हांसी। रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के आह्वान पर हरियाणा के पटवारी और कानूनगो की दो दिवसीय सांकेतिक हड़ताल के बाद अब अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हो गई है। आज हड़ताल का पांचवां दिन है। ऑनलाइन राजस्व पोर्टलों में आ रही तकनीकी खामियों, डिजिटल क्रॉप सर्वे के अतिरिक्त कार्य और अन्य लंबित मांगों को लेकर कर्मचारी आंदोलन पर हैं। हड़ताल के चलते तहसीलों में राजस्व संबंधी कामकाज प्रभावित हो रहा है और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पटवारियों और कानूनगो के दफ्तरों में उपलब्ध नहीं होने के कारण रजिस्ट्री, इंतकाल, आय एवं जाति प्रमाण पत्र, भूमि पैमाइश तथा दस्तावेजों से जुड़े कई जरूरी कार्य अटक गए हैं। दूर-दराज के गांवों से तहसीलों में पहुंचे लोगों को काम नहीं होने के कारण वापस लौटना पड़ रहा है। पटवारी एवं कानूनगो एसोसिएशन के जिला सचिव धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि सरकार ने डिजिटल क्रॉप सर्वे का अतिरिक्त कार्य पटवारियों के जिम्मे डाल दिया है। उनका कहना है कि पटवारियों का मुख्य कार्य राजस्व संबंधी कार्यों का निपटारा करना है, जबकि डिजिटल क्रॉप सर्वे का अतिरिक्त भार उनके नियमित कार्यों को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने नए लागू किए गए सरकारी सॉफ्टवेयर की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि ऑनलाइन राजस्व पोर्टल में कई तकनीकी खामियां हैं। इसके कारण रोजमर्रा के राजस्व कार्यों को पूरा करने में कर्मचारियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं एसोसिएशन के उपप्रधान विनोद कुमार ने बताया कि जमीन की पैमाइश के लिए सरकार की ओर से आधुनिक मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं, लेकिन कानूनगो को इनके संचालन की उचित ट्रेनिंग नहीं दी गई है। ऐसे में मशीनों का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि यदि सरकार उनकी जायज मांगों का गंभीरता से संज्ञान लेकर जल्द समाधान नहीं करती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। एसोसिएशन के अनुसार, दो दिन की सांकेतिक हड़ताल के बाद भी सरकार की ओर से मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया है। अब राज्य यूनियन की मुख्य बॉडी बैठक कर आगे की रणनीति और आंदोलन को लेकर फैसला करेगी। ऐसे में आने वाले दिनों में राजस्व विभाग के कामकाज पर असर और बढ़ने की संभावना है।