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वाराणसी: पीपीपी मॉडल पर मिलेगी अल्ट्रासाउंड की सुविधा
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जिले में चयनित निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर गर्भवती महिलाएं निशुल्क जांच करवा सकेंगी। पीपीपी मॉडल पर शुरू इस सुविधा के तहत निजी केंद्रों पर जांच कराने वाली महिलाओं को ‘ई-रुपी’ बारकोड दिया जाएगा। जांच केंद्र संचालक की ओर से बारकोड के स्कैन करने के बाद उनके खाते में अल्ट्रासाउंड जांच का पैैसा चलाया जाएगा। अभी यह व्यवस्था काशी विद्यापीठ ब्लॉक के एक केंद्र पर शुरू किया गया है, जल्द ही बाकी जगहों पर भी लाभ मिलने लगेगा।
जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम (जेएसएसके) और प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के तहत हर माह की 9 और 24 तारीख को गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व निशुल्क अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा दी जाती है। सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि अब तक पीपीपी मॉडल पर चलने वाले अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर काउंटर पर पर्चा बनवाकर जांच कराई जाती थी। इस सुविधा को पायलट परियोजना के तहत डिजिटलीकरण में बदल दिया गया है।
उन्होंने बताया कि गर्भवती के मुफ्त अल्ट्रासाउंड करने वाले निजी केंद्र को ई-रुपी के बारकोड से मौके पर ही भुगतान कर दिया जाएगा। डॉक्टर द्वारा अल्ट्रासाउंड लिखने के बाद लाभार्थी महिला के मोबाइल पर ई-रुपी का बारकोड मिलेगा। इसके बाद जेएसवाई के तहत चलने वाले केंद्र पर अल्ट्रासाउंड कराने के बाद जांच का पैसा सीधे केंद्र संचालक के पास पहुंच जाएगा।
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क्या है ई-रुपी वाउचर
ई-रुपी वाउचर एक क्यूआर कोड है, जिसे स्कैन करते ही पैसे एक अकाउंट से दूसरे अकाउंट में पहुंच जाते हैं। यह एक प्रीपेड वाउचर की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। लाभार्थी के मोबाइल पर यह बारकोड प्रदान किया जाएगा।
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जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम (जेएसएसके) और प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के तहत हर माह की 9 और 24 तारीख को गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व निशुल्क अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा दी जाती है। सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि अब तक पीपीपी मॉडल पर चलने वाले अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर काउंटर पर पर्चा बनवाकर जांच कराई जाती थी। इस सुविधा को पायलट परियोजना के तहत डिजिटलीकरण में बदल दिया गया है।
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उन्होंने बताया कि गर्भवती के मुफ्त अल्ट्रासाउंड करने वाले निजी केंद्र को ई-रुपी के बारकोड से मौके पर ही भुगतान कर दिया जाएगा। डॉक्टर द्वारा अल्ट्रासाउंड लिखने के बाद लाभार्थी महिला के मोबाइल पर ई-रुपी का बारकोड मिलेगा। इसके बाद जेएसवाई के तहत चलने वाले केंद्र पर अल्ट्रासाउंड कराने के बाद जांच का पैसा सीधे केंद्र संचालक के पास पहुंच जाएगा।
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क्या है ई-रुपी वाउचर
ई-रुपी वाउचर एक क्यूआर कोड है, जिसे स्कैन करते ही पैसे एक अकाउंट से दूसरे अकाउंट में पहुंच जाते हैं। यह एक प्रीपेड वाउचर की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। लाभार्थी के मोबाइल पर यह बारकोड प्रदान किया जाएगा।