{"_id":"6ae1e4619a91b3e7b60769e2","slug":"controversy-erupts-over-the-distribution-of-books-featuring-asarams-picture-in-atmanand-school-deo-orders-an-inquiry-ambikapur-news-c-1-1-noi1559-4881011-2026-10-28","type":"video","status":"publish","title_hn":"सीजी: सरकारी स्कूल में दुष्कर्म के आरोपी आसाराम की प्रचार सामग्री बांटने का आरोप,शिक्षा विभाग ने मांगी रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीजी: सरकारी स्कूल में दुष्कर्म के आरोपी आसाराम की प्रचार सामग्री बांटने का आरोप,शिक्षा विभाग ने मांगी रिपोर्ट
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां रघुनाथ नगर स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में छात्रों को नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में सजा काट रहे आसाराम बापू की तस्वीर और प्रचार सामग्री युक्त पुस्तकें बांटी गईं। इस बात की जानकारी मिलते ही छात्र-छात्राओं के परिजनों में भारी आक्रोश फैल गया है और मामला तूल पकड़ता जा रहा है।
परिजनों ने उठाए प्राचार्य की कार्यशैली पर सवाल
स्कूल में पढ़ने वाले एक छात्र के अभिभावक ने नाराजगी जाहिर करते हुए बताया कि विद्यालय के प्राचार्य प्रजापति द्वारा बच्चों को यह पुस्तिका बांटी गई है। परिजनों का आरोप है कि यह सामग्री सीधे तौर पर आसाराम का प्रचार करने और उनके अनुयायी बनने की सीख देने जैसी है।
अभिभावकों ने कहा कि आसाराम गंभीर आपराधिक मामले में दोषी होकर जेल में बंद हैं, ऐसे में एक सरकारी संस्थान में उनकी तस्वीर या प्रचार से जुड़ी कोई भी सामग्री वितरित किया जाना पूरी तरह से अनुचित और नियम विरुद्ध है।
डीईओ ने दिए जांच के निर्देश,उच्चाधिकारियों को दी जानकारी
मामले के तूल पकड़ने के बाद जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है। बलरामपुर के जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) नरेंद्र निरापुरे ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आ चुका है।
डीईओ ने कहा, स्कूल में आसाराम बापू की तस्वीर युक्त पुस्तक वितरित किए जाने की जानकारी मिली है। इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित विकासखंड शिक्षा अधिकारी से तत्काल पूरी रिपोर्ट तलब की गई है। साथ ही पूरे मामले से उच्चाधिकारियों को भी अवगत करा दिया गया है। जांच रिपोर्ट आते ही जो भी वैधानिक और उचित कार्रवाई होगी, वह सुनिश्चित की जाएगी।
फिलहाल मामले की जांच की जा रही है, लेकिन एक प्रतिष्ठित सरकारी स्कूल में इस प्रकार की विवादित सामग्री के वितरण ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।