Hindi News
›
Video
›
India News
›
From which areas of Delhi were 4.77 million names removed, and how can names be added?
{"_id":"6a96e55489c762d65103f53b","slug":"from-which-areas-of-delhi-were-4-77-million-names-removed-and-how-can-names-be-added-2026-09-01","type":"video","status":"publish","title_hn":"दिल्ली के किन-किन इलाकों से कटे 47.7 लाख नाम, कैसे जुड़ेगा नाम?","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
दिल्ली के किन-किन इलाकों से कटे 47.7 लाख नाम, कैसे जुड़ेगा नाम?
दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के तहत सोमवार को मसौदा मतदाता सूची जारी कर दी गई है। चुनाव आयोग के मुताबिक, दिल्ली की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से करीब 47.7 लाख नाम हटाए गए हैं। इससे पहले दिल्ली की मतदाता सूची में करीब 1.45 करोड़ मतदाता दर्ज थे, जबकि नई मसौदा सूची में लगभग 97.5 लाख मतदाताओं के नाम शामिल हैं। ड्राफ्ट लिस्ट सामने आने के बाद अब यह भी साफ हो गया है कि दिल्ली की किन विधानसभा सीटों पर सबसे ज्यादा मतदाताओं के नाम हटे हैं।
अगर संख्या के आधार पर देखें तो बुराड़ी विधानसभा सीट सबसे ऊपर है। यहां करीब 1.67 लाख वोटर्स के नाम ड्राफ्ट सूची से हटाए गए हैं। इसके बाद ओखला में 1.63 लाख, बदरपुर में 1 लाख 46 हजार 673, विकासपुरी में 1 लाख 46 हजार 225 और रिठाला में करीब 1.06 लाख नाम हटाए गए हैं।
वहीं, सबसे कम नाम हटाए जाने वाली विधानसभा सीटों में दिल्ली कैंट सबसे आगे है। यहां करीब 22 हजार 855 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। इसके अलावा रोहिणी से 24 हजार 888, शकूर बस्ती से 27 हजार 233, राजौरी गार्डन से 30 हजार 856 और मटिया महल से 32 हजार 99 नाम हटाए गए हैं।
अब बात प्रतिशत के आधार पर करें तो तस्वीर कुछ अलग नजर आती है। तुगलकाबाद विधानसभा सीट पर सबसे ज्यादा 47.85 प्रतिशत मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। ओखला में यह आंकड़ा 45.33 प्रतिशत, कस्तूरबा नगर में 44.03 प्रतिशत और बदरपुर में 42.67 प्रतिशत रहा।
वहीं, प्रतिशत के लिहाज से सबसे कम नाम रोहिणी विधानसभा सीट से हटाए गए हैं। यहां करीब 16.5 प्रतिशत नाम हटे हैं। इसके बाद शकूर बस्ती में 18.74 प्रतिशत, राजौरी गार्डन में 20.86 प्रतिशत, मंगोलपुरी में 21.24 प्रतिशत और मटिया महल में 24.5 प्रतिशत नाम हटाए गए हैं।
अगर जिलावार आंकड़ों पर नजर डालें तो दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में सबसे ज्यादा 6.79 लाख मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची से हटाए गए हैं। पूर्वी दिल्ली में 5.70 लाख, उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 5.43 लाख, दक्षिणी दिल्ली में 5.19 लाख और उत्तर-पश्चिमी दिल्ली में 3.71 लाख नाम हटाए गए हैं।
हालांकि, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम हटने का मतलब यह नहीं है कि मतदाता का नाम हमेशा के लिए सूची से बाहर हो गया है। चुनाव आयोग ने योग्य मतदाताओं को दावा और आपत्ति दर्ज कराने का मौका दिया है। अगर किसी पात्र मतदाता का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं है, तो वह फॉर्म-6 भरकर नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकता है।
वहीं, अगर मतदाता सूची में किसी मृत व्यक्ति, स्थायी रूप से दूसरी जगह जा चुके व्यक्ति, डुप्लीकेट या अपात्र मतदाता का नाम दर्ज है, तो फॉर्म-7 के जरिए आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है। जबकि नाम, पता या अन्य विवरण में सुधार के लिए फॉर्म-8 का इस्तेमाल किया जा सकता है।
दावा और आपत्ति दर्ज कराने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प मौजूद हैं। मतदाता Voters Service Portal या ECI के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ऑफलाइन आवेदन के लिए ERO, AERO, वोटर सेंटर या BLO से संपर्क किया जा सकता है। किसी भी मदद के लिए चुनाव आयोग की 1950 हेल्पलाइन भी उपलब्ध है।
चुनाव आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अंतिम सूची का इंतजार न करें और तय समयसीमा के भीतर अपने नाम और विवरण की जांच कर लें। दावे और आपत्तियां 30 सितंबर तक दर्ज कराई जा सकती हैं, जबकि दिल्ली की फाइनल वोटर लिस्ट 4 नवंबर को जारी की जाएगी।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।