फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Chandigarh : After three months, case registered against accused of accident

चंडीगढ़ पुलिस की कारगुजारी, पीड़ित पर बनाया समझौते का दबाव, पीएमओ पहुंचा मामला तो दर्ज किया केस 

Sat, 23 Jan 2021 05:03 PM IST
निवेदिता वर्मा अमित गुप्ता, अमर उजाला, चंडीगढ़
अमित गुप्ता, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 23 Jan 2021 05:03 PM IST
विज्ञापन
Chandigarh : After three months, case registered against accused of accident
हादसे के बाद से आजम खान बिस्तर पर ही है। - फोटो : अमर उजाला

चंडीगढ़ यूटी पुलिस का एक नया कारनामा सामने आया है। तीन महीने पहले औद्योगिक क्षेत्र में गलत दिशा से आ रही आई-20 कार की टक्कर से बाइक चालक के पैर की हड्डी टूट गई। डॉक्टरों ने पैर काटने तक को कह दिया। इसके बावजूद यूटी पुलिस पीड़ित को इंसाफ दिलाने के बजाय समझौता करवाने पर अड़ी रही। 

विज्ञापन


तंग आकर पीड़ित के भाई ने डीएसपी, एसपी सिटी, एसएसपी, डीआईजी समेत डीजीपी दफ्तर में इंसाफ की गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। शिकायतकर्ता ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को चिट्ठी लिखकर इंसाफ की गुहार लगाई तो औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया, लेकिन गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई है। 
विज्ञापन


यह भी पढ़ें - किसान आंदोलन में हिंसा की साजिश: अब गिरफ्तार युवक बोला- किसानों के दबाव में दिया बयान 
विज्ञापन
विज्ञापन


नाजिम खान ने बताया कि वह सेक्टर-29/बी निवासी है। 21 अक्तूबर 2020 की सुबह करीब 9 बजे उनका छोटा भाई आजम खान (23) अपनी केटीएम बाइक से औद्योगिक क्षेत्र से कुछ जरूरी सामान लेने जा रहा था। आरोप है कि औद्योगिक क्षेत्र स्थित सेंट्रा मॉल के पास गलत दिशा से आ रही दिल्ली नंबर की आई-20 कार ने बाइक को टक्कर मार दी।

हादसे में आजम के दाहिने पैर की हड्डी निकलकर बाहर आ गई। उसे सेक्टर 32 के सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने संक्रमण के चलते पैर तक काटने को कह दिया, लेकिन उन्होंने सेक्टर-34 स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज करवाया, जहां करीब दो लाख रुपये खर्च के बाद पैर में रॉड डाली गई। हालांकि डॉक्टरों ने उसे एक साल तक चलने फिरने से मना किया है। 

50 हजार रुपये में समझौता करवाने पर अड़ी रही पुलिस 

नाजिम खान का आरोप है कि घटना के बाद वह औद्योगिक क्षेत्र स्थित थाने में शिकायत दर्ज करवाने पहुंचा, लेकिन पुलिसकर्मी उसकी बात सुनने को राजी नहीं थे। उसे यह कहकर वापस भेज देते कि गलती उसके भाई की है, वह तेज रफ्तार में था। 50 हजार रुपये लेकर मामले को रफा-दफा करने का दबाव बनाकर कहते, अब मामले में कुछ नहीं हो सकता।

कई बार थाने में चक्कर काट कार्रवाई न होते देखकर उसने क्षेत्रीय डीएसपी गुरमुख सिंह के दफ्तर में गुहार लगाई, लेकिन कोई इंसाफ नहीं मिला। इसके बाद वह एसपी सिटी विनीत कुमार के पास पहुंचा। वहां मामला दर्ज करने का आश्वासन तो दिया गया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। 

आरोप है कि बाद में वह एसएसपी कुलदीप सिंह चहल, डीआईजी ओमवीर सिंह समेत डीजीपी संजय बेनीवाल से भी मिला, लेकिन कहीं से न्याय नहीं मिला। थक-हारकर उसने पीएमओ को चिट्ठी लिखी और इंसाफ की गुहार लगाई। बीते सोमवार को उनके पास एक फोन आया। इसके बाद एसएसपी के पास दोबारा पहुंचे तो आरोपी कार चालक ललित कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। आरोपी सेक्टर-17 स्थित एक बैंक में काम करता है। 
 
शादी की चल रही थी बात, अब टूट गई
नाजिम ने बताया कि आजम खान तीन भाइयों में सबसे छोटा है। वह सेक्टर-27 में बैनर बोर्ड का काम करता था, लेकिन हादसे के बाद से उसकी कमाई बंद हो गई, उन्होंने बताया कि दो भाइयों की शादी हो चुकी है। आजम की शादी के लिए बात चल रही थी, लेकिन हादसे की वजह से वह रिश्ता टूट गया। अब आजम अगले एक साल तक अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो सकता है, क्योंकि उसके पैर की हड्डी काटकर उसमें रॉड जोड़ी गई है। नाजिम ने कहा कि अगर उसका भाई तेज रफ्तार में बाइक चला रहा था तो पुलिस उसका भी चालान काटती, लेकिन जब चालक कार को गलत दिशा में चला रहा था, तो सारी गलती चालक की थी। 

घटनास्थल के पास सड़क पर काम चल रहा था। रूट में बदलाव के चलते कार गलत दिशा से जा रही थी। मामले की जांच पूरी करने के बाद अब कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। -गुरमुख सिंह, डीएसपी ईस्ट 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed