फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
विज्ञापन
Hindi News ›   Video ›   Madhya Pradesh ›   After seeking blessings from Maa Sharada, devotees visit the shrine of Dulha Dev

नवरात्रि: मां शारदा के दर्शन के बाद दूल्हा देव के दरबार पहुंचते हैं श्रद्धालु, शराब चढ़ाने की अनोखी परंपरा

Tue, 13 Oct 2026 04:11 PM IST
मैहर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैहर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैहर Published by: मैहर ब्यूरो Updated Tue, 13 Oct 2026 04:11 PM IST
After seeking blessings from Maa Sharada, devotees visit the shrine of Dulha Dev

मां शारदा की पावन नगरी मैहर में शारदीय नवरात्रि के दौरान लाखों श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। त्रिकूट पर्वत पर विराजमान मां शारदा के दर्शन के साथ ही कई श्रद्धालु पहाड़ी के नीचे स्थित दूल्हा देव के दरबार में भी हाजिरी लगाते हैं। दूल्हा देव मंदिर स्थानीय आस्था और परंपराओं के कारण अपनी अलग पहचान रखता है। यहां वर्षों से शराब का भोग चढ़ाने की परंपरा चली आ रही है। श्रद्धालु शराब के साथ नारियल, फूल, मिठाई और अन्य प्रसाद अर्पित कर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना करते हैं। मां शारदा मंदिर आने वाले कई भक्तों के लिए दूल्हा देव के दर्शन भी उनकी धार्मिक यात्रा का अहम हिस्सा हैं। श्रद्धालुओं की मान्यता है कि माता के दर्शन के बाद दूल्हा देव के दरबार में पहुंचकर पूजा-अर्चना करने से उनकी यात्रा पूरी होती है। इसी विश्वास के चलते नवरात्रि सहित अन्य दिनों में भी यहां भक्तों की आवाजाही बनी रहती है।

शराब का भोग चढ़ाने की वर्षों पुरानी परंपरा
दूल्हा देव मंदिर की सबसे खास बात यहां शराब अर्पित करने की परंपरा है। श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार शराब, नारियल, फूल और मिठाई लेकर मंदिर पहुंचते हैं और पूजा-अर्चना करते हैं। कुछ श्रद्धालु यहां चढ़ाए जाने वाले प्रसाद को ग्रहण भी करते हैं। हालांकि, शराब चढ़ाने की यह परंपरा कब शुरू हुई और इसके पीछे क्या ऐतिहासिक कारण हैं, इसकी स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। यह परंपरा मुख्य रूप से स्थानीय मान्यताओं और पीढ़ियों से चली आ रही आस्था से जुड़ी हुई है।

ये भी पढ़ें- बागेश्वर सरकार की यात्रा दमोह पहुंची: श्रद्धालुओं में भारी उत्साह, हटा में हुआ जोरदार स्वागत और दिव्य दरबार

तपस्या और समाधि से जुड़ी है दूल्हा देव की मान्यता
स्थानीय लोगों के अनुसार, दूल्हा देव मां शारदा के अनन्य भक्त थे और वे माता की तपस्या किया करते थे। मान्यता है कि तपस्या के दौरान ही वे समाधि में लीन हो गए। इसके बाद से श्रद्धालु उनके स्थान पर पूजा-अर्चना करने लगे। हालांकि, इस कथा के ऐतिहासिक प्रमाणों की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है, लेकिन भक्तों के बीच यह मान्यता आज भी प्रचलित है श्रद्धालुओं का विश्वास है कि मां शारदा के दर्शन के बाद दूल्हा देव के दरबार में हाजिरी लगाने से यात्रा को पूर्णता मिलती है। इसी मान्यता के चलते दूर-दराज से आने वाले कई भक्त माता के दर्शन के बाद यहां पहुंचकर अपनी श्रद्धा प्रकट करते हैं।

बाबा साहब, शारदा बाबा और वाल बाबा के नाम से भी पहचान
मंदिर में पूजा-अर्चना कराने वाले छोटेलाल पंडा के मुताबिक, दूल्हा देव को अलग-अलग क्षेत्रों में बाबा साहब, शारदा बाबा और वाल बाबा सहित कई नामों से जाना जाता है। मंदिर में स्थापित शिला और चरण पादुका की पूजा की जाती है। उन्होंने बताया कि पहले इलाहाबाद और बांदा क्षेत्र से आने वाले श्रद्धालुओं की यहां विशेष आवाजाही रहती थी। समय के साथ दूल्हा देव के प्रति आस्था रखने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है और अब देश के अलग-अलग हिस्सों से भक्त यहां दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं।

मनोकामना पूरी होने की उम्मीद लेकर आते हैं भक्त
प्रयागराज से आए श्रद्धालु भीम यादव ने बताया कि वह बचपन से ही दूल्हा देव के दरबार में आते रहे हैं। यहां पहुंचकर वे नारियल, मिठाई और शराब सहित विभिन्न प्रसाद अर्पित करते हैं। उनके अनुसार, दूल्हा देव के प्रति उनकी गहरी आस्था है और उन्हें विश्वास है कि बाबा अपने भक्तों की रक्षा करते हैं तथा उनकी मनोकामनाएं पूरी करते हैं इसी तरह कई अन्य श्रद्धालु भी परिवार की खुशहाली, सुख-समृद्धि और जीवन में आने वाली परेशानियों से मुक्ति की कामना लेकर मंदिर पहुंचते हैं। भक्त अपनी-अपनी मान्यताओं के अनुसार पूजा-अर्चना करते हैं और दूल्हा देव के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हैं।

भक्ति में झूमते नजर आते हैं श्रद्धालु
दूल्हा देव मंदिर परिसर में कई श्रद्धालु भक्ति भाव में झूमते, नाचते और गाते हुए भी नजर आते हैं। यहां का धार्मिक वातावरण और पूजा की अलग परंपराएं इसे मैहर के अन्य धार्मिक स्थलों से विशिष्ट पहचान देती हैं। मां शारदा के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के बीच दूल्हा देव का दरबार भी आस्था का एक महत्वपूर्ण पड़ाव बना हुआ है। मैहर की धार्मिक पहचान केवल मां शारदा मंदिर तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां से जुड़ी अनेक स्थानीय मान्यताएं और परंपराएं भी श्रद्धालुओं को आकर्षित करती हैं। दूल्हा देव मंदिर इसी लोकआस्था का एक उदाहरण है, जहां भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार पूजा कर सुख, शांति और परिवार की समृद्धि की कामना करते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Recommended

कानपुर: पुलिस की कड़ी निगरानी में हो रहा बिठूर में मतदान, डीसीपी वेस्ट और अन्य अधिकारी कर रहे निरीक्षण

13 Oct 2026

लखनऊ में राशन के लिए सुबह छह बजे से लाइन में लगे लोग, कम अनाज मिलने का भी आरोप

13 Oct 2026

लखनऊ में आधी रात को छापेमारी में पुलिस को 32 करोड़ की मॉर्फिन बरामद; दो तस्कर गिरफ्तार

13 Oct 2026

कानपुर: बिठूर उपचुनाव के लिए मतदान जारी, 10 बूथों पर सुबह से लगी मतदाताओं की भारी भीड़

13 Oct 2026

कानपुर में भाजपा राष्ट्रीय सचिव जगदीश ईश्वर पटेल ने ली क्षेत्रीय व जिला कमेटियों की बैठक

13 Oct 2026
विज्ञापन

कानपुर: बिठूर नगर पंचायत अध्यक्ष पद उपचुनाव के लिए मतदान शुरू

13 Oct 2026

सीतापुर में मामूली बात पर डंडे से पीटकर युवक की हत्या, पिता ने ग्राम प्रधान पर लगाया आरोप

13 Oct 2026
विज्ञापन

कांगड़ा: धर्मशाला के दाड़ी में 18 साल पुरानी रामलीला का आगाज, पहले दिन विष्णु लीला का मंचन

13 Oct 2026

कानपुर देहात में बच्चों से भरी स्कूली बस पलटी, उछेता गांव के पास मची चीख-पुकार

13 Oct 2026

पंचकूला में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़, दो बदमाश घायल

13 Oct 2026

हिमाचल के मंडी शहर में पीएनजी की तैयारी तेज, नेरचौक मेडिकल कॉलेज की मंजूरी का इंतजार

13 Oct 2026

कोटकपूरा में एक करोड़ के विकास कार्यों की स्पीकर संधवां ने करवाई शुरुआत, तहसील परिसर समेत विभिन्न वॉर्डों के होंगे कार्य

फिरोजपुर जिले के लोगों को रंगमुक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए दुकानों और रेहड़ियों की जांच

कानपुर के शास्त्री नगर पार्क में योगा ग्राउंड के लिए हरे-भेर पेड़ काटने का विरोध

13 Oct 2026

कानपुर: मंधना फ्लाईओवर के नीचे प्रकाश व्यवस्था चरमराई, लाइन फाल्ट से लाइट हो रहीं फ्लकचुएट

13 Oct 2026

कानपुर के जूही बारह देवी मंदिर में उमड़ी भारी भीड़, माता रानी के दर्शन को पहुंचे भक्त

13 Oct 2026

फर्रुखाबाद: दलालों के हवाले एआरटीओ कार्यालय, लिपिक के चेले करते हैं अवैध वसूली

13 Oct 2026

हमीरपुर: बड़ा में रामलीला का शुभारंभ, पहले दिन नारद मोह की लीला ने मोहा दर्शकों का मन

15-16 अक्टूबर को नौ जिलों में बारिश के आसार

13 Oct 2026

उज्जैन: भस्म आरती में बाबा महाकाल का त्रिपुंड और त्रिनेत्र से हुआ शृंगार, मस्तक पर मां गंगा धारण कर दिए दर्शन

13 Oct 2026

लखनऊ में घर के बाहर खड़ी कार चुराने का प्रयास, लोगों ने चोर को पकड़कर किया पुलिस के हवाले

13 Oct 2026

रामलीला कमेटी विवाद में ताबड़तोड़ फायरिंग, तीन लोगों की मौत

13 Oct 2026

कानपुर: चकेरी में बेरोजगारी और कलह से परेशान युवक ने उठाया खौफनाक कदम

13 Oct 2026

हमीरपुर: भोटा में भाजपा महिला मोर्चा का प्रदर्शन, राहुल गांधी और सांसद अंगोमचा के पुतले जलाए

Video: छत्तीसगढ़ हॉकी लीग 21 अक्टूबर से; ड्रा के जरिए फ्रेंचाइजीस टीमों का हुआ आवंटन, जानें कौन सी टीमें ले रही भाग

13 Oct 2026

कानपुर: घाटमपुर व रेउना थाना क्षेत्रों में सुरक्षा का जायजा लेने के लिए निकला पैदल मार्च

13 Oct 2026

उत्तर प्रदेश की बड़ी खबरें, देखें ताजा अपडेट

13 Oct 2026

भाजपा नेता भोला निषाद पर फायरिंग

13 Oct 2026

होटल मालिक की हत्या के मामले में पुलिस ने चौथे आरोपी को दबोचा

13 Oct 2026

बाढ़ से बर्बाद फसल का 1399 किसानों को मिलेगा 56 लाख मुआवजा

13 Oct 2026
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed