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गजरौला में स्टेशन से महिला का बैग उड़ाया
Amroha
Updated Tue, 08 Oct 2013 05:41 AM IST
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गजरौला। रेलवे स्टेशन के प्रतीक्षालय में बैठी महिला का बैग कोई उचक्का ले उड़ा। इसमें 50 हजार की नकदी और इतने रुपए के ही आभूषण थे। जीआरपी ने रिपोर्ट नहीं दर्ज की है।
सोमवार की शाम लगभग चार बजे सरोज देवी पत्नी सुरेंद्र त्यागी रेलवे स्टेशन के वेटिंग रूम में दिल्ली जाने के लिए पुशपुल पैसेंजर ट्रेन की प्रतीक्षा कर रही थी। पास ही उसका बैग भी रखा हुआ था। अचानक ही कोई उचक्का बैग ले उड़ा। सरोज देवी के मुताबिक बैग में 50 हजार की नकदी के साथ ही सोने के कुंडल, लौंग, बिछुए, दो मोबाइल समेत एक लाख रुपए का सामान था। बैग नदारद देख सरोज देवी ने रोना चिल्लाना शुरू कर दिया। इस पर वहां भीड़ लग गई। महिला ने जीआरपी चौकी पर जाकर इसकी जानकारी भी दी लेकिन उसकी रिपोर्ट दर्ज करने के बजाए उसे वहां से टरका दिया गया। इसके बाद महिला ने फोन कर अपने देवर हरिओम को बुलवा लिया। बताते हैं कि महिला अपनी ससुराल गांव चुचैलाकलां (मंडी धनौरा) आई थी और वहीं से लौटकर दिल्ली जा रही थी। उधर, जीआरपी इंचार्ज प्रदीप कुमार ने बताया कि चौकी पर कोई तहरीर नहीं दी गई। महिला के परिजन आए अवश्य थे लेकिन लापरवाही के लिए उसी को जिम्मेदार ठहराते हुए साथ ले गए।
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सोमवार की शाम लगभग चार बजे सरोज देवी पत्नी सुरेंद्र त्यागी रेलवे स्टेशन के वेटिंग रूम में दिल्ली जाने के लिए पुशपुल पैसेंजर ट्रेन की प्रतीक्षा कर रही थी। पास ही उसका बैग भी रखा हुआ था। अचानक ही कोई उचक्का बैग ले उड़ा। सरोज देवी के मुताबिक बैग में 50 हजार की नकदी के साथ ही सोने के कुंडल, लौंग, बिछुए, दो मोबाइल समेत एक लाख रुपए का सामान था। बैग नदारद देख सरोज देवी ने रोना चिल्लाना शुरू कर दिया। इस पर वहां भीड़ लग गई। महिला ने जीआरपी चौकी पर जाकर इसकी जानकारी भी दी लेकिन उसकी रिपोर्ट दर्ज करने के बजाए उसे वहां से टरका दिया गया। इसके बाद महिला ने फोन कर अपने देवर हरिओम को बुलवा लिया। बताते हैं कि महिला अपनी ससुराल गांव चुचैलाकलां (मंडी धनौरा) आई थी और वहीं से लौटकर दिल्ली जा रही थी। उधर, जीआरपी इंचार्ज प्रदीप कुमार ने बताया कि चौकी पर कोई तहरीर नहीं दी गई। महिला के परिजन आए अवश्य थे लेकिन लापरवाही के लिए उसी को जिम्मेदार ठहराते हुए साथ ले गए।
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