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उत्तर प्रदेश प्रवासी दिवसः देखें-जानें बदली काशी, यूपी में जड़ों से जुड़ें प्रवासी 

Tue, 22 Jan 2019 08:09 AM IST
shashikant misra प्रदीप मिश्र,अमर उजाला,वाराणसी
प्रदीप मिश्र,अमर उजाला,वाराणसी Published by: shashikant misra Updated Tue, 22 Jan 2019 08:09 AM IST
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Uttar pradesh pravasi divas organised in varanasi
उत्तर प्रदेश प्रवासी दिवस - फोटो : amar ujala
तीन दिवसीय प्रवासी भारतीय सम्मेलन के पहले दिन सोमवार से ही केंद्र और प्रदेश सरकार का मंतव्य सामने आ गया। अध्यात्म संग आधुनिकता का समावेश कर बदल रही काशी की ब्रांडिंग की गई।
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दुनिया के कोने-कोने में अपने हुनर और काबिलीयत के बल पर देश का मान बढ़ाने वाले प्रवासी उद्यमियों और नौकरी-पेशा लोगों को बताया गया कि उत्तर प्रदेश का वातावरण बदल गया है। सुरक्षा, संस्कृति और स्वाभिमान पर ध्यान देकर आधारभूत संरचना में व्यापक सुधार किए गए हैं।
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नीतियों में बदलाव से हुए प्रभाव के आंकड़े देकर संदेश दिया गया कि प्रवासी अपनी जड़ों खासतौर से उत्तर प्रदेश से जुड़ें, क्योंकि नए भारत के विकास में उनके लिए असीम संभावनाएं हैं। दीनदयाल हस्तकला संकुल में चौथे उत्तर प्रदेश प्रवासी दिवस के औपचारिक शुभारंभ पर काशी की पौराणिक पृष्ठभूमि के साथ बताया गया कि काशी विश्वनाथ मंदिर का स्वरूप दिव्य और भव्य होने वाला है।
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बाबा दरबार में प्रतिदिन 25,000 श्रद्धालुओं के दर्शन-पूजन करने और 12 ज्योर्तिलिंगों में से एक होने की जानकारी देने के साथ विश्वनाथ कॉरिडोर का प्रजेंटेशन दिया गया। अब तक चुनिंदा लोगों ने ही इसे देखा है। प्रवासियों को पहली बार इसकी पूरी परिकल्पना से रूबरू कराया गया।

वाराणसी के सांसद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में काशी की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को बचाते हुए विकास करने का यह अनूठा उदाहरण है। प्रजेंटेशन में खुशनुमा और खुले-खुले माहौल में मंदिर को गंगा घाट से जोड़ने के साथ ही श्रद्धालुओं के लिए की जाने वाली व्यवस्थाओं के बारे में विस्तार से बताया गया। 

प्रवासी हर क्षेत्र में कर सकते अपनी भागीदारी 

प्रवासियों से भारत की अर्थव्यवस्था में योगदान देने का आह्वान करते हुए समझाया गया कि उत्तर प्रदेश आबादी में ही देश का सबसे बड़ा राज्य नहीं है। 23 करोड़ की आबादी वाले प्रदेश में प्रवासी हर क्षेत्र में अपनी भागीदारी कर सकते हैं। यहां फिल्मों की शूटिंग के लिए बेहतरीन लोकेशन है तो विमानन के क्षेत्र में अवसरों की भरमार है।

कृषि प्रधान प्रदेश में किसानों की बेहतरी के लिए नए प्रयोग किए जा सकते हैं। आईटी सेक्टर ही नहीं, पर्यावरण, ईको टूरिज्म, हेरिटेज टूरिज्म और हॉस्पिटेलिटी के लिए तो यूपी से बढ़िया कोई जगह ही नहीं है। प्रवासी भारत के बारे में सोचें, क्योंकि सरकार दुनिया में कहीं भी रहने वाले भारतीयों की चिंता कर रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि भारत का हृदय प्रदेश उत्तर प्रदेश देश के विकास का ग्रोथ इंजन बन गया है। मार्च में सरकार के दो साल पूरे होने तक प्रदेश में दो लाख करोड़ का निवेश हो जाएगा। प्रदेश को प्रवासियों के प्रतिभा और पुरुषार्थ की जरूरत है।

औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना का कहना है कि यूपी प्रिफर्ड इंडस्ट्रियल स्टेट हो गया है। सरकार बनने के एक पखवारे के अंदर सैमसंग का 1800 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव का 5000 करोड़ होना, प्रदेश के बदले हुए वातावरण और कार्य संस्कृति का उदाहरण है। 
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