{"_id":"68522f7d80a9d92b0b0a09b7","slug":"video-rationalization-when-teacher-went-somewhere-else-parents-and-children-reached-balod-2025-06-18","type":"video","status":"publish","title_hn":"युक्तियुक्तकरण: 'हमारे शिक्षक हमें लौटा दिए जाएं', पालक और बच्चे कलेक्ट्रेट पहुंचे, बड़े आंदोलन की दी चेतावनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
युक्तियुक्तकरण: 'हमारे शिक्षक हमें लौटा दिए जाएं', पालक और बच्चे कलेक्ट्रेट पहुंचे, बड़े आंदोलन की दी चेतावनी
युक्तियुक्तकरण के बाद से जिले में कई शिक्षक इधर से उधर हो गए जहां अब लोग शिक्षकों को वापिस बुलाने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंच रहे हैं, वो भी गाड़ियां भर भर के, ऐसे ही ग्राम चिरचारी के ग्रामीण शिक्षकों को वापिस बुलाने की मांग लेकर पहुंचे। जहां उन्होंने कहा कि एक प्रधान पाठक रिटायर होने वाले हैं, दो योग्य शिक्षकों को निकाल दिया गया है। ऐसे में हमारे बच्चे विद्यालय में अपना भविष्य कैसे गढ़ेंगे। इससे बेहतर है। बच्चे स्कूल ही ना जाए, शिक्षक वापिस ना मिलने पर आंदोलन की चेतावनी पालकों द्वारा दी जा रही है। कलेक्टोरेट पहुंचे पालकों ने बताया कि बालोद जिले के अभी जो प्रक्रिया हुई है उससे काफी समस्याएं शिक्षा व्यवस्था पर खड़ी हुई है। पलक महेश साहू ने बताया कि विद्यालय में चार शिक्षक थे। दो योग्य शिक्षकों को हटा दिया गया है। एक अन्य शिक्षक हैं। वह भी ठीक है। लेकिन जो प्रधान पाठक है। उनका तो रिटायरमेंट होने वाला है। ऐसे में अब कुछ दिनों बाद एक ही शिक्षक के भरोसे हमारा विद्यालय ले जाएगा। महत्वपूर्ण विषयों की पढ़ाई आज प्रभावित होने जा रही है। ऐसे में हम अपने बच्चों को किस आधार पर विश्वविद्यालय में भेजेंगे। इसलिए हम मांग करने पहुंचे हैं कि हमारे शिक्षक हमें लौटा दिए जाएं। पालक टुकेश्वरी ने बताया कि जो शिक्षा के यहां पढ़ते थे वह बहुत अच्छे थे और उनके मार्गदर्शन में हमारे बच्चों का चयन प्रयास और नवोदय में होता आ रहा है अब आप ही सोचिए हमारे बच्चों का भविष्य कहां जाएगा। बालोद जिले के शासकीय प्राथमिक शाला चिरचारी में युक्तियुक्तकरण के तहत दो शिक्षकों को अन्य स्कूल में पदस्थापना कर दी है, जिससे स्कूली बच्चे व पालक नाराज हो गए हैं और दोनों शिक्षकों को वापस स्कूल में पदस्थ करने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि दोनों शिक्षकों को वापस स्कूल में पदस्थ नहीं किया गया तो आंदोलन भी किया जा सकता है क्योंकि जो दो शिक्षक थे वे महत्वपूर्व विषयों के शिक्षक थे।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।