{"_id":"5b8568ab42c79246475f76b2","slug":"153546972818-grnoida-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"खनन माफिया संजय मोमनाथल पर लगाया एनएसए","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
खनन माफिया संजय मोमनाथल पर लगाया एनएसए
Updated Tue, 28 Aug 2018 08:52 PM IST
विज्ञापन
हेडिंग: खनन माफिया संजय मोमनाथल पर लगा रासुका
पुल बनाकर रोक दिया था यमुना का बहाव, अभी जेल में है बंद
जमानत का कर रहा प्रयास, प्रशासन ने शासन को भेजी रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। जिला प्रशासन ने खनन माफिया संजय मोमनाथल पर रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम) लगाया दिया है। जिले में पहली बार किसी खनन माफिया पर ऐसी कार्रवाई हुई है। जिलाधिकारी ने इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी है। जल्द ही वहां से भी इस पर संस्तुति मिल जाएगी।
जिलाधिकारी बीएन सिंह ने बताया कि गांव मोमनाथल निवासी संजय लंबे समय से अवैध खनन कर रहा है। उसका नाम खनन माफिया की सूची में भी शामिल है। उसने गांव के पास यमुना में पुल बनाकर खनन करने के लिए नदी का बहाव रोक दिया था। यह पुल दो दिन के अंदर तैयार किया गया। सूचना मिलने पर पिछले माह 11 जुलाई को एसडीएम सदर, खनन विभाग व पुलिस की टीम ने छापा मारा। वहां से बड़ी मात्रा में मशीन व डंपर जब्त किए गए। यह केवल संगठित अपराध ही नहीं, बल्कि पर्यावरण के विनाश से जुड़ा हुआ मामला भी है। संजय जमानत पर बाहर आने का प्रयास कर रहा है। अगर वह बाहर आता है तो फिर अवैध खनन के कारोबार को संचालित करेगा। ऐसे में एसएसपी की रिपोर्ट पर संजय पर रासुका की धारा-3 की उप धारा-2 के तहत कार्रवाई की गई है।
23 साल से कर रहा अवैध खनन
एसएसपी ने बताया कि अवैध खनन का कारोबार संजय 23 साल से चला रहा है। इस दौरान चार से अधिक बार पुलिस बल पर भी हमला कर चुका है। वर्ष 2015 और चालू वर्ष में गैंगस्टर की कार्रवाई भी हो चुकी है। वर्ष 1995 में पहला मुकदमा दर्ज हुआ था। वर्ष 2014 में सबसे अधिक आठ मुकदमे दर्ज हुए थे। वह एक गिरोह बनाकर वह काम करता है। इसमें उसका बेटा भूपेंद्र भी शामिल है। बाकी सदस्य मजदूर हैं।
विज्ञापन
एसएसओ की हत्या के आरोपी पर भी रासुका
ग्रेेटर नोएडा। दादरी क्षेत्र में दो माह पहले धूम मानिकपुर बिजली के एसएसओ (सब स्टेशन ऑपरेटर) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या के आरोप में बढ़पुरा निवासी नीटू व टीटू को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। जिलाधिकारी ने पुलिस की रिपोर्ट पर दोनों पर भी रासुका लगाया था और रिपोर्ट शासन को भेजी थी। शासन ने इसकी मंजूरी दे दी है। मंगलवार को इसका आदेश जिलाधिकारी को मिल गया है। तीन माह के लिए रासुका लगाया गया है।
विज्ञापन
पुल बनाकर रोक दिया था यमुना का बहाव, अभी जेल में है बंद
जमानत का कर रहा प्रयास, प्रशासन ने शासन को भेजी रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। जिला प्रशासन ने खनन माफिया संजय मोमनाथल पर रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम) लगाया दिया है। जिले में पहली बार किसी खनन माफिया पर ऐसी कार्रवाई हुई है। जिलाधिकारी ने इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी है। जल्द ही वहां से भी इस पर संस्तुति मिल जाएगी।
जिलाधिकारी बीएन सिंह ने बताया कि गांव मोमनाथल निवासी संजय लंबे समय से अवैध खनन कर रहा है। उसका नाम खनन माफिया की सूची में भी शामिल है। उसने गांव के पास यमुना में पुल बनाकर खनन करने के लिए नदी का बहाव रोक दिया था। यह पुल दो दिन के अंदर तैयार किया गया। सूचना मिलने पर पिछले माह 11 जुलाई को एसडीएम सदर, खनन विभाग व पुलिस की टीम ने छापा मारा। वहां से बड़ी मात्रा में मशीन व डंपर जब्त किए गए। यह केवल संगठित अपराध ही नहीं, बल्कि पर्यावरण के विनाश से जुड़ा हुआ मामला भी है। संजय जमानत पर बाहर आने का प्रयास कर रहा है। अगर वह बाहर आता है तो फिर अवैध खनन के कारोबार को संचालित करेगा। ऐसे में एसएसपी की रिपोर्ट पर संजय पर रासुका की धारा-3 की उप धारा-2 के तहत कार्रवाई की गई है।
विज्ञापन
23 साल से कर रहा अवैध खनन
एसएसपी ने बताया कि अवैध खनन का कारोबार संजय 23 साल से चला रहा है। इस दौरान चार से अधिक बार पुलिस बल पर भी हमला कर चुका है। वर्ष 2015 और चालू वर्ष में गैंगस्टर की कार्रवाई भी हो चुकी है। वर्ष 1995 में पहला मुकदमा दर्ज हुआ था। वर्ष 2014 में सबसे अधिक आठ मुकदमे दर्ज हुए थे। वह एक गिरोह बनाकर वह काम करता है। इसमें उसका बेटा भूपेंद्र भी शामिल है। बाकी सदस्य मजदूर हैं।
विज्ञापन
एसएसओ की हत्या के आरोपी पर भी रासुका
ग्रेेटर नोएडा। दादरी क्षेत्र में दो माह पहले धूम मानिकपुर बिजली के एसएसओ (सब स्टेशन ऑपरेटर) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या के आरोप में बढ़पुरा निवासी नीटू व टीटू को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। जिलाधिकारी ने पुलिस की रिपोर्ट पर दोनों पर भी रासुका लगाया था और रिपोर्ट शासन को भेजी थी। शासन ने इसकी मंजूरी दे दी है। मंगलवार को इसका आदेश जिलाधिकारी को मिल गया है। तीन माह के लिए रासुका लगाया गया है।