वाराणसी: अवैध कब्जे की शिकायत पर आयुष मंत्री नाराज, बोले- भू-माफिया पर होगी सख्त कार्रवाई
आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र दयालु की जनसुनवाई में रोजगार, इलाज, संपत्ति विवाद और सेवा बहाली से जुड़े मामले भी पहुंचे। इस दौरान मंत्री ने अधिकारियों को निस्तारण का आदेश दिया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सार्वजनिक और सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत पर आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र दयालु ने नाराजगी जताई। सिगरा कैंप कार्यालय में बृहस्पतिवार को जनसुनवाई के दौरान टिकरी और गोलाघाट से आई शिकायतों पर मंत्री ने अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। कहा कि गरीबों, किसानों और सार्वजनिक संपत्तियों की जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ योगी सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। जनसुनवाई में 85 प्रार्थना पत्र मिले, जिनमें जमीन विवाद, अवैध कब्जे, रोजगार, इलाज और सेवा से जुड़े मामले शामिल रहे।
टिकरी गांव निवासी फरियादी ने शिकायत की कि ग्राम समाज की बंजर सार्वजनिक भूमि का इस्तेमाल क्षेत्र के काश्तकार लंबे समय से करते आ रहे हैं। आरोप है कि एक व्यक्ति ने जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया है। शिकायत सुनने के बाद मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को जमीन मुक्त कराने के निर्देश दिए।
गोलाघाट निवासी प्रदीप पांडेय ने पानी टंकी के पास सरकारी जमीन पर भू-माफिया के मिट्टी पाटकर आरसीसी की दीवार बनाने की शिकायत की। आरोप लगाया कि गंगा तट पर सार्वजनिक कुएं को भी पाटने की कोशिश की जा रही है।
मंत्री ने आदमपुर थाना प्रभारी को कब्जा रुकवाने और सरकारी जमीन को मुक्त कराने का निर्देश दिया। सेवापुरी निवासी सुशांत पांडेय ने 2020 में बैनामा कराई गई जमीन पर विक्रेता के भाई के फर्जी वसीयत के आधार पर दावा करने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि कोर्ट का फैसला उनके पक्ष में होने के बावजूद मामला एसडीएम कोर्ट में है। मंत्री ने मामले के त्वरित निस्तारण का आश्वासन दिया।
गाजीपुर निवासी सरिता मिश्रा ने पति के बेरोजगार होने के कारण परिवार के भरण-पोषण में आ रही परेशानी बताते हुए गुहार लगाई। वहीं प्रयागराज निवासी आशीष तिवारी ने अपने भाई के मुंह के कैंसर से पीड़ित होने और टाटा कैंसर इंस्टीट्यूट में तीन माह बाद की तारीख मिलने की जानकारी दी। मंत्री ने अधिकारियों से बात कर इलाज की व्यवस्था कराने का भरोसा दिया।
वीडीए में कार्यरत नीतेश पांडेय ने बिना कारण और नोटिस के सेवा से हटाए जाने की शिकायत की। मंत्री ने अधिकारी से वार्ता कर उन्हें दोबारा कार्य पर लिए जाने के निर्देश दिए। बेलहुआ निवासी धर्मेंद्र ने पुश्तैनी संपत्ति से जुड़े नगर निगम के मामले में जांच और दोबारा सुनवाई की मांग की।
दुर्गाकुंड निवासी अनुज बहल ने पुश्तैनी मकान से उन्हें और पत्नी को जबरन बाहर निकालने की शिकायत की। औरंगाबाद निवासी ताहिरा ने निलंबन आदेश निरस्त कर सेवा में बहाली की मांग को लेकर प्रार्थना पत्र दिया। जनसंपर्क अधिकारी गौरव राठी ने बताया कि विभागों को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं।