{"_id":"5f99c7698ebc3e9bb4526895","slug":"polution-city-news-vns5553478159","type":"story","status":"publish","title_hn":"निर्माण कार्यों में मानकों की अनदेखी बढ़ा रही हवा में जहर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निर्माण कार्यों में मानकों की अनदेखी बढ़ा रही हवा में जहर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। शहर में चल रहे निर्माण कार्यों में मानकों की अनदेखी ने बनारस की हवा की गुणवत्ता को खराब कर दिया है। हालत यह है कि पीएम 2.5 का अधिकतम स्तर 323 और पीएम 10 का अधिकतम स्तर 406 तक पहुंच गया। बुधवार को वायु गुणवत्ता का स्तर 258 क्युबिक मीटर दर्ज किया गया। मौसम बदलने के साथ ही बनारस की हवा अब धीरे-धीरे खराब होने लगी है।
धूलकणों के हवा में जमा होने के कारण वायु गुणवता की खराबी ने सांस के रोगियों की परेशानी को बढ़ा दिया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों पर गौर करें तो पीएम 2.5 की औसत मात्रा 257 और पीएम 10 की औसत मात्रा 258 दर्ज की गई। निर्माणाधीन सड़कों से उठने वाली धूल और कूड़े से उठने वाले धुएं ने काशी की आबोहवा अब बदल गई है। यूं कहें तो काशी की हवा
में धूल के कणों की मात्रा अब बढ़ गई है। शहर के आंकड़ों पर गौर करें तो अर्दली बाजार में दोपहर में न्यूनतम एक्यूआई 165, चितरंजन पार्क में 137, कैंट रेलवे स्टेशन पर 136, पड़ाव में 123, भेलूपुर की 109, मलदहिया की 108, मंडुआडीह में 104, तरना में 102, सारनाथ में एक्यूआई 102 रहा। अर्दली बाजार, पंचक्रोशी मार्ग, चेतगंज, बांसफाटक मार्ग पर निर्माण कार्य निरंतर जारी हैं। वहीं मलबा उठाने के दौरान मानकों का ध्यान नहीं रखा जाता है। खुले ट्रक में ही मलबे को उठाकर शहर से बाहर ले जाया जाता है। इस दौरान उडने वाली धूल और सड़क पर गिरने वाला मलबा शहर की आबोहवा को सबसे अधिक खराब कर रहा है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी कालिका सिंह ने बताया कि शहर के कई क्षेत्रों में पानी छिड़काव का निर्देश दिया गया है। कई जगह निर्माण कार्य के कारण परेशानी अधिक हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
धूलकणों के हवा में जमा होने के कारण वायु गुणवता की खराबी ने सांस के रोगियों की परेशानी को बढ़ा दिया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों पर गौर करें तो पीएम 2.5 की औसत मात्रा 257 और पीएम 10 की औसत मात्रा 258 दर्ज की गई। निर्माणाधीन सड़कों से उठने वाली धूल और कूड़े से उठने वाले धुएं ने काशी की आबोहवा अब बदल गई है। यूं कहें तो काशी की हवा
विज्ञापन
में धूल के कणों की मात्रा अब बढ़ गई है। शहर के आंकड़ों पर गौर करें तो अर्दली बाजार में दोपहर में न्यूनतम एक्यूआई 165, चितरंजन पार्क में 137, कैंट रेलवे स्टेशन पर 136, पड़ाव में 123, भेलूपुर की 109, मलदहिया की 108, मंडुआडीह में 104, तरना में 102, सारनाथ में एक्यूआई 102 रहा। अर्दली बाजार, पंचक्रोशी मार्ग, चेतगंज, बांसफाटक मार्ग पर निर्माण कार्य निरंतर जारी हैं। वहीं मलबा उठाने के दौरान मानकों का ध्यान नहीं रखा जाता है। खुले ट्रक में ही मलबे को उठाकर शहर से बाहर ले जाया जाता है। इस दौरान उडने वाली धूल और सड़क पर गिरने वाला मलबा शहर की आबोहवा को सबसे अधिक खराब कर रहा है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी कालिका सिंह ने बताया कि शहर के कई क्षेत्रों में पानी छिड़काव का निर्देश दिया गया है। कई जगह निर्माण कार्य के कारण परेशानी अधिक हो रही है।
विज्ञापन