मंडला जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था और 108 एम्बुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। बम्हनी थाना क्षेत्र के ग्राम सुनहरा माल निवासी 21 वर्षीय अजीत बरया की कथित तौर पर समय पर ऑक्सीजन नहीं मिलने और एम्बुलेंस में तकनीकी खामियों के कारण मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने 108 एम्बुलेंस सेवा पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
मृतक के पिता के अनुसार, अजीत किडनी का मरीज था और उसका नियमित डायलिसिस चल रहा था। अचानक तबीयत बिगड़ने पर उसे सांस लेने में तकलीफ और तेज खांसी होने लगी। इसके बाद परिजनों ने 108 एम्बुलेंस को फोन किया। आरोप है कि एम्बुलेंस करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुंची। परिजनों का कहना है कि एम्बुलेंस कर्मियों ने शुरुआत में डॉक्टर के निर्देश का हवाला देते हुए ऑक्सीजन लगाने से इनकार कर दिया।
इसके बाद अजीत को बम्हनी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टर के निर्देश पर ऑक्सीजन शुरू की गई। परिजनों का आरोप है कि मंडला जिला अस्पताल ले जाते समय करीब तीन किलोमीटर चलने के बाद एम्बुलेंस का ऑक्सीजन सिलेंडर खाली हो गया। ऑक्सीजन खत्म होने के बाद अजीत रास्ते भर सांस के लिए तड़पता रहा और जिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई।
मृतक के पिता का कहना है कि यदि एम्बुलेंस में पर्याप्त ऑक्सीजन उपलब्ध होती या उन्हें पहले ही सिलेंडर खाली होने की जानकारी दे दी जाती, तो वे स्वयं ऑक्सीजन की व्यवस्था कर बेटे की जान बचाने का प्रयास कर सकते थे।
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वहीं, जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि 108 एम्बुलेंस सेवा का संचालन और अनुबंध भोपाल स्तर से होता है तथा जिला स्वास्थ्य विभाग का उस पर सीधा नियंत्रण नहीं है। उन्होंने कहा कि जिला स्तर से केवल शिकायतें भेजी जा सकती हैं, जबकि कार्रवाई का अधिकार राज्य स्तर पर है।
स्वास्थ्य अधिकारी ने यह भी स्वीकार किया कि जिले में 108 एम्बुलेंस सेवाओं को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं। कई बार एम्बुलेंस दो-दो घंटे की देरी से पहुंचती हैं और कुछ मामलों में ऑक्सीजन जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी की शिकायत भी सामने आई है। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं से शासन को कई बार अवगत कराया जा चुका है।
घटना के बाद जिले की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक ओर पीड़ित परिवार न्याय की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग सेवा संचालन की जिम्मेदारी राज्य स्तर पर होने की बात कह रहा है। हालांकि, इस मामले में एम्बुलेंस सेवा संचालक की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसलिए परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है।