{"_id":"59620f624f1c1b861a8b47fb","slug":"textile-traders-of-varanasi-again-announce-striake-for-gst","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"जीएसटी के विरोध में कपड़ा कारोबारियों ने फिर किया बंदी का एलान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीएसटी के विरोध में कपड़ा कारोबारियों ने फिर किया बंदी का एलान
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sun, 09 Jul 2017 04:41 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी की दर से खाली हाथ लौटे कपड़ा कारोबारियों ने जीएसटी के विरोध में सोमवार से फिर कारोबार बंद रखने का एलान किया है। कारोबारियों को बुनकर समाज ने भी समर्थन दिया है।
व्यापारी बनारसी वस्त्र को जीएसटी से मुक्त करने की मांग कर रहे हैं। इससे पहले कारोबारी 26 जून से दो जुलाई तक हड़ताल पर रह चुके हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के वाराणसी आगमन के दौरान आश्वासन के बाद बंदी समाप्त कर दिया गया था।
बनारसी वस्त्र उद्योग एसोसिएशन व बनारस साड़ी डीलर्स एसोसिएशन की शनिवार को आसभैरव में संयुक्त बैठक हुई। निर्णय लिया गया कि जब तक बनारसी वस्त्र उद्योग को जीएसटी से मुक्त नहीं किया जाएगा, वस्त्र कारोबार बंद रहेगा।
विज्ञापन
सूत्रों के मुताबिक बनारसी वस्त्र उद्योग एसोसिएशन द्वारा बंदी वापस लेने से बुनकर वर्ग में नाराजगी थी। इसीलिए उनके दबाव के चलते फिर बंदी का एलान हुआ। एसोसिएशन के महामंत्री राजन बहल ने बताया कि फिलहाल सोमवार से शुक्रवार तक कारोबार बंद रखने का फैसला किया गया है।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने जताई नाराजगी
पेंशनर्स कल्याण संस्था की बैठक शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर में कोषागार के समीप हुई। संगठन की अध्यक्षता, जिलाध्यक्ष राजेश्वर पांडेय और संचालन जिलामंत्री अवध नारायण पांडेय ने किया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि सरकार सेवानिवृत्त कर्मचारियों पर ध्यान नहीं दे रही है।
इस सरकार ने पहले पुरानी पेंशन का अधिकार छीना, अब जीएसटी लाकर सरकारी कर्मचारियों, पेंशनरों का जेब ढीला कर रही है।
विज्ञापन
व्यापारी बनारसी वस्त्र को जीएसटी से मुक्त करने की मांग कर रहे हैं। इससे पहले कारोबारी 26 जून से दो जुलाई तक हड़ताल पर रह चुके हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के वाराणसी आगमन के दौरान आश्वासन के बाद बंदी समाप्त कर दिया गया था।
विज्ञापन
बनारसी वस्त्र उद्योग एसोसिएशन व बनारस साड़ी डीलर्स एसोसिएशन की शनिवार को आसभैरव में संयुक्त बैठक हुई। निर्णय लिया गया कि जब तक बनारसी वस्त्र उद्योग को जीएसटी से मुक्त नहीं किया जाएगा, वस्त्र कारोबार बंद रहेगा।
विज्ञापन
सूत्रों के मुताबिक बनारसी वस्त्र उद्योग एसोसिएशन द्वारा बंदी वापस लेने से बुनकर वर्ग में नाराजगी थी। इसीलिए उनके दबाव के चलते फिर बंदी का एलान हुआ। एसोसिएशन के महामंत्री राजन बहल ने बताया कि फिलहाल सोमवार से शुक्रवार तक कारोबार बंद रखने का फैसला किया गया है।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने जताई नाराजगी
पेंशनर्स कल्याण संस्था की बैठक शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर में कोषागार के समीप हुई। संगठन की अध्यक्षता, जिलाध्यक्ष राजेश्वर पांडेय और संचालन जिलामंत्री अवध नारायण पांडेय ने किया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि सरकार सेवानिवृत्त कर्मचारियों पर ध्यान नहीं दे रही है।
इस सरकार ने पहले पुरानी पेंशन का अधिकार छीना, अब जीएसटी लाकर सरकारी कर्मचारियों, पेंशनरों का जेब ढीला कर रही है।