वाराणसी: नागा आश्रम में लखनऊ से आए साधु की संदिग्ध हाल में मौत, चूहों ने कुतर डाले शव के पैर
लखनऊ के ठाकुरगंज स्थित कल्याण गिरी आश्रम से जोगेश्वरनंद गिरी सहित सात साधुओं का दल सात दिन पूर्व गायघाट स्थित नागा आश्रम आया था। शनिवार रात जोगेश्वरनंद गिरी का शव आश्रम के एक कमरे में संदिग्ध हाल में लटका मिला।
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वाराणसी के गायघाट स्थित नागा आश्रम में लखनऊ से आए साधु जोगेश्वरनंद गिरि (28 वर्ष) की संदिग्ध हाल में मौत हो गई। शनिवार रात आश्रम के कमरे में शव फंदे से लटकता हुआ मिला। हालांकि फंदे पर लटके साधु का पैर जमीन पर सटे होने के चलते इसे संदिग्ध भी माना जा रहा है।
चूहों ने पैर सहित अन्य शरीर के हिस्सों को कुतर डाले थे। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मंडलीय अस्पताल के मोर्चरी में रखवाया। पुलिस के मुताबिक रविवार सुबह पोस्टमार्टम कराया जाएगा। घटना की सूचना पाकर उच्चाधिकारी भी मौके पर पहुंचे।
हफ्ते भर पूर्व आए थे लखनऊ से काशी
लखनऊ के ठाकुरगंज स्थित कल्याण गिरी आश्रम से जोगेश्वरनंद गिरी सहित सात साधुओं का दल सात दिन पूर्व कोतवाली थाना अंतर्गत गायघाट स्थित नागा आश्रम में आया था। आश्रम के व्यवस्थापक नारायण गिरी के अनुसार बाकी साधु बृहस्पतिवार को ही लखनऊ स्थित आश्रम लौट गए लेकिन जोगेश्वरनंद गिरी आश्रम में ही ठहरे हुए थे।
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आश्रम के लोगों से की जा रही पूछताछ
मूलरूप से महाराष्ट्र के रहने वाले जोगेश्वरनंद गिरी ब्रह्मचर्य धारण करने करने के बाद लखनऊ स्थित आश्रम में रहते थे। कोतवाली पुलिस ने मृत साधु के कुछ साथियों से मोबाइल पर बातचीत की तो मालूम चला कि कुछ दिनों से जोगेश्वरनंद तनावग्रस्त और मोक्ष प्राप्त करने की बातें करते थे।
फिलहाल पुलिस ने कमरे को सील करते हुए अन्य सामान को जब्त कर लिया है। इंस्पेक्टर कोतवाली बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवाया गया है, आश्रम से जुड़े अन्य लोगों से पूछताछ की जा रही है।