नगर निगम मंडी के खलियार वार्ड के तहत आने वाले सांबल क्षेत्र में जमीन धंसने से तिलक राम का छह सदस्यीय परिवार दहशत में है। घर के आसपास जमीन में लगातार दरारें बढ़ रही हैं और इसका असर मकान पर भी दिखाई देने लगा है। दीवारों में दरारें आने के बाद परिवार को किसी बड़े हादसे की आशंका सता रही है। प्रभावित परिवार ने प्रशासन से जमीन धंसने के वास्तविक कारणों की जांच करवाने और खतरे का आकलन कर स्थायी समाधान निकालने की मांग की है। परिवार के सदस्यों तिलक राम और प्रेमलता का कहना है कि क्षेत्र में पहले इस तरह जमीन धंसने की स्थिति सामने नहीं आई थी। उनका कहना है कि घर से कुछ दूरी पर टनल निर्माण का काम चल रहा है और निर्माण के दौरान ब्लास्टिंग भी होती है। इसी वजह से परिवार चाहता है कि टनल निर्माण और जमीन धंसने के बीच संभावित संबंध की विशेषज्ञों से जांच करवाई जाए। परिवार ने स्पष्ट किया है कि वह ब्लास्टिंग को जमीन धंसने का कारण घोषित नहीं कर रहा, बल्कि प्रशासन से वैज्ञानिक और विशेषज्ञ जांच की मांग कर रहा है। उत्तम चंद और भानवी ने बताया कि इस मकान को बनाने में परिवार की जीवनभर की कमाई लगी है। अब जमीन खिसकने और मकान में दरारें आने के बाद परिवार के सामने सुरक्षित आशियाने का संकट खड़ा हो गया है। परिवार का आरोप है कि राजस्व विभाग के अधिकारी मौके का निरीक्षण कर चुके हैं, लेकिन अभी तक समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। परिवार के अनुसार, सीएम हेल्पलाइन में शिकायत करने के बाद उन्हें कथित तौर पर मकान गिरने के बाद ही मुआवजा मिलने की बात कही गई। प्रभावित परिवार का कहना है कि प्रशासन को किसी बड़े हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले ही सुरक्षा के जरूरी कदम उठाने चाहिए। परिवार का कहना है कि जमीन धंसने के पीछे वास्तविक वजह क्या है, इसका पता विशेषज्ञ जांच के बाद ही चल सकता है। इसलिए प्रशासन से जल्द सर्वे करवाने और प्रभावित क्षेत्र में खतरे का वैज्ञानिक आकलन करने की मांग की गई है। परिवार की प्राथमिक चिंता मकान और उसमें रहने वाले छह लोगों की सुरक्षा है। उनका कहना है कि यदि जमीन धंसने का सिलसिला जारी रहा तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। नगर निगम मंडी की मेयर सुमन ठाकुर ने कहा कि मामला उनके ध्यान में आया है। उन्होंने कहा कि वह जल्द टीम के साथ मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लेंगी और प्रभावित परिवार की हरसंभव मदद करने का प्रयास किया जाएगा। अब परिवार की नजर प्रशासन की जांच और मौके पर होने वाले अगले निरीक्षण पर है।