

70 संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों की पहचान नहीं हो सकी हैः सत्येंद्र जैन
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा है कि सरकार अभी तक 70 संक्रमित लोगों के संपर्क में आए लोगों की खोज नहीं कर सके हैं। बहुत से लोगों की कल(रविवार) ही पॉजिटिव रिपोर्ट आई है। हमें आशा है कि आज शाम तक हम इन लोगों को ढूंढ लेंगे।

दिल्ली में संक्रमित हुए 503 लोग
दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों की संख्या 503 हो गई है। रविवार को एक ही दिन में 58 नए संक्रमित मिले, जिनमें 19 तब्लीगी जमाती हैं। कुल मरीजों में 320 संक्रमित निजामुद्दीन स्थित मरकज से निकाले गए थे। वहीं, शनिवार को पंजाबी बाग स्थित महाराजा अग्रसेन अस्पताल में हुई कोरोना संक्रमित मरीज की मौत की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग ने कर दी है। ये मरीज हरियाणा पुलिस में सब इंस्पेक्टर था और फिलहाल उनकी तैनाती सोनीपत जिले में थी। 52 वर्षीय सब इंस्पेक्टर को 13 मार्च की सुबह ब्रेन हेमरेज हुआ था, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां उनमें कोरोना वायरस के लक्षण दिखाई दिए और 4 अप्रैल को उनकी मौत हो गई। इसी के साथ अब दिल्ली में मरने वालों की संख्या सात हो गई है।
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अरविंद केजरीवाल अरविंद केजरीवाल

पुलिस की मुश्किल, ज्यादातर जमातियों के मोबाइल बंद, नाम-पते भी फर्जी

निजामुद्दीन मरकज में तब्लीगी जमात में शामिल हुए लोगों का जांच टीमों ने सेल डाटा तो एकत्र कर लिया गया है, लेकिन जांच अधिकारियों के सामने बड़ी चुनौती यह है कि बरामद ज्यादातर मोबाइल नंबर स्विच ऑफ हैं। पुलिस को अब उन सभी नंबरों का पता निकालकर संबंधित राज्यों की पुलिस से जानकारी जुटानी पड़ रही है। 

सूत्रों का कहना है कि नंबर बंद करने के पीछे जमाती खुद को क्वारंटीन से बचाने का प्रयास कर रहे हैं। जांच में कुछ मोबाइल नंबर ऐसे भी मिले हैं, जो फर्जी नाम-पते पर लिए गए हैं। उन पते पर संबंधित शख्स रहता ही नहीं है। इन चुनौतियों के सामने आने के बाद पुलिस की परेशानी दोगुनी हो गई है कि कोरोना पॉजिटिव मरीजों की पहचान कैसे करे? हालांकि, क्राइम ब्रांच जमातियों की तलाश के लिए क्राइम मैपिंग का भी सहारा ले रही है।

मैपिंग से पता चला है कि बड़ी संख्या में जमातियों के मोबाइल की लोकेशन कई दिन तक मरकज के आसपास आ रही है, लेकिन फिलहाल उनकी पहचान नहीं हो पा रही है। मैपिंग प्रक्रिया में अन्य राज्यों की पुलिस से भी क्राइम ब्रांच मदद ले रही है। माना जा रहा है कि कोरोना वायरस संकट को नजरअंदाज करते हुए मार्च में हुए तब्लीगी जमात कार्यक्रम में करीब 9000 लोगों ने हिस्सा लिया था। इनमें से हजारों लोग देश के विभिन्न हिस्सों से आए थे। कार्यक्रम में विदेश से आए लोग भी शामिल थे। इन सभी लोगों की तलाश की जा रही है और उन्हें क्वारंटीन करने का प्रयास किया जा रहा है।

उधर, डंप डाटा में मरकज या उसके आसपास सभी एक्टिव मोबाइल की डिटेल हैं, जिन मोबाइल फोन की लोकेशन यहां लंबे समय तक आ रही थी उनके यूजर्स से सपंर्क किया जा रहा है। उनसे पूछा जा रहा है कि क्या वो मरकज के अंदर थे या नहीं?
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देश के कुछ हिस्सों में कोरोना की स्थिति गंभीर, स्वास्थ्य मंत्रालय का दावा, भारत अभी स्टेज तीन से दूर

कोरोना वायरस को लेकर दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) का मानना है कि फिलहाल देश के कुछ हिस्सों में स्थिति गंभीर बनी हुई है। इन कोरोना हॉटस्पॉट पर स्पेशल फोकस सबसे जरूरी है। एम्स निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया का कहना है कि कुछ हिस्सों में कोरोना का संक्रमण क्षेत्रीय स्तर पर शुरू हुआ है, लेकिन अभी देश तीसरी स्टेज तक नहीं पहुंचा है। वहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव कुमार अग्रवाल का कहना है कि हम अभी भी स्टेज तीन से दूर हैं। इसे यही रोकने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें तमाम प्रयास कर रहे हैं।

सोमवार को एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा कि दुनिया में जितने केस आए हैं उसके मुकाबले भारत में बहुत कम मामले हैं। कई क्षेत्रों में अब जांच भी बढ़ गई हैं। इसके बाद भी मरीज कम ही सामने आ रहे हैं। इससे जाहिर होता है कि हमें बहुत ज्यादा चिंतित होने की जरूरत नहीं है। कुछ क्षेत्रों में इस पर ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन स्थानों पर प्रशासनिक कार्य काफी किए जा रहे हैं। उन्होंने ये भी अपील की है कि लोगों को लॉकडाउन के नियमों का पालन जरूर करना है। अभी तक यही तरीका है जिसकी बदौलत कोरोना वायरस को रोक पाए हैं।

प्रधानमंत्री को लिखी चिट्ठी
एम्स के रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मांग की है कि सुरक्षा उपकरणों की मांग करने वाले डॉक्टर या स्वास्थ्य कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। स्वास्थ्य कर्मचारियों को गुणवत्ता के सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना जरूरी है। इनकी कमी के कारण ही डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ इसकी मांग कर रहा है, लेकिन जो लोग इस मुद्दे को उठा रहे हैं उन्हें धमकियां दी जा रही हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए। इसके लिए डॉक्टरों ने पीएम नरेंद्र मोदी से सख्त आदेश जारी करने की अपील भी की है।
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दिल्ली के हॉटस्पॉट बने कैंसर अस्पताल में मिले 10 और कोरोना संक्रमित

दिल्ली के हॉटस्पॉट बने राज्य कैंसर संस्थान में 10 और संक्रमित मिले हैं। सोमवार को आई रिपोर्ट के बाद एक डॉक्टर और 11 नर्स को कोरोना संक्रमण मिला है। अभी तक इस अस्पताल से दो डॉक्टर और 16 नर्स को संक्रमण हो चुका है।

यहां कोरोना का उपचार नहीं होता है। इसके बाद भी अस्पताल में सबसे पहले कोरोना संक्रमण रेजीडेंट डॉक्टर से पहुंचा था जोकि अपने भाई से संपर्क में आने के बाद संक्रमित हुई थी। इसके बाद से अस्पताल बंद है और यहां भर्ती मरीजों को दूसरे अस्पतालों में रैफर किया जा चुका है।

सबसे पहले संक्रमित मिलने के बाद रेजीडेंट डॉक्टर के संपर्क में आए 19 लोगों को क्वारंटीन किया था। अब सभी संक्रमित मिले हैं।
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न्यूयॉर्क में बाघिन में कोरोना मिलने के बाद दिल्ली के चिड़ियाघर में बढ़ी सतर्कता

corona (सांकेतिक फोटो)
न्यूयॉर्क में बाघिन में कोरोना के लक्षण मिलने के बाद दिल्ली चिड़ियाघर में भी सतर्कता बढ़ गई है। इस संबंध में केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) ने देशभर के चिड़ियाघरों को सतर्क रहने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं। साथ ही चिड़ियाघरों को वन्यजीवों की निगरानी के लिए सीसीटीवी की व्यवस्था करने को भी कहा गया है।

चिड़ियाघर प्रशासन का कहना है कि प्रशासन वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर पहले से सतर्क है। इसके लिए प्रशासन ने काफी पहले ही भी संक्रमण रोकने के लिए कदम उठा लिए थे। इसके लिए वन्यजीवों की देखभाल करने वाले अन्य लोगों को अलग से पोशाक उपलब्ध करा गई है।

जिसे पहन कर चिड़ियाघर के बाहर नहीं जा सकते हैं। वहीं, पूरे परिसर को भी सैनिटाइज किया जा रहा है। जिससे संक्रमण का प्रकोप ना फैल सके। प्रशासन का कहना है कि चिड़ियाघर कर्मियों को वन्यजीवों से उचित दूरी बनाने के निर्देश दिए गए हैं। जिससे जानवरों में कोरोना का वायरस न फैल सके।

गौरतलब है कि न्यूयॉर्क के ब्रोंक्स चिड़ियाघर में सादिया नाम की बाघिन में कोरोना की पुष्टि हुई है। हालांकि, ब्रोंक्स चिड़ियाघर प्रशासन भी अभी इस मामले में चुप है।
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जमात से लौटा युवक गांव पहुंचा तो हुआ भीड़ का शिकार, कोरोना फैलाने का आरोप लगाकर पीटा

देशभर में तब्लीगी जमात से जुड़े कोरोना पॉजिटीव केस मिलने के बाद आम लोगों में दहशत का माहौल है। लोग इस कदर डरे हुए हैं कि अब लोगों ने जमातियों पर हमले भी शुरू कर दिए हैं।

ताजा मामले में रविवार को बवाना के हरेवली गांव में जमात से घर लौटा एक युवक भीड़ के हमले का शिकार हो गया। आरोप है कि ग्रामीणों ने युवक पर कोरोना फैलाने के आरोप लगाकर उसे खेतों में ले जाकर बुरी तरह पीटा। इस दौरान इसके वीडियो बनाकर वायरल भी कर दिए गए।

युवक को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया गया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल दिलशाद उर्फ महबूब अली को अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से उसे जीबी पंत अस्पताल रेफर कर दिया गया।

पुलिस ने पीड़ित के परिवार की शिकायत पर ग्रामीणों के खिलाफ हमला करने का मामला दर्ज कर लिया है। वहीं घायल युवक के खिलाफ भी लॉकडाउन का पालन न करने पर सरकारी आदेश के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया है। बवाना थाना पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है।
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कोरोना से बचाव के लिए ग्रामीण महिलाओं ने घूंघट को बनाया ढाल

नई दिल्ली (सर्वेश कुमार)। हरियाणा से लगते दिल्ली के गांवों में कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए अधिकतर महिलाएं मास्क की बजाय घूंघट का इस्तेमाल कर रही हैं। वर्षों से घूंघट लेने के रिवाज को ही महिलाएं इस महामारी से लडने का जरिया बना चुकी हैं। महिलाओं का कहना है कि वर्षों से बड़े बुजुगों के सामने घूंघट की प्रथा उन्हें इस गंभीर संक्रमण से बचाव के लिए भी कारगर साबित हो रही है।
गांवों में साफा(पगड़ी)को भी बुजुर्ग इस संक्रमण से बचाव के लिए इस्तेमाल में ला रहे हैं।
गांव इसापुर निवासी वीरेंद्र सिंह डागर का कहना है कि गांवों में सदियों से चली आ रही परंपरा के तहत घूंघट का रिवाज है। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए मास्क की बजाय महिलाएं घूंघट या चुन्नी का उपयोग कर रही हैं। यह भी कपड़े से तैयार किया गया है, जिससे परंपरा के साथ साथ संक्रमण से बचाव भी किया जा रहा है।
गांव ढांसा निवासी करमजीत ने बताया कि संक्रमण से बचाव के लिए मास्क की जगह परंपरागत परिधान ही काफी है। महिलाओं का कहना है कि वर्षों से घूंघट या चुन्नी डालने का रिवाज है। गांव में अधिकांश लोग घर और खेतों तक ही आना जाना रहता है। कुछ नौकरीपेशा लोग अगर बाहर जा भी रहे हैं तो सभी तरह के एहतियात बरत रहे हैं।
गांवों में अधिकतर पुरुष साफा डालते हैं, इसलिए संक्रमण से बचाव के लिए बाहर निकलने पर इसी साफा से बचाव कर रहे हैं।
नमस्ते और राम राम का रिवाज भी साबित हो रहा है कारगर
गांवों में अभी भी एक दूसरे से मुलाकात होने पर अभिवादन के तौर पर एक दूसरे को परंपरागत नमस्ते या राम राम करते हैं। इससे जहां एक दूसरे से दूरी बनाए रखते तो दूसरी तरफ हाथ मिलाने का रिवाज न होने से संक्रमण का खतरा भी काफी कम है। खेतों में काम करते वक्त भी सभी एक दूसरे से उचित दूरी बनाए रखते हैं तो जरूरी काम के लिए अगर दुकान पर जाना भी पड़े तो नजफगढ़ क्षेत्र में उचित दूरी पर सभी लोग रहकर लॉकडाउन का पूरी तरह पालन कर रहे हैं।
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लॉकडाउनः दूध की केन में कर रहा था शराब की सप्लाई, ऐसे हुआ गिरफ्तार

लॉकडाउन के दौरान शराब की मांग बढ़ी तो सलेमपुर जाट जिला बुलंदशहर यूपी निवासी बॉबी चौधरी ने अवैध शराब सप्लाई करने की ठानी। वह दूध की केन में रखकर अवैध शराब सप्लाई करने लगा। उसे मोटा मुनाफा भी होने लगा।

रविवार रात करीब 12 बजे अति सुरक्षित इलाके नई दिल्ली से निकलना उसे भारी पड़ गया। पिकेट चेकिंग के दौरान साउथ एवेन्यू थाना पुलिस ने उसे दबोच लिया। उसकी मोटरसाइकिल पर लटकी दूध की चार केन से अवैध शराब की सात बोतल बरामद की गई।

नई दिल्ली जिला डीसीपी डॉ. ईश सिंघल के अनुसार साउथ एवेन्यू थाने में तैनात एसआई श्रवण कुमार सिपाही राकेश कुमार के साथ नाइट चेकिंग कर रहे थे। रात करीब 12.06 बजे उन्होंने मोटरसाइकिल सवार को संदिग्ध हालत में आते देखा।

पुलिसकर्मियों ने रुकने का इशारा किया तो आरोपी ने मोटरसाइकिल की स्पीड बढ़ा दी। एसआई श्रवण कुमार ने मोटरसाइकिल से पीछा कर बॉबी चौधरी को राष्ट्रपति भवन के गेट नंबर पांच के पास पकड़ लिया। 

आरोपी बॉबी चौधरी के खिलाफ पहले से कोई मुकद्दमा दर्ज नहीं है। आरोपी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह अवैध शराब की बोतलों को गुरुग्राम से लाकर गाजियाबाद ले जा रहा था।

वह अवैध शराब को गाजियाबाद में सप्लाई करता। लॉकडाउन के दौरान वह अवैध शराब की सप्लाई करने लगा था। उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
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एहतियात जरूरी, फिर भी खाने की दौड़ में भूल गए दूरी

नई दिल्ली। कोरोना संक्रमण से लोगों को बचाव के लिए सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद खाने की दौड़ में लोग एक दूसरे के बीच दूरी बनाने को जरूरी नहीं समझ रहे हैं। लॉकडाउन में लोगों के लिए सरकार और एनजीओ तैयार खाना बांट रहे हैं। इस दौरान बच्चे हो या बड़े सभी नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। उत्तम नगर के बिंदापुर क्षेत्र में सुरक्षाकर्मी खाना लेने वालों को दूरी बनाए रखने की हिदायत देते भी दिखे। रोजाना इस तरह की अनदेखी हो रही है। इसके अलावा दुकानों पर भी लोग दूरी बनाए रखने के नियम की अनदेखी कर रहे हैं। जानकारों के अनुसार अगर यह अनदेखी नहीं रुकी तो संक्रमण और ज्यादा फैलने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। ... और पढ़ें

स्कूल पढ़ाई में जॉयफुल लर्निंग को करें शामिल: सीबीएसई

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप से बचाव के लिए पूरा देश लॉकडाउन है। ऐसे में स्कूलों की पढ़ाई ऑनलाइन माध्यमों से हो रही हैै। पढ़ाई से बच्चे बोर ना हों, इसके लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने स्कूलों को जॉयफुल लर्निंग (आनंदपूर्ण तरीके) से पढ़ाई कराने पर फोकस करने के लिए कहा है। उन्हें एनसीईआरटी के वैकल्पिक शैक्षणिक कैलेंडर का इस्तेमाल करने की सलाह दी है जो गतिविधियों के जरिये आनंदपूर्ण तरीके से सीखने पर जोर देता है।
सीबीएसई ने एनसीईआरटी द्वारा पहली से बारहवीं के छात्रों के लिए विकसित वैकल्पिक शैक्षणिक कैलेंडर का पालन करने की सलाह दी है। यह कैलेंडर विशेष रुप से उन गतिविधियों के आधार पर विकसित किया गया है जो आनंदपूर्ण तरीके से सीखने पर जोर देती हैं। बोर्ड का मानना है कि ऐसे में जब बच्चा घर में है तो उसे रचनात्मक और आनंदपूर्वक पढ़ाई कराई जा सकती है।
बोर्ड ने रसोईघर को सीखने के लिए सबसे अच्छी लैब बताया है। इससे वह मिलनसार भी बनेगा और उसमें चीजों को देखकर सीखने की क्षमता का विकास होगा। स्कूल अपने विद्यार्थियों के माता-पिता से कहें कि वह रसोई के काम में हिस्सा लेने के लिए उन्हें प्रेरित करें। इससे ना केवल वह खाना पकाना सीखेंगे बल्कि वर्गीकरण, संगठन, मात्रा, अनुपात, स्वच्छता, समय, पोषण के संबंध में भी सीखेंगे। वहीं घर के काम करने से उन्हें स्पेस मैनेजमेंट, टाइम मैैनेजमेंट, सेल्फ मैनेजमेंट सिखाया जा सकता है। इसके लिए शिक्षक इनोवेटिव कंटेंट, टाइमटेबल, असाइनमेंट व प्रश्न बैंक तैयार कर सकते हैं।
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