फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   PM narendra modi set goal for carpet export

पीएम मोदी ने 2022 तक कालीन निर्यात ढाई गुना करने का रखा लक्ष्य

Mon, 22 Oct 2018 05:06 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी Updated Mon, 22 Oct 2018 05:06 PM IST
विज्ञापन
PM narendra modi set goal for carpet export
नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र में रविवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बड़ा लालपुर स्थित दीनदयाल हस्तकला संकुल में चार दिवसीय इंडिया कार्पेट एक्सपो का शुभारंभ किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत दुनिया के 100 देशों को नौ हजार करोड़ रुपये का कालीन निर्यात कर रहा है।
विज्ञापन


हाथ से बने कालीन उत्पादन में भारत टॉप पर है। दुनिया भर के कार्पेट मार्केट का 35 प्रतिशत हिस्सा भारत निर्यात करता है। उन्होंने दो-तीन वर्ष में इसके 50 प्रतिशत तक होने का अनुमान और 2022 तक कारोबार के ढाई गुना करने का लक्ष्य रखा।
विज्ञापन


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत के ग्रामीण इलाकों में सूत काटने की परंपरा रही है। बनारस की जितनी पहचान संत कबीर से जुड़ी है, उतनी ही हस्तशिल्प से भी है। संत कबीर सूत भी काटते थे और उसके जरिए जीवन का संदेश भी देते थे। चरखा जीवन का सार है और जिसने इसको समझ लिया, उसने जीवन का महत्व समझ लिया। भारत में हस्तशिल्प को जीवन दर्शन से जोड़ा गया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रधानमंत्री ने इसे 25 हजार करोड़ तक पहुंचाने का आह्वान कारोबारियों-बुनकरों से किया। इसके साथ ही उन्होंने काशी के साथ-साथ देश के बुनकरों और शिल्पियों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी दी। मुद्रा योजना, बुनकरों की शिक्षा, पहचान योजनाओं के बारे में बताया। कहा, बुनकरों के जीवन को सरल बनाने के लिए हम लगातार प्रयास कर रहे हैं। 

38 देशों के 200 से ज्यादा खरीदार पहुंचे

PM narendra modi set goal for carpet export
कार्यक्रम का शुभारंभ करते पीएम मोदी - फोटो : amar ujala

36वें इंडिया कार्पेट एक्सपो की शुरुआत के पहले दिन 38 देशों के 200 से ज्यादा खरीदार तथा 150 भारतीय प्रतिनिधियों ने प्रदर्शनी में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। निर्यातकों और खरीदारों के बीच कालीनों की गुणवत्ता और खरीदारी आदि के लिए बातचीत शुरू हो गई है। 24 अक्तूबर तक चलने वाले एक्सपो का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से उद्घाटन किया। 

उन्होंने कहा कि आप सभी का बनारस में, बनारस के सांसद के नाते स्वागत करता हूं। बताया, भारत एक मात्र देश है, जो छोटे से छोटा और बड़े से बड़ा कार्पेट बनाता है। उन्होंने भदोही और श्रीनगर में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कॉर्पेट टेक्नोलॉजी को और समृद्ध बनाने और ‘जीरो इफेक्ट और जीरो डिफेक्ट’ के लिए प्रयास करने की बात कही।

मुद्रा योजना, पहचान पत्र, मेगा क्लस्टर योजना, स्किल डेवलपमेंट के प्रोग्राम के साथ-साथ आईआईसीटी भदोही में बीटेक कार्यक्रम शुरू करने की जानकारी दी। इसके बाद भदोही के सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने भदोही के विकास व जरूरतों के बारे में बताया।

इसके बाद वस्त्र मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बुनकरों से जुड़ी विकास योजनाओं पर प्रकाश डाला। साथ कार्पेट इंडस्ट्री के विकास की जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्धता जाहिर की।

डेविड समद ने 2019 से जुड़े कलर ट्रेंड की जानकारी के साथ ही बाजार की मांग के अनुरूप कालीन निर्माण के सूत्र बताए। विधायक भदोही रवींद्र नाथ त्रिपाठी ने एक्सपो को वाराणसी में आयोजित करने की मांग उठाई। 

प्रवासी भारतीय सम्मेलन के लिए तैयार रहने का आह्वान

PM narendra modi set goal for carpet export
हस्तकला संकुल में हुआ कार्यक्रम - फोटो : amar ujala
प्रधानमंत्री ने सभी उद्यमियों, व्यापारियों, बुनकरों व हस्तशिल्पियों को प्रवासी भारतीय सम्मेलन के मद्देनजर तैयार रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कला का प्रदर्शन करने का बड़ा अवसर आने वाला है। सम्मेलन में दुनियाभर से आने वाले व्यापारी काशी व आसपास के हस्तशिल्प के साथ-साथ हमारी सांस्कृतिक समृद्धि और ‘बदलती काशी’ का आनंद ले पाएंगे।

प्रधानमंत्री ने सभी को धनतेरस और दीपावली की अग्रिम बधाई देने के साथ ही ज्यादा मेहनत के लिए हौसला भी बढ़ाया। दशहरे के बाद उन्हें पहली बार टेक्नोलॉजी के माध्यम से वराणसी से जुड़ने का मौका मिला है। बोले, यह समय सबसे अधिक व्यस्तता वाला होता है। काम अधिक, मांग अधिक होता है और इसी समय श्रम व कला का पुरस्कार मिलता है।

दीनदयाल हस्तकला संकुल में पहली बार हो रहे इंडिया कार्पेट एक्सपो के लिए सभी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि दिल्ली के साथ-साथ वाराणसी में भारत के कार्पेट उद्योग के जरिए बुनकरों, व्यापारियों को कौशल व बेहतर उत्पाद दुनिया को दिखाने अवसर मिल रहा है। जिन लक्ष्यों को लेकर संकुल का निर्माण किया गया उनकी तरफ तेजी से हम बढ़ रहे हैं।
 
वाराणसी, भदोही, मिर्जापुर को कार्पेट का हब बताया। अब इसे एक्सपोर्ट का ग्लोबल हब बनाया जा रहा है। इससे पहले वस्त्र मंत्री ने भी संकुल की सार्थकता पर प्रकाश डाला। उद्यमियों, व्यापारियों और बुनकरों सहित टेक्सटाइल सेक्टर जुड़े सभी लोगों को पीएम ने ‘फाइव एफ’ का मतबल समझाया।
 
उन्होंने कहा कि सबसे पहले उत्पाद को ‘फार्म टू फाइबर’ फिर ‘फाइबर टू फैक्ट्री’, इसके बाद ‘फैक्ट्री टू फैशन’ और अंत में ‘फैशन टू फॉरेन’ से जोड़ना है। उन्होंने उत्पाद के ग्लोबलाइजेशन का मंत्र दिया। कहा कि इस आयोजन से उत्पाद का दुनियाभर में प्रचार होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed