Varanasi: कैंट स्टेशन पर जल्द शुरू होगा रोपवे का काम, 43 साल पुरानी पानी की टंकी तोड़ी जाएगी
वाराणसी में रोपवे बनाने के लिए काशी विद्यापीठ के पास काम शुरू हो गया है। कैंट स्टेशन पर अभी पानी की टंकी, सीवरेज आदि की शिफ्टिंग होनी है। कार्यदायी संस्था की ओर से कैंट स्टेशन पर भी जल्द कार्य शुरू कराया जाएगा।
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वाराणसी में रोपवे बनाने के लिए काशी विद्यापीठ के पास काम शुरू हो गया है। कैंट स्टेशन पर अभी पानी की टंकी, सीवरेज आदि की शिफ्टिंग होनी है। कार्यदायी संस्था की ओर से कैंट स्टेशन पर भी जल्द कार्य शुरू कराया जाएगा। इसको लेकर परिसर में बोर्ड लगा दिया गया है।
सड़क से करीब 50 मीटर ऊपर रोपवे का निर्माण होना है। इसको दो साल में बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए काम शुरू हो गया है। कैंट स्टेशन परिसर में 1980 बनी 2.25 लाख लीटर पानी क्षमता वाली टंकी तोड़ी जाएगी। इस पानी की टंकी से रेलवे स्टेशन के सभी प्लेटफार्मों पर बने कुल 33 वाटर बूथों पर पानी की सप्लाई की जाती है। इसके लिए रेलवे से भी सहमति मिल चुकी है।
बीते 24 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोपवे का शिलान्यास किया था। स्टेशन निदेशक कैंट गौरव दीक्षित ने कहा कि रोपवे का पहला स्टेशन कैंट रेलवे स्टेशन पर होगा। पानी टंकी, सीवरेज आदि की शिफ्टिंग के बाद काम शुरू होना है। रूट डायवर्जन में कुछ संशोधन किया जाना है, जिसे एक-दो दिन में फाइनल कर लिया जाएगा।
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कैंट से पार्किंग स्थल भी हटेगा, यात्री आश्रय होगा शिफ्ट
रोपवे के पहले स्टेशन के लिए कैंट रेलवे स्टेशन परिसर स्थित यात्री आश्रय को शिफ्ट किया जाएगा। सड़क उस पार की जमीन और वाहन स्टैंड को भी खाली कराया जाएगा। क्योंकि, इसी के ऊपरी हिस्से से रोपवे का रास्ता होगा।
गंगा घाट और विश्वनाथ धाम जाना होगा आसान
कैंट से गोदौलिया के बीच संचालित होने वाली रोपवे परियोजना को सर्वसुलभ बनाया जा रहा है। इसी रूट से यात्रियों के गंगा घाट, काशी विश्वनाथ मंदिर, संकटमोचन हनुमान मंदिर, कालभैरव मंदिर को भी जोड़ा जा रहा है, जहां कि सबसे ज्यादा लोगों का आवागमन होता है।