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Amroha News: आधी रात सड़क किनारे खड़ा था तेंदुआ, टॉर्च की रोशनी पड़ते ही जंगल में भागा
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रजबपुर। क्षेत्र के गांव पीठखेड़ा में तेंदुए की लगातार मौजूदगी ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। पिछले करीब एक महीने से गांव और आसपास के जंगल में तेंदुआ अलग-अलग स्थानों पर दिखाई दे रहा है। सोमवार रात एक बार फिर तेंदुआ सड़क किनारे खड़ा दिखाई देने से ग्रामीणों में खलबली मच गई।
गांव निवासी प्रथि सिंह रात करीब साढ़े 12 बजे जाहरवीर गोगाजी महाराज की कथा में शामिल होने जा रहे थे। गुरमीत चौधरी के घेर के पास पहुंचते ही उनकी नजर सड़क किनारे खड़े तेंदुए पर पड़ी। अचानक सामने तेंदुआ देखकर वह घबरा गए। उन्होंने हिम्मत जुटाकर जैसे ही टॉर्च की रोशनी तेंदुए पर डाली, वह छलांग लगाकर जंगल की ओर भाग गया और अंधेरे में गायब हो गया। प्रथि सिंह ने कथा पंडाल में पहुंचकर ग्रामीणों को तेंदुआ दिखाई देने की जानकारी दी तो बड़ी संख्या में लोग लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंच गए।
ग्रामीणों ने आसपास तलाश की तो तेंदुए के पंजों के निशान भी दिखाई दिए। इसके बाद ग्रामीणों ने जंगल और खेतों के आसपास काफी देर तक सर्च अभियान चलाया, लेकिन तेंदुआ कहीं नजर नहीं आया।
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तेंदुए की लगातार मौजूदगी से ग्रामीणों में भय का माहौल है। लोग रात के समय अकेले घरों से निकलने और खेतों की ओर जाने से बच रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से गांव और आसपास के जंगल में सघन सर्च अभियान चलाकर तेंदुए को पकड़ने की मांग की है।
मंगलवार को दिन में ग्रामीण देवेंद्र सिंह, वीर सिंह, सोमवीर सिंह, लेखराज सिंह, राजेंद्र सिंह, ललित शर्मा जंगल में जाकर तेंदुए को पंजों के निशान देखे। डीएफओ राजीव कुमार ने बताया कि टीम को भेजा गया है। पीठखेड़ा गांव के जंगल में निगरानी की जा रही है। ग्रामीणों को सतर्कता बरतने की जरूरत हैं।
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गांव निवासी प्रथि सिंह रात करीब साढ़े 12 बजे जाहरवीर गोगाजी महाराज की कथा में शामिल होने जा रहे थे। गुरमीत चौधरी के घेर के पास पहुंचते ही उनकी नजर सड़क किनारे खड़े तेंदुए पर पड़ी। अचानक सामने तेंदुआ देखकर वह घबरा गए। उन्होंने हिम्मत जुटाकर जैसे ही टॉर्च की रोशनी तेंदुए पर डाली, वह छलांग लगाकर जंगल की ओर भाग गया और अंधेरे में गायब हो गया। प्रथि सिंह ने कथा पंडाल में पहुंचकर ग्रामीणों को तेंदुआ दिखाई देने की जानकारी दी तो बड़ी संख्या में लोग लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंच गए।
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ग्रामीणों ने आसपास तलाश की तो तेंदुए के पंजों के निशान भी दिखाई दिए। इसके बाद ग्रामीणों ने जंगल और खेतों के आसपास काफी देर तक सर्च अभियान चलाया, लेकिन तेंदुआ कहीं नजर नहीं आया।
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तेंदुए की लगातार मौजूदगी से ग्रामीणों में भय का माहौल है। लोग रात के समय अकेले घरों से निकलने और खेतों की ओर जाने से बच रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से गांव और आसपास के जंगल में सघन सर्च अभियान चलाकर तेंदुए को पकड़ने की मांग की है।
मंगलवार को दिन में ग्रामीण देवेंद्र सिंह, वीर सिंह, सोमवीर सिंह, लेखराज सिंह, राजेंद्र सिंह, ललित शर्मा जंगल में जाकर तेंदुए को पंजों के निशान देखे। डीएफओ राजीव कुमार ने बताया कि टीम को भेजा गया है। पीठखेड़ा गांव के जंगल में निगरानी की जा रही है। ग्रामीणों को सतर्कता बरतने की जरूरत हैं।