वाराणसी: काशी विश्वनाथ धाम जाने का आसानी से मिलेगा रास्ता, शिवभक्तों के लिए 11 भाषाओं में लगाए जाएंगे संकेतक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 दिसंबर को काशी विश्वनाथ धाम का लोकार्पण किया था। देशभर से वाराणसी आने वाले श्रद्धालु आसानी से बाबा के धाम तक पहुंच सकें, इसके लिए प्रधानमंत्री के निर्देश के बाद जिला प्रशासन देश की 11 भाषाओं में संकेतक बोर्ड लगाने की तैयारी कर रहा है। शहर में प्रवेश मार्ग से लेकर बाबा के धाम तक यह संकेतक बोर्ड स्थापित होंगे।
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देश की सांस्कृतिक राजधानी काशी के लघु भारत स्वरूप को बाबा विश्वनाथ का धाम नई आभा प्रदान करेगा। विविधता में एकता को समेटे शिव का धाम अब पूरी तरह से श्रद्धालुओं को समर्पित हो चुका है। शिवभक्तों की सुविधा के लिए शहर में प्रवेश से लेकर धाम पहुंचने तक नई व्यवस्था बनाई जा रही है। अब देश भर से काशी आने वाले बाबा के भक्तों को धाम पहुंचने में किसी भी तरह की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
पुराणों के अनुसार भोले भंडारी शिव भक्तों की हर बात समझते हैं और भक्त भी अपनी भाषा में उन तक अपनी प्रार्थना पहुंचाते हैं। इसी को ध्यान में रखकर अब भक्तों की भाषा भक्तों को शिव के धाम आसानी से पहुंचाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धाम के निर्माण के बाद शिवभक्तों को काशी विश्वनाथ धाम पहुंचाने के लिए अब उनकी ही भाषा में संकेतक लगाने के निर्देश दिए हैं।
प्रधानमंत्री के निर्देश के बाद जिला प्रशासन देश की 11 भाषाओं में संकेतक बोर्ड लगाने की तैयारी कर रहा है। इसमें तेलगू, तमिल, कन्नड़, गुजराती, मैथिली, पंजाबी, राजस्थानी, मराठी, उड़िया, कोंकणी और बांग्ला भाषा में संकेतक बोर्ड लगाए जाएंगे।
शहर में प्रवेश मार्ग से लेकर बाबा के धाम तक यह संकेतक बोर्ड स्थापित होंगे। इसमें शिव के धाम की पौराणिकता से लेकर दर्शन पूजन तक की विस्तृत जानकारी भी होगी। बता दें कि श्री काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए संपूर्ण भारत के राज्यों से शिवभक्त आते हैं। इसमें सबसे अधिक संख्या दक्षिण भारतीय, मराठी, गुजराती भाषी श्रद्धालुओं की होती है। प्रधानमंत्री ने देर रात गोदौलिया क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान जगह-जगह लगे संकेतकों को देखकर श्रद्धालुओं की सुविधा के अनुसार उनकी भाषा में संकेतक लगाने के निर्देश दिए हैं।
धाम से हुई संस्कृत में लोकार्पण शिलापट्ट की शुरूआत
अखिल भारतीय संत समिति और श्री काशी विद्वत परिषद की पहल पर देश भर में होने वाले लोकार्पण समारोह के लिए लगने वाले शिलापट्ट पर अब संस्कृत भाषा में भी जानकारियां अंकित की जा रही हैं। इसकी शुरूआत श्री काशी विश्वनाथ धाम से पीएम ने कर दी है। इसके साथ ही अब देश भर में होने वाले शिलान्यास और लोकार्पण के शिलापट्ट पर संस्कृत में जानकारियां दर्ज होंगी।