स्मार्ट सिटी की बड़ी पहल: 12.5 करोड़ की लागत से काशी का डिजिटल ट्विन तैयार, आपात स्थितियों में मिलेगी मदद
Varanasi News: काशी में विकास कार्यों की निगरानी समेत आपात स्थितियों में रियल टाइम मदद के लिए 12.5 करोड़ की लागत से काशी में डिजिटल ट्विन तैयार किया गया है।
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वाराणसी का थ्री-डी अर्बन स्पेशियल डिजिटल ट्विन तैयार कर लिया गया है। 12.5 करोड़ रुपये की लागत से विकसित यह प्रोजेक्ट शहर के विकास कार्यों की निगरानी के साथ-साथ आपात स्थितियों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई में भी मदद करेगा। वाराणसी स्मार्ट सिटी लिमिटेड के तहत तैयार इस डिजिटल प्रतिरूप में नगर निगम क्षेत्र के लगभग 160 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र की थ्री-डी मैपिंग की गई है। अत्याधुनिक लाइट डिटेक्शन एंड रेंजिंग (लिडार) तकनीक से विकसित इस मॉडल में 100 से अधिक थीमैटिक लेयर शामिल की गई हैं, जिनके माध्यम से शहर से जुड़ी विभिन्न जानकारियां रियल टाइम में उपलब्ध होंगी।
स्मार्ट सिटी के मुख्य महाप्रबंधक अमरेंद्र तिवारी ने बताया कि आग लगने जैसी आपात स्थिति में कंट्रोल रूम से ही घटनास्थल के निकटतम फायर स्टेशन, वहां उपलब्ध संसाधनों, घटनास्थल तक पहुंचने के सबसे उपयुक्त मार्ग तथा मार्ग की भौगोलिक स्थिति की जानकारी तुरंत प्राप्त की जा सकेगी। इससे राहत एवं बचाव कार्यों में लगने वाला समय कम होगा और जान-माल के नुकसान को न्यूनतम किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि यदि किसी भीड़भाड़ वाले इलाके या संकरी गलियों में आग लगती है तो यह तकनीक यह भी बताएगी कि वहां छोटे अग्निशमन वाहन भेजे जाएं या बड़े वाहन पहुंच सकते हैं। इससे मौके पर संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव हो सकेगा।
इस परियोजना के संचालन और उपयोग को लेकर लगभग 10 विभागों को प्रशिक्षण दिया गया है। परियोजना के लिए विशेष रूप से तैयार कस्टमाइज्ड सॉफ्टवेयर का उपयोग नगर निगम, विकास प्राधिकरण समेत विभिन्न विभाग और एजेंसियां योजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन में कर सकेंगी।
ये है डिजिटल ट्विन
डिजिटल ट्विन किसी भौतिक वस्तु, प्रक्रिया या सिस्टम की एक सटीक डिजिटल या आभासी प्रतिकृति होती है। यह इंटरनेट, सेंसर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए अपनी वास्तविक वस्तु से जुड़ी होती है, जिससे वास्तविक दुनिया में होने वाली हलचल तुरंत डिजिटल स्क्रीन पर दिखाई देती है। इसके तहत पूरे शहर, पुलों या यातायात व्यवस्था का डिजिटल मॉडल तैयार कर भविष्य की योजनाओं और समस्याओं का आकलन किया जाता है।
अधिकारी बोले
यह नई तकनीक अग्निशमन विभाग के इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम को और अधिक प्रभावी बनाएगी। घटनास्थल तक कम समय में और सही मार्ग से अग्निशमन वाहन पहुंचाना संभव होगा, जिससे आमजन को बेहतर सेवाएं प्रदान की जा सकेंगी। -आनंद सिंह राजपूत, मुख्य अग्निशमन अधिकारी