काम की खबर: माइक्रोचिप से टेढ़े-मेढ़े दांत वाले मरीजों का इलाज होगा आसान, दर्द होगा कम; जानें इसकी खासियत
Varanasi News: यह डिवाइस शरीर के भीतर सूक्ष्म इलेक्ट्रिक करंट के माध्यम से हड्डियों के पुनर्निर्माण (बोन रीमॉडलिंग) को नियंत्रित करती है, जिससे दांतों को सही स्थिति में लाने का समय काफी कम हो सकता है।
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IMS BHU: आईएमएस-बीएचयू जुड़ी एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। अब टेढ़े-मेढ़े दांतों की समस्या से जूझ रहे मरीजों का इलाज पहले की तुलना में तेज और अधिक प्रभावी तरीके से किया जा सकेगा। दंत चिकित्सा विज्ञान संकाय के प्रो. आशीष अग्रवाल के निर्देशन में माइक्रो स्मार्ट चिप आधारित एक अत्याधुनिक डिवाइस विकसित की गई है, जो इस दिशा में क्रांतिकारी साबित हो सकती है।
आम तौर पर दांतों को सीधा करने के लिए ब्रेसेज या क्लिप का इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें काफी समय लगता है और मरीजों को दर्द व असुविधा भी झेलनी पड़ती है। नई विकसित यह माइक्रो स्मार्ट चिप डिवाइस दांतों की हलचल की प्रक्रिया को तेज करने में मदद करती है।
प्रो. आशीष अग्रवाल के अनुसार, इस तकनीक का सफल परीक्षण कोशिकाओं और पशुओं पर किया जा चुका है, जिसे वैज्ञानिक भाषा में एनिमल स्टडी कहा जाता है। इन परीक्षणों में सकारात्मक परिणाम मिले हैं, जिससे यह उम्मीद जताई जा रही है कि भविष्य में यह तकनीक दंत चिकित्सा में बड़ा बदलाव ला सकती है। फिलहाल इस डिवाइस के पेटेंट की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और जल्द ही मानव परीक्षण (ह्यूमन क्लिनिकल ट्रायल) की तैयारी की जा रही है।
इस शोध की खास बात यह है कि इसका उपयोग केवल दांतों के उपचार तक सीमित नहीं रहेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, भविष्य में इस माइक्रो स्मार्ट चिप का इस्तेमाल हड्डी संबंधी रोगों (ऑर्थोपेडिक) और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की थेरेपी में भी किया जा सकता है। यह तकनीक मेडिकल साइंस के क्षेत्र में एक नई दिशा खोल सकती है।
बीएचयू के वैज्ञानिकों की यह उपलब्धि न केवल पूर्वांचल बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। आने वाले समय में यह डिवाइस मरीजों के इलाज को अधिक सहज, कम समय वाला और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।