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नए साल से फिर चलेगी काठमांडू के लिए बस
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वाराणसी। सात माह से बंद भारत-नेपाल मैत्री बस सेवा एक बार फिर शुरू होने जा रही है। इसके संचालन के लिए कवायद शुरू हो गई है। बनारस मंडल ने काठमांडू तक जाने वाली बस शुरू कराने के लिए उत्तर प्रदेश परिवहन निगम मुख्यालय को पत्र लिखा है। माना जा रहा है कि नए साल में बस का संचालन शुरू हो जाएगा। अभी तक सिर्फ नेपाल सरकार की 44 सीटर एसी बस वाराणसी कभी-कभी आ रही है।
अप्रैल 2019 से वाराणसी-काठमांडू बस सेवा बंद है। मार्च 2016 में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पुलिस लाइन से हरी झंडी दिखाकर भारत-नेपाल मैत्री बस का शुभारंभ किया था। एक वाल्वो बस बनारस मंडल तो दूसरी बस नेपाल सरकार की ओर से चलाई जाती थी। दो साल तक तो इस बस में सीट पाने के लिए यात्रियों को पहले से बुकिंग करानी पड़ती थी। वाराणसी-आजमगढ़-गोरखपुर-सोनौली चार ठहराव और लगभग 15 घंटे में बनारस से काठमांडू पहुंचाने वाली बस कैंट रोडवेज बस स्टेशन से रोजाना रात दस बजे चलती थी। काठमांडू स्थित पशुपतिनाथ के दर्शन सहित नेपाल घूमने वालों के लिए यह बस प्राथमिकता में रहती थी।
---कोट-----
पर्यटन के लिहाज से यह बस महत्वपूर्ण है। परमिट के लिए मुख्यालय को पत्र लिखा गया है। एक-डेढ़ माह के अंदर बस का संचालन संभव माना जा रहा है। -केके शर्मा, आरएम
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अप्रैल 2019 से वाराणसी-काठमांडू बस सेवा बंद है। मार्च 2016 में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पुलिस लाइन से हरी झंडी दिखाकर भारत-नेपाल मैत्री बस का शुभारंभ किया था। एक वाल्वो बस बनारस मंडल तो दूसरी बस नेपाल सरकार की ओर से चलाई जाती थी। दो साल तक तो इस बस में सीट पाने के लिए यात्रियों को पहले से बुकिंग करानी पड़ती थी। वाराणसी-आजमगढ़-गोरखपुर-सोनौली चार ठहराव और लगभग 15 घंटे में बनारस से काठमांडू पहुंचाने वाली बस कैंट रोडवेज बस स्टेशन से रोजाना रात दस बजे चलती थी। काठमांडू स्थित पशुपतिनाथ के दर्शन सहित नेपाल घूमने वालों के लिए यह बस प्राथमिकता में रहती थी।
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पर्यटन के लिहाज से यह बस महत्वपूर्ण है। परमिट के लिए मुख्यालय को पत्र लिखा गया है। एक-डेढ़ माह के अंदर बस का संचालन संभव माना जा रहा है। -केके शर्मा, आरएम
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