फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Bhadra-free Raksha Bandhan Auspicious timing Sun and Jupiter in exalted signs create special alignment

भद्रा मुक्त रक्षाबंधन: सुबह 5:41 बजे से विशिष्ट मुहूर्त, सूर्य और गुरु उच्च राशि में बना रहे योग; 11 महायोग

Fri, 28 Aug 2026 05:01 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Fri, 28 Aug 2026 05:01 AM IST
सार

इस बार रक्षाबंधन भद्रा मुक्त रहेगा। पर्व पर सुबह 5:41 बजे से 9:18 बजे तक राखी बांधने का विशिष्ट मुहूर्त है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार 11 महायोग में रक्षाबंधन मनाया जाएगा। सूर्य और गुरु के उच्च राशि में होने से विशेष योग बन रहा है। भक्त अपने आराध्य को भी राखी बांधेंगे और दिनभर पर्व का उल्लास रहेगा।

विज्ञापन
Bhadra-free Raksha Bandhan Auspicious timing Sun and Jupiter in exalted signs create special alignment
रक्षाबंधन पर राखी बांधने का शुभ मुहूर्त। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

श्रावण पूर्णिमा पर आज रक्षाबंधन मनाया जाएगा। इस बार एक दिन पहले ही यानी बृहस्पतिवार को ही भद्रा का साया खत्म हो गया। पूर्णिमा तिथि लगने के साढ़े नौ घंटे तक भद्राकाल रहा। इस बार 27 साल बाद 11 महायोग पर बहनें भाई को राखी बांधेंगी। रक्षाबंधन पर राखी बांधने का 5:41 बजे से 9:18 बजे तक विशिष्ट मुहूर्त है। 

विज्ञापन


रक्षाबंधन पर बहन अपने भाई के मस्तक पर टीका लगाकर रक्षा बांधेंगी। इस बार सूर्य और गुरु अपने उच्च राशि पर विशिष्ट योग बना रहे हैं। इसके चलते नए शुभ योग बन रहे हैं, जो फलदायी होगा। 
विज्ञापन


श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के पूर्व अध्यक्ष व प्रख्यात ज्योतिषविद प्रो. नागेंद्र पांडेय ने बताया कि श्रावण पूर्णिमा तिथि बृहस्पतिवार को सुबह 8:31 बजे लगी जो अगले दिन शुक्रवार को सुबह 9:18 बजे तक रहेगी। मगर उदया तिथि मान्य होने से रक्षाबंधन शुक्रवार को ही पूरा दिन मनाया जाएगा। वहीं, भद्रा पूर्णिमा शुरू होने के साथ रात में 8:54 बजे तक रहा। इसलिए रक्षाबंधन पर इसका कोई साया नहीं रहेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

शुक्रवार को सुबह रक्षाबंधन के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 5:41 बजे से 9:18 बजे तक विशिष्ट माना गया है। उन्होंने बताया कि इस दिन शतभिष नक्षत्र रहेगा। अति गंड योग, शोभन, श्रीवत्स, सोम्य, विजय योग रहेगा। ग्रहों के गोचर के चलते रक्षाबंधन पर चंद्रादि और बुध आदित्य, विमल विपरीत राजयोग, धन, उभयचरी योग, शकट और सुनफा योग जैसे योग का भी निर्माण हो रहा है। प्रो. नागेंद्र पांडेय ने बताया कि रक्षाबंधन पर रक्षासूत्र बांधते समय कर्मकांडी पंडित या आचार्य येन बद्धो बलिराजा दानवेन्द्रो महाबल:। तेन त्वामपि बध्नामि रक्षे मा चल मा चल... का उच्चारण करते हैं, तो इसका संबंध राजा बलि से स्पष्ट रूप से दृष्टिगोचर हो जाता है।

उच्च राशि में होंगे चंद्रमा और सूर्य रक्षाबंधन पर ग्रह गोचर के अनुसार चंद्रमा कुंभ राशि और सूर्य अपनी स्वराशि सिंह में रहेंगे। सूर्य के सिंह राशि में होने से अत्यंत प्रबल माने जाते हैं। साथ ही गुरु अपनी उच्च राशि कर्क में होंगे, जो ज्ञान, विद्या, यश और बुद्धि देंगे।

गोपाल मंदिर में ठाकुर जी को भक्त बांधेंगे राखी रक्षाबंधन पर वैष्णवजन विशेष पूजा भी होती है। चौखंभा स्थित षष्ठपीठ गोपाल मंदिर में पीठाधीश्वर गोस्वामी श्याम मनोहर महाराज परिवार के साथ ठाकुर जी राखी बांधेंगे। इसके साथ वैष्णवजन रक्षाबंधन का पर्व मनाएंगे। इस्कॉन मंदिर, हरे रामा हरे कृष्ण सोसाइटी की अगुवाई में अनुयायी राधा-कृष्ण को राखी बांधेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed