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वाराणसी में सड़कें बेदखल: मलदहिया-नदेसर से कैंट तक जाम ही जाम, अतिक्रमण का कब्जा; चार बड़े अभियान बेअसर
Fri, 04 Sep 2026 11:54 AM IST
Pragati Chand
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: Pragati Chand
Updated Fri, 04 Sep 2026 11:54 AM IST
सार
मलदहिया-नदेसर में सड़कें वर्कशॉप बन गईं तो कैंट पर बसों का कब्जा है। ऐसे में यहां हर रोज जाम में लोग फंस रहे हैं। शहर के कई प्रमुख मार्गों पर सड़क के बड़े हिस्से पर अतिक्रमण किया गया है। यहां वाहन मरम्मत और बेतरतीब पार्किंग का कब्जा है।
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वाराणसी में सड़कों पर अतिक्रमण
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
वाराणसी शहर में जाम सिर्फ वाहनों की बढ़ती संख्या से नहीं लग रहा, बल्कि सड़कें ही अपने मूल काम से बेदखल हो गई हैं। कहीं सड़क किनारे वर्कशॉप चल रही है तो कहीं फ्लाईओवर और यू-टर्न बसों और सवारी वाहनों के ठिकाने बन गए हैं। कहीं दुकानदारों ने सड़क तक सामान फैला रखे हैं तो कहीं ऑटो और मालवाहक वाहनों की पार्किंग ने रास्ता संकरा कर दिया है।
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कैंट स्टेशन के पास एक लेन पर सरकारी बसों का कब्जा रहता है। मलदहिया, नदेसर, मालगोदाम रोड, ककरमत्ता, पांडेयपुर और आशापुर में सड़क के बड़े हिस्से पर अतिक्रमण, वाहन मरम्मत और बेतरतीब पार्किंग का कब्जा है। नतीजा यह कि ये प्रमुख मार्ग दिन में 12 घंटे जाम की जद में रहते हैं।
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पिछले एक साल में अतिक्रमण, अवैध स्टैंड और बेतरतीब पार्किंग के खिलाफ चार बड़े अभियान चलाए जाने के बावजूद हालात स्थायी रूप से नहीं बदले। अभियान के दौरान सड़कें खाली कराई गईं, वाहन हटवाए गए, लेकिन निगरानी और वैकल्पिक व्यवस्था के अभाव में कुछ ही समय बाद फिर सड़कें घिर गईं।
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कैंट पर बसों का कब्जा
- फोटो : अमर उजाला
कैंट में यू-टर्न पर बसों का कब्जा
कैंट स्टेशन के आसपास यातायात व्यवस्था को सबसे ज्यादा नुकसान बसों के बेतरतीब ठहराव से हो रहा है। कमलापति त्रिपाठी तिराहे से थोड़ी दूरी पर बने यू-टर्न पर बसें खड़ी रहती हैं। कैंट स्टेशन की ओर जाने वाले मार्ग पर सरकारी और अनुबंधित बसें एक लेन में कतार लगाकर खड़ी होती हैं। सुबह नौ बजे से रात नौ बजे तक इस मार्ग पर यातायात का दबाव बना रहता है। बसों के खड़े होने और सवारियां बैठाने-उतारने के दौरान स्थिति और बिगड़ जाती है।
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ककरमत्ता में आरओबी के नीचे अवैध पार्किंग
ककरमत्ता आरओबी के नीचे ऑटो और मालवाहक वाहनों की बेतरतीब पार्किंग के साथ दुकानों का कब्जा है। पीक आॅवर में वाहनों का दबाव बढ़ने पर जाम लगना आम बात है। वहीं, पांडेयपुर ओवरब्रिज के नीचे 12 से ज्यादा दुकानें सड़क को घेरे हुए हैं। इनके सामने वाहन खड़े रहने से सड़क का बड़ा हिस्सा पार्किंग में बदल गया है।
कैंट स्टेशन के आसपास यातायात व्यवस्था को सबसे ज्यादा नुकसान बसों के बेतरतीब ठहराव से हो रहा है। कमलापति त्रिपाठी तिराहे से थोड़ी दूरी पर बने यू-टर्न पर बसें खड़ी रहती हैं। कैंट स्टेशन की ओर जाने वाले मार्ग पर सरकारी और अनुबंधित बसें एक लेन में कतार लगाकर खड़ी होती हैं। सुबह नौ बजे से रात नौ बजे तक इस मार्ग पर यातायात का दबाव बना रहता है। बसों के खड़े होने और सवारियां बैठाने-उतारने के दौरान स्थिति और बिगड़ जाती है।
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ककरमत्ता में आरओबी के नीचे अवैध पार्किंग
ककरमत्ता आरओबी के नीचे ऑटो और मालवाहक वाहनों की बेतरतीब पार्किंग के साथ दुकानों का कब्जा है। पीक आॅवर में वाहनों का दबाव बढ़ने पर जाम लगना आम बात है। वहीं, पांडेयपुर ओवरब्रिज के नीचे 12 से ज्यादा दुकानें सड़क को घेरे हुए हैं। इनके सामने वाहन खड़े रहने से सड़क का बड़ा हिस्सा पार्किंग में बदल गया है।