मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। मंगलवार शाम से शुरू हुआ बारिश का दौर बुधवार को भी रुक-रुक कर जारी रहा। पिछले 24 घंटों में जिले में करीब तीन इंच (75 मिमी) से अधिक वर्षा दर्ज की जा चुकी है। इस भारी जलभराव के कारण क्षेत्र के नदी-नाले उफान पर हैं और कई प्रमुख मार्गों पर संपर्क टूट गया है।
प्रशासन ने बंद किए कई मार्ग
पानी के तेज बहाव और खतरे के निशान को पार करने के कारण प्रशासन ने सुरक्षात्मक कदम उठाए हैं। खैरलांजी क्षेत्र का दैतबर्रा-मंगलेगांव मार्ग, वारासिवनी-लालबर्रा मार्ग पर स्थित टोंडिया नाला और थानेगांव नाला पूरी तरह से जलमग्न हो चुके हैं। इन सभी रास्तों पर वाहनों और पैदल चलने वालों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। टोंडिया नाले के उफान पर आने से पास के एक ढाबे में भी पानी भर गया है। हालांकि, इस स्थिति में भी कुछ लोग अपनी जान जोखिम में डालकर उफनते नालों को पार करते दिखे, जो बड़ी दुर्घटना को न्योता दे रहे हैं।
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अगले 24 घंटे का 'भारी बारिश' अलर्ट
कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक धर्मेंद्र अगासे के अनुसार, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 29 और 30 जुलाई को जिले में अत्यधिक भारी बारिश, तेज आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना जताई है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।
कंट्रोल रूम नंबर जारी
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे उफनती नदी, नालों, और पुल-पुलियों के पास न जाएं और न ही उन्हें पार करने की कोशिश करें। किसी भी जलभराव या आपातकालीन स्थिति में तुरंत कलेक्ट्रेट कंट्रोल रूम से संपर्क करने की हिदायत दी गई है। स्थानीय लोगों को अगले एक-दो दिन सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर ही रहने की सलाह दी गई है।